मंगलवार, 16 जून 2015

‘मन का लैंडस्केप' एक बार पढ़ें ज़रूर...खुशदीप


ब्लॉगिंग में मेरे छह साल पूरे होने को आ गए हैं। सोशल मीडिया के कई मंचों को आज़माने के बाद मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि खुद को व्यक्त करने के लिए ब्लॉगिंग से अच्छा मंच और कोई नहीं है। लेकिन इसका ये अर्थ भी नहीं कि फेसबुक और ट्विटर जैसे मंचों की उपयोगिता नहीं है। ये भी सशक्त माध्यम हैं। आपको इन सभी माध्यमों का उचित सामंजस्य के साथ इस्तेमाल करना आना चाहिए।


ख़ैर यहां मैं ब्लॉगिंग की बात कर रहा हूं। विशेष तौर पर हिंदी ब्लॉगिंग की। छह साल की ब्लॉगिंग के बाद मैं कह सकता हूं कि यहां अब भी अधिकतर वही लोग लिख रहे हैं, पढ़े जा रहे हैं, जो इस सदी के पहले दशक में यहां प्रतिस्थापित हो चुके थे। हिंदी ब्लॉगिंग को धार देने के लिए ज़रुरी है कि बड़ी संख्या में नवहस्ताक्षर भी इसके साथ जुड़ें। 

मुझे खुशी है कि मैंने पहले हिंदी ब्लॉगिंग के तीन नवहस्ताक्षरों http://ishwarkipehchan.blogspot.in/   

http://rasbatiya.blogspot.in/ 

और

http://www.nayidiary.com/

का परिचय कराया था और अब वे तीनों ही अपनी सशक्त लेखनी से विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। 

ऐसे ही अब एक और नवहस्ताक्षर का परिचय हिंदी ब्लॉग जगत से कराने जा रहा हूं। मुझे उम्मीद ही नहीं पूरा भरोसा है कि ये ब्लॉग भी अपने लेखन की सहज शैली से हिंदी ब्लॉगिंग में शीघ्र ही अपना एक अलग स्थान बना लेगा। मेरे कहने पर एक बार इस ब्लॉग को पढ़ें अवश्य। ब्लॉग का नाम ही अपने आप में बहुत कुछ कहता है- 



कृपया इस ब्लॉग पर अपनी टिप्पणी से मार्गदर्शन करना नहीं भूलिएगा।


  

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