तुलसी की जगह Money Plant ने ले ली,
चाची जी की जगह Aunt ने ले ली...
पिताजी जीते-जी Dad हो गए,
आगे और भी है, आप तो अभी से Glad हो गए...
जीती-जागती मां बच्चों के लिए Mummy हो गई,
10 रुपए की Maggi जो इतनी Yummy हो गई...
भाई Bro हो गए, बहन Sis हो गई,
दादा-दादी की हालत तो टाएं-टाएं Fiss हो गई...
दिन भर बेटा Chatting ही नहीं करता
रात में मोबाइल पर Setting भी करता है...
बड़ी बुरी दशा Nurse के Mister की हो गई,
बेचारे की तो बीवी भी Sister हो गई...
मुन्नी-शीला बदनाम हो सिनेमा में Fit हो गई,
चिकनी चमेली भी पऊआ चढ़ा के Hit हो गई...
(ई-मेल पर आधारित )





नए जमाने की जय हो!
ReplyDeleteजय हो, नये जमाने में तो सब बदला जा रहा है।
ReplyDeleteसत्य वचन आज के माहौल के हिसाब से सही है।
ReplyDeleteGreat work Khushdip ji.
ReplyDeleteFits perfectly in the modern era.
यह रचना जरूर मक्खन ने लिखी होगी ....
ReplyDeleteशुभकामनायें !
बड़ी बुरी दशा Nurse के Mister की हो गई,
ReplyDeleteबेचारे की तो बीवी भी Sister हो गई...
हा हा हा !
सही मूड फ्रेश किया है ।
बढ़िया है..
ReplyDeleteबढ़िया... परम सत्य लिखा है।
ReplyDeleteयही है आज की दुनिया
ReplyDeleteहर उम्र के लोंग जूते हैं तो बेटा पीछे क्यों रहे.
ReplyDeleteजुटे..
ReplyDeleteवैसे जुते भी फिट ही हो रहा है ..