शनिवार, 22 अक्तूबर 2011

दूध का गिलास...खुशदीप


 एक गरीब लड़का स्कूल जाने से पहले दरवाज़े-दरवाज़े जाकर चीज़ें बेचा करता था...एक दिन उसकी ज़ेब में दस सेंट का सिक्का ही था और उसे भूख लग रही थी...उसने सोचा अब जो भी घर आएगा, वहां वो कुछ खाने को मांग लेगा...उसने दरवाज़े पर नॉक किया...एक सुंदर सी महिला ने दरवाज़ा खोला...लड़का हिचकिचा गया और खाने की जगह सिर्फ पानी पिलाने का ही आग्रह किया...लेकिन महिला को लड़के की शक्ल से ही पता चल गया कि वो भूख से परेशान है...महिला ने लड़के को बड़े गिलास में दूध लाकर दिया...



लड़के ने धीरे से दूध पिया और फिर पूछा...आपको मैंने कितने पैसे देने हैं...इस पर महिला का जवाब था...कुछ नहीं, मेरी मां ने मुझे सिखाया है, किसी ज़रूरतमंद की मदद के लिए कोई कीमत नहीं वसूलनी चाहिए...

इस पर लड़के ने कहा...तो मैं दिल से आपका शुक्रिया करता हूं...

उस लड़के ने घर से निकलते हुए न सिर्फ अपने को मज़बूत महसूस किया बल्कि उसका ईश्वर और मानवता में विश्वास भी बढ़ गया था...

कई साल बाद जिस महिला ने लड़के को दूध पिलाया था, वो गंभीर रूप से बीमार पड़ गई...स्थानीय डॉक्टरो को उसकी बीमारी ठीक से समझ नहीं आई...महिला को इलाज के लिए बड़े शहर में रेफर कर दिया गया...वहां महिला की दुर्लभ बीमारी को डिस्कस करने के लिए नामी स्पेशलिस्ट्स को बुलाया गया...उन्हीं में डॉ हॉवर्ड कैली भी थे...

अत्यंत व्यस्त रहने वाले डॉ कैली महिला के इंस्पेक्शन के लिए उसके वार्ड में आए....डॉ कैली ने बेहोश महिला के चेहरे को कुछ देर तक गौर से देखा...थोड़ी देर मौन रहने के बाद उन्होंने जूनियर डॉक्टर से कन्सल्ट किया...जूनियर डॉक्टर ने महिला के बचने की कोई उम्मीद नहीं बताई...डॉ कैली ने महिला के सारे पेपर अपने केबिन में मंगाए...फिर शुरू हुई महिला को बचाने की जंग...डॉ कैली की कड़ी मेहनत रंग लाई...महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा...एक दिन महिला के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने की बारी भी आ गई...


Dr. Howard Kelly


महिला के इलाज के फाइनल बिल साइन होने के लिए डॉ कैली के पास भेजे गए...डॉ कैली ने बिल देखने के बाद उसके साइड पर नोट लिखा और महिला के पास भेज दिया...महिला ये सोच कर परेशान थी कि अब उसका सब कुछ हॉस्पिटल के इस मोटे बिल को चुकाने में ही चला जाएगा...महिला ने बिल की रकम देखने के लिए डरते-डरते लिफाफा खोला...महिला की नज़र बिल के कोने में पेन से लिखी एक मोटी इबारत पर गई...लिखा था...








"बिल का पूरा भुगतान कई साल पहले हो चुका है, दूध के एक गिलास से...."

(Signed) Dr. Howard Kelly

महिला की आंखों में आंसू थे...आंसुओं के उसी धुंधलके के छटने पर रूम के दरवाजे पर हाथ में गुलाब लिए डॉ कैली खड़े नज़र आए...

(नोट- आप कुछ अच्छा करते हैं तो एक दिन उसका फल मिलता ज़रूर है सूद के साथ...आपको न सही किसी और को ही सही...लेकिन ये दुनिया तो रहने के लिए कुछ बेहतर बनती है...

है....न...)
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MEET ONE EYED SHARK

16 टिप्‍पणियां:

  1. मैं अक्‍सर कहती हूं कि आप सही मार्ग पर चल रहे है और किसी का बुरा नहीं करते हैं, यह बहुत अच्‍छी बात है लेकिन इससे हटकर आप कितनों का अच्‍छा करते हैं यह पुण्‍य है। पुण्‍य कमाते रहिए और अपने कर्मों का बेंक बेलेंस बढाते रहिए। अवश्‍य फल मिलेगा।

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  2. सच में आप के किये का फल यही मिलता है ....सूद के साथ :-)

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  3. भावुक कर देने वाला प्रसंग।
    सच है, सब कुछ यहीं होता है..... हर अच्‍छे कर्मों का फल मिलता है और बुरे का भी.....

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  4. मैं सोच रहा हूँ,कि उस बच्चे को स्कूल जाने की उम्र में चीजें बेचने का काम करने की जरूरत क्यों थी? क्या ऐसा नहीं हो सकता कि किसी बच्चे को ऐसी जरूरत न पड़े। क्या ऐसा भी नहीं हो सकता कि किसी बीमार को ठीक होने के लिए अस्पताल के बड़े बिल का डर न हो?

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  5. आजकल न कहीं दूध का गिलास पिलाने वाले हैं और न ही डॉ कैली कहीं मिलते हैं ....
    मानवता की मिसाले दुर्लभ होती जा रही हैं खुशदीप भाई !
    हार्दिक शुभकामनायें आपको !

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  6. बिल्कुल सही कहा खुशदीप जी…………किये कर्म कभी बेकार नही जाते फ़ल जरूर मिलता है।

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  7. मेरा तो भरोसा है इस बात पर.

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  8. बिलकुल सर जी मैं आपकी बातो से इत्तेफाक रखता हू.

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  9. (नोट- आप कुछ अच्छा करते हैं तो एक दिन उसका फल मिलता ज़रूर है सूद के साथ...आपको न सही किसी और को ही सही...लेकिन ये दुनिया तो रहने के लिए कुछ बेहतर बनती है...

    है....न...)

    बहुत सही ..

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  10. मानवता की इन्ही बेमिसाल झलकियों ने ही हमें जिलाए रखा है.....भावपूर्ण!

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  11. दुनिया गोल है... सब वापस आता है घूम के वापिस. एक-एक आना...

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  12. इस प्रेरणादायी पोस्ट के लिए धन्यवाद!

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