गुरुवार, 31 अगस्त 2017

खुश रहना इतना आसान है, करके तो देखिए...खुशदीप


सफलता = खुशी

अधिकतर लोग ऐसा ही समझते हैं...लेकिन वो ग़लत हैं...खुशी का विज्ञान हमें बताता है कि सही इसका उलट है...यानि

खुशी सफलता

सफलता आपके हाथ में नहीं होती...पूरे प्रयास करने के बाद ये आपको मिल सकती है और नहीं भी मिल सकती...लेकिन खुशी आपके हाथ में होती है...बस आस-पास थोड़ा ढ़ूंढने की कोशिश करनी होती है...छोटी छोटी बातों में आप खुशियां ढूंढने (या चुराने) का अभ्यस्त होना तो सीखिए...फिर देखिए आपका जीने का अंदाज़ ही कैसे बदल जाएगा...


ये करना कितना आसान है जानिए हैप्पीनेस के प्रोफेसर डॉ ताल बेन शहर से...बेन शहर अमेरिका की प्रतिष्ठित हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं...उनका पॉजिटिव साइकोलॉजी का कोर्स छात्रों में कितना लोकप्रिय है, ये इसी से अंदाज़ लगा लीजिए कि हर सेमेस्टर में 1400 छात्र इसके लिए एनरोल करते हैं...हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के 20 फ़ीसदी ग्रेजुएट्स इसे इलेक्टिव कोर्स के तौर पर चुनते हैं...


47 वर्षीय इस हैप्पीनेस गुरु के मुताबिक खुशी, आत्म सम्मान और प्रेरणा पर केंद्रित क्लास छात्रों को जीवन अधिक आनंद के साथ जीने के लिए सक्षम करती है...

बेन अपनी क्लास में छात्रों को 14 विशेष टिप्स पर फोकस करने के लिए कहते हैं...इससे ना सिर्फ उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है बल्कि वो आसपास के लोगों में भी सकारात्मकता का संचार करते हैं...

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आपको वो 14 टिप बताने से पहले खुशी सिखाने वाले इस प्रोफेसर के बारे में कुछ और बातें भी बता दूं...

-इस्राइली मूल के अमेरिकी नागरिक बेन कई बेस्टसेलर्स पुस्तकों के लेखक हैं...उनकी दो पुस्तकों  Happier (2007)  और Being Happy (2010)  दुनिया की 25 से ज़्यादा भाषाओं में अनुवादित हो चुकी हैं...

-उन्होंने हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी से ही मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र में ग्रेजुएशन करने के बाद ऑर्गेनाइजेशनल बिहेवियर में पीएचडी कर रखी है...

-बेन को दुनिया भर में मोटिवेशनल लेक्चर के लिए आमंत्रित किया जाता है...वो लीडरशिप, शिक्षा, मूल्यों, खुशी, आत्म सम्मान, लक्ष्य निर्धारण, लचीलेपन, ऊर्जावान मस्तिष्क आदि विषयों पर समान अधिकार के साथ बोलते हैं...

-यू ट्यूब पर उनके मोटिवेशनल वीडियो भी दुनिया भर में देखे जाते हैं...

-2011 में बेन ने एंगस रिगवे के साथ पोटेंशियालाइफकी स्थापना की....इसका मकसद दुनिया को खुशहाली के विज्ञान से समृद्ध करना है...

 चलिए अब लौटता हूं हैप्पीनेस गुरु की 14 टिप्स पर-

टिप नंबर 1 
ईश्वर का आभार

आपके पास जो कुछ भी है उसके लिए ईश्वर का आभार व्यक्त कीजिए...अपने जीवन की 10 उन चीज़ों को कागज़ पर लिखिए जो आपको खुशी देती हैं...सिर्फ अच्छी चीज़ों पर केंद्रित करें...

टिप नंबर 2  
30 मिनट का शारीरिक श्रम

शारीरिक श्रम या व्यायाम का अभ्यास कीजिए...विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम से मूड बेहतर होता है...30 मिनट का व्यायाम दु:ख और दबाव की सबसे अच्छी काट है...

टिप नंबर 3  
नाश्ता

कुछ लोग समय की कमी या वजन बढ़ने की आशंका के चलते नाश्ता नहीं करते...अध्ययन से ये प्रमाणित हुआ है कि नाश्ता आपको ऊर्जा देता है जो आपके सोचने की शक्ति को बेहतर करता है और आपको सफलतापूर्वक अपनी गतिविधियों को संपन्न करने में सहायक होता है...

टिप नंबर 4 
मुखर होना

आप जो चाहते हैं उसके लिए कहिए...आप जो सोचते हैं उसे कहिए...मुखर होना आपके आत्म-सम्मान को बेहतर करेगा...अलग थलग और ख़ामोश रहने से दुख और नाउम्मीदी बढ़ती है...

टिप नंबर 5 
अनुभवों पर निवेश

अनुभवों पर धन खर्च करो...एक अध्ययन बताता है कि 75 फ़ीसदी लोग जब यात्रा, कोर्स या ट्रेनिंग पर अपने पैसे का निवेश करते हैं तो उन्हें खुशी महसूस होती है...बाक़ी सिर्फ 25 फ़ीसदी का मानना था कि जब वे चीज़ें खरीदते हैं तो उन्हें प्रसन्नता मिलती है.


टिप नंबर 6 
चुनौतियों का सामना करना सीखिए

अध्ययन बताते हैं कि जब आप किसी चीज़ को जितना आगे के लिए लटकाए रखते हैं उतना ही वो आपकी बेचैनी और तनाव को बढ़ाता है...हर हफ्ते कुछ कामों का लक्ष्य तय कर एक छोटी लिस्ट पर लिखिए और उन्हें यथाशक्ति पूरा करने की कोशिश कीजिए...

टिप नंबर 7  
खुशनुमा यादों को सहेजना

अपने आसपास जीवन के सभी यादगार पलों को तस्वीरों, संदेशों के माध्यम से सहेज कर रखिए...इन्हें कंप्यूटर, डेस्क, कमरे, फ्रिज आदि सभी जगह किया जा सकता है...खूबसूरत यादों से भरी ज़िंदगी...

टिप नंबर 8  
मुस्कान ही काफ़ी

दूसरों का अभिवादन कीजिए...यथा संभव सभी से अच्छा बना रहने की कोशिश कीजिए...सिर्फ़ एक प्यारी सी मुस्कान से किसी का मूड बदला जा सकता है

टिप नंबर 9  
जूतों से मूड का नाता

आरामदायक जूते पहनिए...अगर आपका पैर आपको तकलीफ़ देता है तो आप मूडी हो जाते हैं...ये कहना है अमेरिकी ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ केंथ वापनर का...

टिप नंबर 10
उठने-बैठने. चलने-फिरने का अंदाज़

सीधा चलिए और अपने कंधों को थोड़ा पीछे की तरफ रखिए...ये आत्मविश्वास की पहचान है...शरीर को ढीला छोड़ कर रखने से आपको गंभीरता से लिए जाने की संभावना कम होती है...

टिप नंबर 11
संगीत से आनंद 

ये साबित हुआ है कि संगीत सुनने से आप गाने के लिए प्रेरित होते हैं...ये आपको आनंदित करता है...

टिप नंबर 12
खान-पान का असर

अपने भोजन का नागा मत कीजिए...हर 3-4 घंटे बाद कुछ हल्का खाइए...अपने ग्लूकोज़ लेवल को स्थिर रखिए...ज़्यादा मैदा और चीनी से बचिए...जो भी चीज़ स्वास्थ्यवर्धक हैं उन्हें बदल बदल कर खाइए...

टिप नंबर 13
अपनी फ़िक़्र कीजिए और स्मार्ट दिखिए

70 फ़ीसदी लोगों का मानना है कि वे जब समझते हैं कि आकर्षक दिख रहे हैं तो आनंदित अनुभव करते हैं....


टिप नंबर 14
उत्साह के साथ आस्था

भगवान में अगर आपका विश्वास है तो उसके बिना कुछ भी संभव नहीं है...अगर आप नास्तिक हैं तो अनास्था में भी एक तरह का आपका विश्वास ही होता है...


अंत में सौ बातों की एक बात...

खुशी एक रिमोट कंट्रोल की तरह है...जिसे हम अक्सर गुमा देते हैं...कई बार इसे ढूंढते ढूंढते हम दीवानगी की हद तक पहुंच जाते हैं...बिना जाने कि हम उसी के ऊपर बैठे हुए हैं...

It is very simple to be happy but it is very difficult to be simple...

#हिन्दी_ब्लॉगिंग

(नोट- स्कूल के दोस्त दीपक कपूर के एक संदेश से ये लेख लिखने को प्रेरित हुआ...आभार दीपक...)

4 टिप्‍पणियां:

  1. अपने आसपास की छोटी छोटी बातों में खुशी को महसूस करना ही अपने आपको जीवित रखना है

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (02-09-2017) को "सिर्फ खरीदार मिले" (चर्चा अंक 2715) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक

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  3. खुशी एक रिमोट कंट्रोल की तरह है...जिसे हम अक्सर गुमा देते हैं...कई बार इसे ढूंढते ढूंढते हम दीवानगी की हद तक पहुंच जाते हैं...बिना जाने कि हम उसी के ऊपर बैठे हुए हैं...

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  4. खुशी एक रिमोट कंट्रोल की तरह है...जिसे हम अक्सर गुमा देते हैं...कई बार इसे ढूंढते ढूंढते हम दीवानगी की हद तक पहुंच जाते हैं...बिना जाने कि हम उसी के ऊपर बैठे हुए हैं...
    👍👍 सच कहा हमेंशा गुम हो जाता है ख़ुशियों का रिमोट

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