आजकल पैसे निकालने के लिए सभी एटीएम का इस्तेमाल करते हैं...चार दिन पहले नोएडा में एक ऐसी घटना हुई जिसके फलस्वरूप एटीएम से पैसा निकालने के वक्त सभी को सावधानी बरतने की ज़रूरत है...अगर आप एटीएम से निकालने के लिए गए और कार्ड स्वैप करने की प्रक्रिया के बाद भी रकम न निकले तो मशीन को ख़राब समझ कर यूहीं न लौटें...एटीएम से बाहर आने से पहले कैंसल का बटन ज़रूर दबाएं...हो सकता है कि बाहर कोई ठग आपको चूना लगाने के लिए तैयार खड़ा हो...नोएडा के सेक्टर 20 थाने की पुलिस ने ऐसे ही दो जालसाज़ों को गिरफ्तार किया है...ये एटीएम मशीन के कीबोर्ड पर क्विकफिक्स लगाकर लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालते थे..
नोएडा के सेक्टर दो में एसबीआई के एटीएम में घुसे इन दोनों युवकों पर पुलिस की अचानक ही नज़र पड़ गई...शक होने पर पुलिस ने दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से क्विकफिक्स की ट्यूब और एक खराब एटीएम कार्ड मिला..रिश्ते में जीजा-साले इन दोनों युवकों से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सारा राज़ सामने आ गया...दरअसल ये एटीएम के एंटर बटन पर क्विकफिक्स लगा देते थे...जब एटीएम पर आने वाला कोई व्यक्ति पिनकोड और अमाउंट डालने के बाद एंटर का बटन दबाता तो वो दबता ही नहीं था...थोड़ी देर झक मारने के बाद वो व्यक्ति बाहर आ जाता...तो पहले से ही आस-पास मंडरा रहे जालसाज़ एटीएम में घुस जाते और तेज़ी से एंटर बटन से क्विकफिक्स को किसी नुकीली चीज़ से हटाने के बाद एंटर का बटन दबा देते...ऐसा करने से जो व्यक्ति रकम भर कर छोड़ गया था, उसकी वो रकम बाहर निकल आती...दोनों आरोपियों ने कबूल किया है कि वो दिल्ली और आसपास इसी तरीके से कई लोगों की रकम उड़ा चुके हैं...
दोनों आरोपियों के निशाने पर खास तौर पर एसबीआई के एटीएम रहते हैं...आरोपियों के मुताबिक एसबीआई के ज़्यादातर एटीएम पुराने स्टाइल के हैं...जिनमें कार्ड स्वैप करने के बाद उसे बाहर रखकर ही पूरा प्रोसेस करना पड़ता है...जबकि दूसरे प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के एटीएम में कार्ड को अंदर डालने के बाद ही प्रोसेस शुरू होता है...ऐसी मशीनों में क्विकफिक्स का हथकंडा काम नहीं करता...
इसलिए आप भी अगर एसबीआई के एटीएम से पैसा निकालने जाए और ऐसी स्थिति का सामना करें तो सावधान रहें....
(स्रोत....13 दिसंबर को अमर उजाला में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर)





आप कितने ही आविष्कार कर लो, चोर आपसे आगे निकल जाते हैं। तभी तो चोरी को भी कला ही कहा जाता है। सावधानी तो कदम-कदम पर जरूरी है।
ReplyDeleteबहुत सनसनीखेज जानकारी ।
ReplyDeleteअपना अकाउंट चेक करना पड़ेगा , कहीं चूना लग न चुका हो ।
वैसे यह भी सही है कि चोर उचक्के हमसे दो कदम आगे चलते हैं । फिर कोई और तरीका निकाल लेंगे । लेकिन सावधानी बरतना तो ज़रूरी है ।
इस चाल को उजागर करने के लिए शुक्रिया।
ReplyDeletedhanywad veerji....
ReplyDeletepranam.
बढ़िया जानकारी दी आपने ...
ReplyDeleteऔरों को बताना पड़ेगा ...शुभकामनायें आपको !
बढ़िया जानका....
ReplyDeletejai baba banaras....
बहुत काम की जानकारी दी।
ReplyDeleteबढ़िया जांकरिपूर्ण आलेख शुक्रिया
ReplyDeleteसावधानी के लिए अपने अकाउंट पर मेसेज सर्विस को आन करवाएं |
ReplyDeleteटिप्स हिंदी में
यदि इससे आधी बुद्धि भी कुछ काम के आविष्कार करने में लगाते तो हमारा समाज कहाँ का कहाँ पहुँच गया होता! किन्तु बुद्धि तो सारी खुराफातों में खर्च हो जाती है.
ReplyDeleteअधिक उम्र के लोगों को बहुत सतर्क रहना पड़ेगा.
घुघूतीबासूती
सावधानी हटी, दुर्घटना घटी.
ReplyDeleteआगाह करने का आभार , आगे से कैंसल कर के आयेंगे।
ReplyDeleteलोग महफूज रहें इस बला से.
ReplyDeleteबढिया जानकारी।
ReplyDeleteवैसे चोरों का क्या.... वो तो एटीएम मशीन ही उठा ले जाते हैं......
आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......
ReplyDeleteलगता है कि एँटर बटन केवल एस.बी.आई. की मशीन में ही दबाना पड़ता है । एस.बी.आई. को अपना सॉफ़्टवेयर अपग्रेड करना चाहिये ऐसी मशीनों के लिये, वैसे हमने कई जगह टच स्क्रीन वाले ए.टी.एम. भी देखे हैं।
ReplyDeleteसचेतक पोस्ट....
ReplyDeleteसादर आभार...
हे भगवान
ReplyDeleteबडी ही कमाल की और बिल्कुल अनोखी जानकारी दी आपने खुशदीप भाई । शुक्रिया
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