गुरुवार, 23 फ़रवरी 2012

माय नेम इज़ ख़ान एंड आई एम ए...खुशदीप​




जो पहले कभी छोटे नवाब थे...अब बड़े नवाब हैं...अब नवाब साहब से कोई आवाज़ नीची करने के लिए कहने की गुस्ताख़ी कैसे कर सकता है...वो भी जब नवाब साहब के साथ उनकी होने वाली बेगम भी मौजूद थी...बस ठनक गया नवाब का माथा...जड़ दिया इकबाल पर घूंसा और कर लिया अपना इकबाल बलंद...बदनाम हुए तो क्या, नाम तो हुआ...घर के प्रोडक्शन की फिल्म की रिलीज़ से पहले मुफ्त की पब्लिसिटी का जुगाड़ और हो गया...नवाब सैफ़ अली ख़ान की करतूत की हर इच्ची-बिच्ची तो आप तक पहुंच ही गई है...मैं उन्हें दोहराने नहीं जा रहा...मैं तो सैफ़ के इस कारनामे पर न्यू मीडिया पर ली गई कुछ चुटकियों को आप तक पहुंचा रहा हूं...​
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​ये सैफ़ अली ख़ान की पहली 'सोलो हिट' है...​
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​पटौदी गांव के लोगों की नवाब के लिए पसंद  'सेफ़' नहीं है..​
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​ताज होटल में दक्षिण अफ्रीका के एनआरआई पर हमला बताता है कि ताज होटल काफ़ी अन'सेफ़'  है...​
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​वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेन्मेंट (WWE ) ने शाहरुख़ और सैफ़ को पांच साल के कांट्रेक्ट के लिए साइन कर लिया है...​​​
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​PICK THE  ODD MAN OUT का नया सवाल...चार विकल्प हैं-
1.सलमान ख़ान 2. शाहरुख़ ख़ान 3. सैफ़ अली ख़ान 4. आमिर ख़ान

करन जौहर माय नेम इज़ ख़ान का सीक्वेल बनाने जा रहे हैं...इसके लिए शाहरुख़ के साथ उन्होंने सैफ़ को भी साइन किया है...इस फिल्म का नाम है- अवर नेम्स आर ख़ान'स एंड वी आर डेफिनेटली...  ​​

18 टिप्‍पणियां:

  1. 3 खानों में भी शामिल नहीं करेंगे लिस्ट भी नहीं बढ़ाऐंगे तो कोई और क्या करेगा

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  2. माय नेम इज़ ख़ान एंड आई एम ए...खुशदीप​
    :-) :-) (बहुत अजीब लग रहा है नाम के साथ पढ़ना)अगर आपसे कहूँ कि इस शिर्षक के साथ नाम न लिखें तो? ....

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  3. system ki badlot saaf bach nikaltae haen
    abhi halla hona baaki celebrity ko target kar rahae haen

    aur yae jo aap ne odd man out ki list dee haen us mae aamir khan in sab sae vaahiyaat haen kyuki khulae aam mahilaa sae yaun sambandh rakhatae aur bachchae bhi paedaa kartae haen
    ek article to in par bhi bantaa haen khushdeep jaraa net khagaalae london ki reporter kaa vakyaa milaegaa aur juhi chawala sae inki ladaii kaa kaarn jag jahir haen hi

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  4. सत्‍ता और नवाबी का गुरूर बहुत बड़ा होता है।

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  5. खुशदीप भैया... मेरा यह मानना है कि पैसे से ताक़तवर इंसान के लिए हर चीज़ माफ़ है...... जो हर तरफ से कमज़ोर होते हैं.... वो इन कैपिटीलिस्ट्स को सिर्फ गाली ही दे सकते हैं... सैफ के मामले में ऐसा नहीं है कि सिर्फ उसी की गलती होगी.... कोई भी इंसान इतना पागल नहीं होता.. कि बिना मतलब में किसी को मार दे... (और अगर सक्षम है तो बिना मतलब में भी लोगों को मारना चाहिए.... अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए... मेरा मानना है).... अगर कोई भी आदमी अपनी गर्ल फ्रेंड/बीवी/पार्ट टाइम आईटम/फॉर द टाइम बींग गर्ल फ्रेंड/ के साथ होगा और कोई उसकी आयिड़ेंटीटी को छेड़ेगा तो मारना उसका हक है...जब आदमी बड़ा बन जाता है या हो जाता है... वो यह सब काम बहुत ही मजबूरी में करता है... कुछ ऐसा ही इस बेचारे सैफ के मामले में हुआ होगा.. ... जब अड्रेनलिन और टेस्टोस्टेरौन लेवल हाई होगा ... तो यह होगा ही होगा... ऐसे किस्से बहुत आम है... फर्क सिर्फ इतना है कि बेचारा खानदानी कैपिटीलिस्ट् है... इसीलिए बात उछल गई...

    बलवान, रूपवान, विद्वान्, और धनवान इंसान का ना कोई धर्म होता है ना ही कोई ज़ात (अपने आस-पास ढेरों एक्ज़ाम्पाल पड़े है..) .... जिस में यह चारों वान होंगे... उससे ...'आम" वान (common man) चिढेगा ही...

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  7. पैसा, रुतबा और शोहरत अच्छे-अच्छो का दिमाग खराब कर देती है...

    लेकिन यह भी सच है की हर सिक्के के दो पहलू होते हैं... पता नहीं अन्दर की बात क्या है, इसलिए बिना दूसरा पहलू जाने कुछ भी कहना मुश्किल है...

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  8. कहीं बाहर होते तो अब तक किसी मामले में सजा हो गई होती लेकिन सौभाग्य है कि अभी तक बचे हैं. यदि मेरी याददाश्त सही है तो हिरन (चिंकारा) का मामला भी तो है...

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    1. भारतीय नागरिक जी सही कह रहे हैं...हम साथ साथ हैं फिल्म के दौरान हुए वाकये में सलमान के साथ ये जनाब भी थे...इसके अलावा पटियाला में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान ये पत्रकार से भी भिड़ चुके हैं...बाद में माफ़ी मांग कर खुद को केस दर्ज़ होने से बचाया था...​
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      ​जय हिंद...

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  9. पहले हम इन्हे सर पै बिठाते हे, इन के फ़ेन बन कर...तभी यह ऎसी हरकते करते हे, यह सब युरोप मे जब आते तो धक्के खाते हे, कोई इन्हे नही पुछता, कई बार होटल वालो से पीटते पीटते बचे हे, इन्हे एक ही सवाल आता हे तुम नही जानते मै कोन हुं ? सामने वाला इन्हे कहता हे साले तुं कोई भी हो यह होटल तेरे बाप का नही निकाल पैसे... कई कहानी हे इन फ़िल्मी नटॊ की क्रिकेट के खिलाडियो की...भारत मे असल मे कोई कानून नही इस लिये यह शेर बने हे, एक बार भारत से बाहर शेर बन कर दिखाये.लेकिन युरोप मे बसे भारतिया उन लोगो को गले भी लगाते हे जो प्यार से मिलते हे, ओर इस जैसे को जुते भी मारते हे

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  10. होने वाली खूबसूरत बीबी के साथ सुन्दर साली भी हो तो कोई भी ख़ान बन सकता है :)

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  11. नबाबों की कमी नहीं..एक ढूंढो हजार मिलते हैं :)

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  12. शिखा जी की बात में दम है.
    दराल जी का तो कहना ही क्या है.
    राज भाटिया जी राज की बाते बता रहे हैं.
    मरने दीजिए इन खानों को.
    खुशदीप भाई, आप तो खुशियों के दीप जलाते रहिये बस.

    क्या आपको 'मेरी बात....' अच्छी लगी.
    यदि हाँ तो क्यूँ नहीं आये आप 'मेरी बात...' पर.

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