शुक्रवार, 25 अक्तूबर 2013

चले गए जहां से हम...खुशदीप



मन्ना डे  (1 मई 1919 - 24 अक्टूबर 2013)
मधुशाला...ये सुनते ही आप को किस की याद आती है...हरिवंश राय बच्चन जी की...या फिर मधुशाला को ओजस्वी आवाज़ में गाते बच्चन जी के यशस्वी पुत्र अमिताभ बच्चन की...लेकिन
क्या आपने मन्ना डे दादा की आवाज़ में मधुशाला को सुना है...जयदेव के संगीत निर्देशन में मन्ना डे के गायन से सजी मधुशाला को जिसने भी सुना होगा, वो ज़रूर जानता होगा इसका जादू....यकीन मानिए जब मैंने पहली बार मन्ना डे की गाई मधुशाला को सुना था तो सुध-बुध खो बैठा था...ना जाने कितनी बार सुना, फिर भी कभी मन नहीं भरा...जिसने मन्ना डे की आवाज़ में मधुशाला को नहीं सुना है, वो सिर्फ एक बार मेरे कहने पर इसे गंभीरता से पूरा सुन ले...अगर ना अलौकिक आनंद की प्राप्ति हो, तो मुझे कहिएगा....लीजिए पहले इस लिंक पर इसे सुनिए, फिर कुछ कहिएगा...

http://gaana.com/#!/streamalbums/manna-de-madhushala

यू-ट्यूब के लिंक पर यहां सुन सकते हैं...इस लिंक पर शुरू में हरिवंश राय बच्चन जी की आवाज़ को भी सुना जा सकता है...


बुधवार, 16 अक्तूबर 2013

रावण को दस सिरों ने बड़ा दुख दीना...खुशदीप




रावण अगर नेता होता तो एक वक्त पर दस रैलियों को संबोधित कर सकता था...

रावण को कोई चाय के एक कप पर इन्वाइट करना मुश्किल था, क्योंकि उसके लिए दस कप का इंतज़ाम करना पड़ता...

रावण सामान्य दरवाजों से नहीं निकल सकता था...

रावण किसी आटो या कार में सारे सिर अंदर कर के नहीं बैठ सकता था...

रावण कभी दाईं या बाईं करवट नहीं सो सकता था...

रावण का डेन्टिस्ट हमेशा कन्फ्यूज़ ही रहता था कि 320 दातों में से कौन सा दांत चेक करूं....

रावण कभी केबीसी का होस्ट नहीं बन सकता था क्योंकि वो एक वक्त में दस सवाल करता...

रावण कभी टी-शर्ट नहीं पहन सकता था...पहनता भी तो पहले टांगे अंदर करनी पड़ती...

रावण के लिए रेन-कोट बनाना डिजाइनर्स के लिए चैलेंज था...

रावण अगर फौज में ऑफिसर होता तो सिपाहियों को हर बार दस बार सैल्यूट मारना पड़ता...

रावण एक वक्त में दस तरह के हेयर-स्टाइल्स रख सकता था...लेकिन नाई को दसों चेहरों पर मूंछों का स्टाइल एक जैसा रखने में नानी याद आ जाती थी...

रावण एग्जाम में अच्छी तरह नकल मार सकता था...दो आंखें अपने पेपर पर और 18 आंखें इधर-उधर...

रावण जब भी युद्ध पर जाता था तो उसकी पत्नी को दस बार फ्लाइंग किस करना पड़ता था...

रावण को फेसबुक पर स्पेशल अकाउंट के लिए अर्ज़ी देनी पड़ी क्योंकि उसके दस चेहरों को दिखाने के लिए अतिरिक्त स्पेस की आवश्यकता थी...

रावण को ग्रुप डिस्कशन में कोई नहीं हरा सकता था...

टी-20 या वन-डे क्रिकेट मैच में रावण बोलिंग नहीं कर सकता था...एक ही बार में दस खिलाड़ियों के ओवर माने जाते...

आभार...https://www.facebook.com/RavanaProblems