बुधवार, 19 सितंबर 2012

हिल ढुल सब शेकअपम...खुशदीप



सर्जरी हो गई है...गाल ब्लैडर रिमूव करने के साथ जिन दो स्टोन्स ने पिछले तीन महीने से परेशान कर रखा था, वो भी निकाल दिए गए हैं...सर्जरी के बाद पिछले पांच दिन से पेट में डला हुआ एक ड्रेन भी निकाला गया...सर्जरी तो ज़ाहिर है एनेस्थीसिया के असर में हुई थी, क्या हुआ था कुछ पता नहीं चला...लेकिन मेरे होशोहवास में सर्जन ने जब पेट से एक झटके में ड्रेन निकाला तो कुछ क्षणों के लिए हुए भीषण दर्द ने सारे पूर्वज याद दिला दिए...​

सर्जन ने हैवी पेन किलर देते हुए एक हफ्ता और आराम के लिए कहा है...अभी कमज़ोरी काफ़ी है...इसलिए वक्त बेड पर लेटे ही गुज़र रहा है...नेट​पर भी कुछ देर में थक जाता हूं, पहली बार लेटे लेटे सर्फिंग करते टीवी देखने पर पता चल रहा है कि केबल वाला कितने चैनल दिखाता है...



रिमोट के बटन बार बार बदलता हूं तो हर तीसरे चौथे चैनल पर रानी मुखर्जी पर फिल्माया अय्या फिल्म का गाना दिख रहा है...
ड्रीमम वेक अपम क्रिटिकल कंडीशनम​,
​अर्थम क्वेकपम हिल ढुल सब शेकअपम​........ ...  

गाने के बोल हालिया हिट हुए वाय दिस कोलावरी, कोलावारी, कोलावरी डी जैसे ही साउथ चार्टबस्टर की याद दिला रहे हैं...इससे पहले दर्द से मेरा भी सब हिल ढुल सब शेक अपम करने लगे, इस पोस्ट को यही विराम देता हूं...पूरी तरह ठीक होने पर इस गाने​ ​पर विस्तार से कुछ मज़ेदार ज़रूर लिखूंगा, ये वादा रहा...

17 टिप्‍पणियां:

  1. चलो ये ठीक हुआ. अब तकलीफ से तो निजात मिली...

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  2. जल्दी ठीक हो जाइये और लिखिए मजेदार ..इंतज़ार रहेगा.

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  3. भरपूर पोस्‍ट लिखें, इंतजार है.

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  4. कोई पन्द्रह वर्ष पहले मेरी माँ का भी ऐसा ही आपरेशन हुआ था जिस में उन का गालब्लेडर निकाल दिया गया था। लेकिन उन के शरीर में कोई दूसरी ट्यूब नहीं छोड़ी गई थी। एक बार में ही सब कुछ ठीक हो चला था। लगता है अब सर्जरी का विकास अधिक पीड़ादायक दिशा में हो चला है।
    पिछले शनिवार को दिल्ली में ही था। शनिवार को दिल्ली रुकना और आप की तरफ आना तय था। लेकिन शनिवार को काफी देर हो गई वापस फरीदाबाद लौटना पड़ा। तकरीबन आधी रात बदरपुर से पैदल फरीदाबाद में प्रवेश करते समय भीगे तो सुबह तक जुकाम हो गया। फिर दिल्ली आने के बजाये एक दिन विश्राम के बाद कोटा के लिए लद लिए। मैं तो एक दिन के विश्राम के बाद ठीक हो गया। श्रीमती जी अभी तक संक्रमण से परेशान हैं। आप से मिलने की तमन्ना रह गयी। अगली यात्रा में आप से मिलना पक्का रहा।
    स्वास्थ्य का ध्यान रखिए। गाल ब्लेडर निकल जाने के बाद वसायुक्त भोजन नहीं खा सकेंगे।
    आशा है जल्दी ही पूर्ण स्वस्थ हो जाएंगे और लेखनी का जलवा फिर देखने को मिलेगा। वैसे इस पोस्ट में भी जलवे की कोई कमी नहीं है।

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  5. जल्द स्वस्थ हों ...
    आपकी पोस्ट कि प्रतीक्षा है खुशदीप भाई !

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  6. जल्दी ठीक हो जायें...


    jai baba banaras....

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  7. रोग निकल गया , अब जल्दी ठीक हो जायेंगे .
    शुभकामनायें .

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  8. अरे मियाँ हल्का सा आपरेशन था -आप तो पूरे नवाब बन गए हैं !
    उठिए काम पर चलिए ! हाँ गाल ब्लैडर की बायप्सी रिपोर्ट देख लीजियेगा !
    बस इतना ही महत्वपूर्ण है !

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  9. चलिये अब कुछ दिनो मे बिलकुल ठीक हो जायेगे.... लेकिन समझ नही आता आप किस कसाई डा० के हाथ लग गये, जो इतनी दर्द दे गया.. या फ़िर आप का पहला अप्रेशन होगा जो आप घबरा गये, चलिये भगवान की दया ओर डा० की मेहरबानी से सब ठीक ठाक हो गया,*** पथरी को ध्यान से देख ले आप के अंदर से ही निकाली हे या सडक से ऊठा के आप को पकडा दी ओर बिल बना दिया.:)****शेर बनो जी जितनी जल्दी चलना फ़िरना शुरु करोगे उतनी जल्दी आराम आयेगा, ताकत आयेगी चलिये हमारी शुभकामनाऎ.

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  10. शायद अब लोगो का व्यवहार ही ऐसा हो गया है कि ज़िंदा रहने के लिए दिल पत्थर सा करना पड़ता है , तभी बर्दाश्त हो पाता है और वही पत्थर सब इकट्ठा होकर अन्दर पथरी बन जाता है | चलिए आपकी पथरी निकल गई | हँसते खिलखिलाते रहिये और शीघ्र स्वस्थ हो कर हम लोगों को अच्छा अच्छा पढने को उपलब्ध कराते रहिये |

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  11. यह ख़ुशी की बात है की आप देश्नमा पर हैं... रब से दुआ है जल्द से जल्द पूरी तरह से ठीक होकर पुराने अंदाज़ में वापिस आ जाएं!

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  12. ऑपरेशन के बाद भी बहुत सावधानी बरतनी पड़ेगी, ध्‍यान रखिएगा। जल्‍दी ही स्‍वस्‍थ हो, शुभकामनाएं।

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