गुरुवार, 14 सितंबर 2017

बुलेट ट्रेन तो ठीक अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो पर भी कुछ बता दो...खुशदीप

बुलेट ट्रेन का बड़ा हल्ला है...सरकार कह रही है कि अहमदाबाद और मुंबई के बीच 2022 से बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी...आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे...



जापान इस प्रोजेक्ट में साथ दे रहा है तो उम्मीद है कि टाइम से पूरा हो ही जाएगा...वैसे इसी बुलेट की चकाचौंध में मुझे कोई बताएगा कि वर्ष 2010 में शुरू किए गए ये दो प्रोजेक्ट फिलहाल किस स्टेज तक पहुंचे हैं- 

1. MEGA - मेट्रो एक्सप्रेस लाइन फॉर गांधीनगर एंड अहमदाबाद

2. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (सरदार सरोवर के पास साधु बेट में लगाई जाने वाली सरदार पटेल की प्रतिमा)

जहां तक MEGA यानि अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो की बात है तो इन दो शहरों की दूरी महज़ 26.5 किलोमीटर है...2010 में ये परियोजना मंज़ूर होने के बावजूद साकार रूप लेने में इतना वक्त क्यों ले रही है...

अब आते हैं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर...2014 लोकसभा चुनाव से पहले 2013 में इस परियोजना का बड़ा प्रचार-प्रसार किया गया था...टीवी पर तब इसके विज्ञापन भी खूब आए थे...

विश्व के सबसे ऊंचे स्मारक में स्थापित होने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए सरदार पटेल के जन्मदिन वाले दिन 31 अक्टूबर 2013 को शिलान्यास हुआ था. तब कहा गया था कि 600 फुट ऊंची इस प्रतिमा के लिए देश भर में घर घऱ से लोहा इकट्ठा किया जाएगा...लोहा इकट्ठा किया भी गया...लेकिन बाद में साफ़ किया गया कि इस लोहे का इस्तेमाल सरदार पटेल की प्रतिमा के लिए नहीं बल्कि प्रोजेक्ट से जुड़े दूसरे काम में किया जाएगा...अब सुना है कि इस मूर्ति का निर्माण चीन में कराया जा रहा है....

इसी मुद्दे पर इस साल फरवरी में विपक्षी नेता शंकर सिंह वाघेला (अब कांग्रेस छोड़ चुके) ने गुजरात विधानसभा में निशाना साधा था कि सरकार की ओर से हर बात पर मेक इन इंडियाकी दुहाई दी जाती है फिर सरदार पटेल की मूर्ति को चीन से क्यों बनवाया जा रहा है...इस प्रोजेक्ट का ठेका लार्सन एंड टुब्रो कंपनी के पास है...ये कंपनी ही मूर्ति को चीन से बनवा रही है...

 स्लॉग ओवर

बुलेट ट्रेन भारत की पटरियों पर जब दौड़ेगी सो दौड़ेगी, अभी तो सड़क पर दौड़ने वाली इस बुलेट ट्रेन से काम चलाइए...


2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (15-09-2017) को
    "शब्द से ख़ामोशी तक" (चर्चा अंक 2728)
    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हिन्दी दिवस की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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  2. आगामी विधानसभा चुनाव सामने है साहेब...

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