रविवार, 21 अगस्त 2016

ओमरान को देख दुनिया रोई लेकिन वो खुद नहीं...खुशदीप






ओमरान दाकनीश अब ठीक है...3 साल के मासूम के ज़ख्मों को साफ कर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है...लेकिन ओमरान के साथ खेलने वाला उसका 10 साल का भाई अली दाकनीश अब इस दुनिया में नहीं रहा...शनिवार को उसकी अस्पताल में मौत हो गई...ओमरान के साथ उसके माता-पिता, एक भाई और दो बहनें ज़रूर सुरक्षित हैं...

युद्ध की मार झेल रहे सीरिया के एलेप्पो शहर से इस हफ्ते आई ओमरान की तस्वीर और वीडियो को जिसने भी  देखा वो विचलित हुए बिना नहीं रह सका...हवाई हमले के तत्काल बाद मलबे की धूल और ख़ून से सना ओमरान का सपाट चेहरा युद्ध की तबाही का प्रतीक बन गया है...ओमरान की ख़ामोशी चीख चीख कर कहती लगी, देख इनसान, तून्हें दुनिया को क्या बना दिया है...

यही वजह है कि सीएनएन जैसे पेशेवर और खांटी न्यूज़ चैनल की बेहद अनुभवी एंकर केट बोलडॉन भी ओमरान से जुड़ी रिपोर्ट दिखाते वक्त तमाम कोशिश के बाद भी अपने आंसुओं पर नियंत्रण नहीं रख सकीं...

ये वही एंकर हैं जो अपने सख्त सवालों से किसी की भी छुट्टी कर देने के लिए जानी जाती हैं...लेकिन ओमरान की रिपोर्ट दिखाते वक्त उनका दूसरा चेहरा ही दिखा...लगा कि उनके अंदर की मां ओमरान को इस हाल में देखकर विचलित है...और दौड़ कर ओमरान को एंबुलेंस की कुर्सी से उठाकर गले लगा लेना चाहती है...वैसे जिसने भी ओमरान की तस्वीर या वीडियो देखा, उस का यही मन किया....



अब सुनिए, सीएनएन एंकर केट ने रिपोर्टिंग के वक्त रूंधी आवाज में क्या कहा..."जिस चीज़ ने मुझे स्ट्राइक किया वो है कि हम सब की आंखें गीली हैं, लेकिन इस बच्चे की आंख में एक भी आंसू नहीं है। वो एक बार भी नहीं चिल्लाया। तय है कि वो पूरी तरह सदमे में है। ओमरान को एंबुलेंस में छोड़ा गया है, अकेले बहते ख़ून के साथ..बचावकर्मी फिर मलबे के बीच गए हैं, ये तलाशने की शायद कोई और जीवित वहां फंसे हों...ओमरान हैरान है कि कुछ लम्हे पहले वो अपने घर में सुरक्षित था। युद्ध और अफरातफरी के उन्माद और हड़बड़ी में सब खो गया...

रिपोर्ट के आखिर में केट फूट फूट कर रो पड़ी। ये कहते हुए- "ये ओमरान है। ये ज़िंदा है। हम चाहते हैं कि आप ये बात जानें...



ओमरान का ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर्स और नर्स ने बताया कि अस्पताल में भी वो पूरी तरह ख़ामोश रहा...बस एक दो बार अपने मां-बाप के बारे में पूछा...डॉक्टर्स ने ये भी बताया कि उसी दिन ओमरान की तरह 15 साल से कम उम्र के दर्जन से ज़्यादा बच्चे ट्रीटमेंट के लिए लाए गए...

ओमरान के वीडियो को पहले दो दिन में ही दुनिया में डेढ़ करोड़ से ज़्यादा लोग देख चुके हैं...ओमरान के पिता अबू अली अब किसी से भी बात करते डर रहे हैं...उन्हें ख़ौफ़ है कि ओमरान के चेहरे के सिंबल बन जाने की वजह से उनके परिवार को सीरिया सरकार समर्थित सैनिक कहीं नुकसान ना पहुंचाएं...ओमरान का परिवार जिस अपार्टमेंट में रहता था वो एलेप्पो के बाह्य क्षेत्र में स्थित है...ये इलाका विद्रोहियों के कब्ज़े वाला माना जाता है....ये साफ़ नहीं हुआ कि ओमरान का घर सीरियाई सेना के हवाई हमले में ध्वस्त हुआ या सीरियाई राष्ट्रपति असद के समर्थक रूस के हवाई हमले में...हालांकि रूस की और से ऐसी किसी कार्रवाई से इनकार किया गया है...

बताया गया है युद्ध क्षेत्र में नागरिकों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स ने कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को सख्त चिट्ठी लिखकर नाराज़गी जताई थी...इस चिट्ठी में कहा गया था कि यहां के नागरिकों को आपके आंसुओं और हमदर्दी की ज़रूरत नहीं है...दुआएं भी नहीं चाहिएं...उन्हें बस एक्शन चाहिए...जिससे कि निर्दोषों के मारे जाने का सिलसिला बंद हो सके...

दुनिया की महाशक्तियों के दंभ और उनकी कठपुतलियों ने कई इलाकों को दोज़ख़ बना दिया है...यही वजह है कि आतंक फैलाने के जो भी असल में ज़िम्मेदार हैं, उनके ख़िलाफ़ एकजुट होकर ठोस लड़ाई नहीं हो पा रही है...काश इनसान को अक्ल आए और निर्दोषों के मारे जाने का सिलसिला बंद हो...फिर किसी ओमरान का लाख सवाल करता ऐसा चेहरा दुनिया को ना देखना पड़े...काश...

आमीन...

4 टिप्‍पणियां:

  1. बेहद दुखद और मार्मिक , अंदर तक हिल गया खुशदीप भाई
    क्या दोष है इस बच्चे का मानवता के दुश्मन कब समझेंगे इसके सूखे आंसुओं का दर्द ...
    राक्षस हैं ये युद्ध की बातें करने वाले !
    बस !

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    1. सही कहा सतीश भाई युद्ध के बोल बोलना बहुत आसान है...उनसे पूछो जो इसका दंश झेलते हैं, चाहे वो सैनिक हों या निर्दोष नागरिक...

      सबको सम्मति दे भगवान...

      जय हिंद...

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