बुधवार, 26 फ़रवरी 2014

ब्लॉगिंग 'पप्पू-फेंकू' से कहीं ऊपर...खुशदीप

लोकसभा चुनाव सिर पर हैं...यक़ीनन सोशल मीडिया और ब्लॉगिंग भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं...मेनस्ट्रीम मीडिया चुनाव से जुड़ी पल पल की ख़बरें लोगों तक पहुंचाने के लिए कमर कस रहा है...लेकिन जहां तक मुद्दों के विश्लेषण का प्रश्न है तो सोशल मीडिया कहीं ज़्यादा विश्वसनीय साबित हो रहा है...

कहा जा रहा है कि ये लोकसभा चुनाव देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं...लेकिन मेरा कहना है कि चुनाव कोई भी हो हमेशा महत्वपूर्ण ही होते हैं...राजनीतिक आग्रह से ज़्यादा मेरी फ़िक्र ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर है...ये सत्य है कि देश के हर नागरिक को किसी भी राजनीतिक सोच में विश्वास रखने का पूरा अधिकार है...इसी अधिकार का चुनाव में मुक्त प्रयोग ही तो हमारे लोकतंत्र की ख़ूबसूरती है...

ठीक है हम पॉलिटिकल एक्टिविस्ट हैं तो किसी भी हद तक अपनी पार्टी और अपने नेता की सपोर्ट में जा सकते हैं...लेकिन जहां तक ब्लॉगिंग और फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस जैसे सोशल मीडिया के टूल्स का सवाल है तो हमें देखना चाहिए कि हम देश के हित के लिए इनका कैसा सदुपयोग या दुरुपयोग कर रहे हैं...

'पप्पू', 'फेंकू' या 'खुजलीवाल' जैसे संबोधनों का हम अधिक से अधिक इस्तेमाल कर अपमैनशिप दिखा सकते हैं...मेरा प्रश्न ये है कि एक दूसरे की काट में नेताओं के भद्दे चित्र बना कर, पैरोड़ी लिखकर हम सिद्ध क्या करना चाहते हैं...क्या यही स्वस्थ हास्य होता है...अगर जो रचनात्मकता हम ऐसे कार्यों में दिखा रहे हैं वहीं देश के ज्वलंत मुद्दों को सुलझाने में अपना वैचारिक योगदान देकर करें तो क्या वो इस देश के लिए अधिक उपयोगी नहीं होगा...

नेता कितना भी विलक्षण क्यों ना हो, अकेले वो कोई चमत्कार नहीं कर सकता...इस देश में चमत्कार तभी होगा जब हम इस देश के एक अरब, तीस करोड़ नागरिकों में से हर कोई नवनिर्माण में अपना योगदान देगा...ये तभी होगा जब हर कोई सिर्फ जागेगा नहीं बल्कि उठेगा...

Don’t just awake, but rise. Rise as an individual to transform this country into a better place to live in.

राजनीतिक प्रतिबद्धता को थोड़ी देर के लिए भूल जाइए...चुनाव के बाद कोई भी पार्टी दिल्ली की गद्दी पर विराजमान हो, अपने चुनाव घोषणा पत्र को लागू करेगी...चुनाव से पहले इस वक्त हर राजनीतिक पार्टी के दिग्गज चुनाव घोषणा पत्र तैयार करने में लगे हैं...ऐसे में पार्टी कोई भी हो अगर वो देश को बेहतर बनाने के लिए आपसे सुझाव आमंत्रित करती है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए...और हमें भी प्रबुद्ध नागरिक के नाते अपना वैचारिक सहयोग देने के लिए आगे आना चाहिए...सब मिल कर राय रखें, विमर्श करें, उनमें से जो बेहतर सुझाव सामने आएं, उन पर अमल कराने के लिए जी-जान से कोशिश की जाए...क्या ये अधिक सार्थक नहीं होगा, हमारे लिए, आपके लिए और इस देश के लिए...या फिर ये अधिक अच्छा है कि सोशल मीडिया पर बस अनर्गल प्रलाप किया जाता रहे...

Yes, We Can....Yes, We Feel....
मुझे ब्लॉगर के नाते कांग्रेस की ओर से ऐसे ही एक आयोजन का न्योता मिला...वहां जिन मुद्दों पर विमर्श किया गया- वो थे कि 1.कैसे देश के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी तानेबाने को अक्षुण रखा जाए, 2.कैसे नवपरिवर्तन के लिए युवाशक्ति को संलग्न किया जाए, 3. घर-घर में निर्णय प्रक्रिया में कैसे महिलाओं की भागीदारी बढ़ा कर उन्हें सशक्त किया जाए और 4. कैसे हर स्तर पर शासन को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए...इनके अलावा अन्य किसी मुद्दे पर भी अपनी राय दी जा सकती थी....कार्यक्रम के दौरान छह घंटे तक विमर्श हुआ...इस मंथन से कई अच्छे सुझाव भी सामने आए....अब जिस पार्टी ने ये आयोजन किया, उसकी ये ज़िम्मेदारी बन जाती है कि वो ईमानदारी से इन्हें अपने घोषणापत्र में स्थान दें...

अगर कोई और पार्टी भी इस तरह का आयोजन करती है और ब्लॉगर के नाते मुझे न्योता देती है तो मैं वहां भी अपने विचार रखने के लिए जाऊंगा...चुनाव की प्रक्रिया के दौरान इस तरह की बहस में जनता की भागीदारी स्वस्थ परंपरा की शुरुआत है, इसका स्वागत किया जाना चाहिए...

आखिर ये देश हम सबका है, और हम सबको ही इसकी बेहतरी के बारे में सोचना है...ज़रूरत है तो बस राजनीतिक कटुता से ऊपर उठने की...समस्या की पहचान से ज़्यादा समस्या के निदान की...सुझाव किसी की बपौती या जागीर नहीं....अच्छे सुझाव इस देश में कोई भी नागरिक दे सकता है, और हमें उनको खुले दिल से प्रोत्साहन देना चाहिए...

छोड़ो कल की बातें,
कल की बात पुरानी,
नए दौर में लिखेंगे,
मिलकर हम नई कहानी,
हम हिंदुस्तानी, हम हिंदुस्तानी....









Keywords: Good Governance, Innovation, New India, Role of Blogging, Social Media, Women empowerment, Youth Power

शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2014

हम हैं नया भारत, हम हैं नई झंकार...खुशदीप

वक्त आता है जब गौर से सुनते हैं हम कोई पुकार,
और हम सब भारतीय हो जाते हैं एक आकार,


ऐसे लोग हैं जिन्हें है बस जीने की दरकार,
ये वक्त है ज़िंदगी को एक हाथ देने का,
यही है सबसे बड़ा पुण्य, सबसे बड़ा उपहार,.
कितने दिन हम बहाने बना करते रहेंगे इंतज़ार,
कि कोई आएगा, और कर देगा चमत्कार,
हम हिस्सा हैं जिसके वो है एक बड़ा परिवार,
और वो सच, जिसे सब जानते हैं,
दूसरों का जो दर्द समझे, वही सबसे बड़ा फनकार,

हम हैं नया भारत, हम हैं नई झंकार,
हम हैं नया भारत, हम हैं नई झंकार...

हम मिल कर बनेंगे बदलाव के मूर्तिकार.
बनना है हमें नई मुहिम का हिस्सेदार,
एक ही ख्वाहिश हमारी हो स्वीकार,
हम अपना वजूद रखें बरकरार,
हौसला यही, यक़ीन यही,
करेंगे मैं और तुम, बेहतर कल को साकार.

हम है नया भारत, हम हैं नई झंकार,
हम है नया भारत, हम हैं नई झंकार...

उन्हें बस कराना है उस दिल का दीदार,
दूसरों का दर्द देख जो धड़कता है हर बार,
यही देगा उन्हें मज़बूत होने का आधार,
हम जानते हैं, हम मानते हैं,
एकजुट आगे बढ़ेंगे तो नहीं कोई रास्ता दुश्वार,
पूरी दुनिया करे हमारे लोकतंत्र की जयकार

हम हैं नया भारत, हम हैं ऩई झंकार,

हम हैं नया भारत, हम हैं नई झंकार...








Keywords:compassion, Lionel Richie, Love, Michael Jackson, New India, unity, We Are the World",

बुधवार, 12 फ़रवरी 2014

देशनामा नहीं आपका प्यारनामा...खुशदीप

 नवाज़िश, करम, मेहरबानी, शुक्रिया...

कितना कुछ भी क्यों ना कह लूं लेकिन आप सब के प्यार का कर्ज़ नहीं चुका सकता...ये सब  आप की दुआओं का नतीजा है कि देशनामा को ब्लॉग अड्डा Win14 में हिंदी कैटेगरी में टॉप ब्लॉग घोषित किया गया है...ब्लॉग अड्डा ने आधिकारिक तौर पर आज ई-मेल के ज़रिए
मुझे ये सूचना दी...






अभी मुझे देशनामा की मेरी ट्रॉफी तो नहीं मिली लेकिन उसकी शक्ल ऐसी होगी...ये ट्रॉफी फोटोग्राफी और वीडियो कैटेगरी में जोशी डेनियल को मिली है...

ब्लॉग अड्डा ने 9 फरवरी को मुंबई के कोर्टयार्ड, मेरियट होटल में Win14 के नाम से पहली बार भव्य ब्लॉगिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया ...इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर शेखर कपूर ने शिरकत की...शेखर कपूर खुद भी ब्लॉगर हैं...उन्होंने एक घंटे के अपने संबोधन में बताया कि किस तरह ब्लॉगिंग और सोशल मीडिया की वजह से समाज में बदलाव आया है...


शेखर कपूर के साथ वसुंधरा दास, अनग देसाई, कवि अरसु, कार्ल गोम्स और एकलव्य भट्टाचार्य जैसी हस्तियां भी ब्लॉगर्स से रू-ब-रू हुईं...दिन भर चले इस कार्यक्रम में 200 ब्लॉगर्स के अलावा सोशल मीडिया एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया...रवि सुब्रह्मण्यम और किरन मनराल जैसे नामचीन लेखकों ने लेखन और ब्लॉगिंग स्किल्स पर ब्लॉगर्स के साथ अपने अनुभव बांटे...कवि अरसु ने अपनी ब्लॉगिंग यात्रा का दिलचस्प ढंग से ब्योरा दिया...प्रसिद्ध ट्रैवल ब्लॉगर अनुराधा गोयल के ट्रैवलिंग से जुड़े संस्मरणों ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया...ब्रैंड्स और एडवरटाइजिंग के ब्लॉगिंग से रिश्ते पर अनग देसाई, मनु प्रसाद और लक्ष्मीपति भट्ट ने प्रकाश डाला...


युवाशक्ति की रुचि से जुड़े मुद्दों पर एकलव्य भट्टाचार्य, वसुंधरा दास और कार्ल गोम्स के पैनल के साथ इंटरएक्टिव सेशन हुआ...कॉन्फ्रेंस में अनिल पी ने बताया कि ब्लॉग की किस्सागोई में फोटोग्राफ कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं...म्युज़िक जर्नलिस्ट अर्जुन रवि और दिग्गज टैक्नोलॉजी ब्लॉगर अमित अग्रवाल ने अपनी सफल ब्लॉग गाथा का उल्लेख किया...प्रसिद्ध फूड ब्लॉगर कल्याण करमाकर ने फूड ब्लॉगिंग वर्कशाप की अगुआई की...जयहिंद टीवी के अभिज्ञान झा ने बताया कि किस तरह ब्लॉग के लिए प्रीमियम वीडियो कंटेट बनाया जा सकता है...पूरे इवेंट को बड़े प्रभावशाली ढंग से अश्विन मुशरान ने होस्ट किया...इस दौरान स्टैंडअप कामेडियन जमशेद राजन ने दर्शकों को अपनी चुटकियों से खूब गुदगुदाया...

कार्यक्रम के अंत में 16 कैटेगरी में टॉप ब्लागर्स के नामों का ऐलान किया गया...इनमें हिंदी में देशनामा का नाम शामिल था...क्रिएटिव राइटिंग में डॉ रोशन राधाकृष्णन और फैशन कैटेगरी में रोक्सेन डिसूजा समेत सभी विजेता ब्लॉगर्स के नाम इस लिंक पर देखे जा सकते हैं...
इवेंट को अविस्मरणीय बनाने के लिए ब्लॉग अड्डा के फाउंडर और सीईओ नीरव सांघ्वी ने सभी ब्लॉगर्स और उपस्थित मेहमानों का शुक्रिया अदा किया...




मैं भांजी की शादी में व्यस्त रहने के कारण चाह कर भी 9 फरवरी को मुंबई नहीं जा सका...इसका मुझे हमेशा मलाल रहेगा...अवार्ड्स के लिए जूरी ने हिंदी में नामांकित ब्लॉग्स में फाइनल राउंड के लिए 9 ब्लॉग्स को चुना था...जनवरी के आखिरी हफ्ते में इन ब्लॉग्स के लिए पब्लिक से खुली वोटिंग कराई गई...आयोजकों के अनुसार ब्लॉग को टॉप चुने जाने में 80 प्रतिशत जूरी के मत और 20 प्रतिशत वोटिंग की हिस्सेदारी थी...

मेरे लिए ये दुगनी खुशी का मौका इसलिए भी है, क्योंकि चार दिन पहले ही देश के एक और अग्रणी ब्लॉगिंग मंच इंडीब्लॉगर्स ने पिछले साल पॉलिटिकल न्यूज कैटेगरी में देशनामा को मिली ट्रॉफी मेरे पते पर भेजी थी...





देशनामा के लिए ये गौरव आप सब मित्रों की दुआओं और पाठकों के निरतंर मिलते रहे प्यार के बिना संभव नहीं था...इसलिए आखिर में मेरा ये प्रिय गाना फिर से आप सब की नज़र...