शनिवार, 23 मई 2015

एक साल पूरा, दुख भरे दिन बीते रे भईया...खुशदीप

दुख भरे दिन बीते रे भईया...
अब सुख आयो रे...
रंग जीवन में नया छायो रे...

एक साल पहले देशवासियों के अच्छे दिन आ गए थे...मोदी जी आ गए थे...क्या कहा...अभी नहीं आए अच्छे दिन...एक तो आप सब ना बेसब्रे बहुत हैं...बस चाहते हैं कि पलक झपके और सब हो जाए...आपके लिए सरकार दिन-रात एक करे दे रही है और आप हैं कि केजरीवाल हुए जा रहे हैंं...एक साल पूरा होने पर मोदी सरकार ने जो 10 संकल्प लिए है, उससे बस ये समझो कि आपका उद्धार निश्चित है...इनके अमल में आने से अच्छे दिन तो क्या अच्छी रात भी आ जाएंगी...नहीं विश्वास होता तो इस लिंक पर खुद ही पढ़ कर देख लीजिए....
एक साल पूरा होने पर मोदी सरकार के 10 संकल्प

1 टिप्पणी:

  1. भई सहगल जी,
    की गल्लाँ कर रहे सी गे... सरकार तो रात दिन एक कर दे रही है तो साड़ा दिन और रात दोनों अच्छे कैसे हो सकदे नें या तो रातें अच्छी होंणगी या दिन .
    एक्को ही हो जाए बहुत है गी है.

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