एक फॉर्म हाउस मालिक शाम के धुंधलके में अपने लॉन में कीटनाशकों का छिड़काव कर रहा था...ये देखने के लिए ड्रम में कितना कीटनाशक बाकी बचा है, उसने लाइटर की रोशनी में ढक्कन खोलकर झांकना चाहा...ड्रम से गैस का भभका निकला और फॉर्महाउस मालिक का चेहरा आग में झुलसने लगा..
.उसकी चीख-पुकार पड़ोस के घर में रहने वाली महिला ने भी सुनी...किचन की खिड़की से महिला ने फॉर्म हाउस मालिक की हालत देखी...उसने बिना वक्त गवाएं किचन से अंडों की ट्रे उठाई और बाहर भागी...फौरन उसने अंडों को तोड़-तोड़ कर पीला योक वाला हिस्सा अलग कर व्हाईट (एल्बुमिन) वाला पार्ट फॉर्महाउस मालिक के चेहरे पर लगाना शुरू कर दिया...
थोड़ी देर में वहां एंबुलेंस पहुंच गई...एंबुलेंस से बर्न स्पेशलिस्ट बाहर निकले तो उन्होंने फॉर्महाउस के मालिक पर एग व्हाईट मला देख कर पूछा कि ये किसने किया...सबने महिला की ओर इशारा किया...पूरी मेडिकल टीम ने महिला की सराहना करते हुए कहा कि उसकी प्रेसेंस ऑफ माइंड से फॉर्महाउस मालिक का चेहरा बिगड़ने से बच जाएगा...
कुछ हफ्ते अस्पताल में रहने के बाद फॉर्म हाउस मालिक ने घर वापस आने पर पहला काम पड़ोसी महिला के घर जाकर फूलों का गुलदस्ता दिया...फॉर्म हाउस मालिक के चेहरे की त्वचा किसी बच्चे की त्वचा की तरह ही मुलायम थी....
फायरमैन को भी फर्स्टएड के लिए पहला पाठ यही पढ़ाया जाता है कि आग से जले शरीर के हिस्से पर पहले खूब ठंडा पानी डाला जाए...जब त्वचा की परतें पर्याप्त ठंडी हो जाए तो जले हिस्से पर अंडे के व्हाइट का लेप कर दिया जाए...अंडे के व्हाईट हिस्से में कोलेजन (विटामिनों से भरा प्लासेंटा) होता है...यही कोलेजन कुछ ही दिन में जले हुए हिस्से की त्वचा को दोबारा विकसित करने में चमत्कारिक काम करता है...
(ई-मेल से मिली सूचना जनहित में प्रसारित)





बेचारा अण्डा?
ReplyDeleteअब देखते हैं कौन है जो उनको कुछ कह सके ?
ReplyDeleteअब हम आ गए हैं मैदान में ऐसे , जिससे सांप भी न मरे और लाठी भी टूट जाए.
जिस बात को रखना चाहो गुप्त
उसे मित्रां से भी रखो लुप्त
सो सॉरी बता न पाएंगे कि हैं कौन हम ?
परंतु कोई पहचान जाए तो इंकार हम न करेंगे !!!
http://www.museke.com/love_songs_playlist
बेचारी मुर्गी ......
ReplyDeleteखुशदीप जी सही इलाज हे जी, धन्यवाद
ReplyDeleteहैं भई...अब परीक्षण कैसे करें...?
ReplyDeleteबेहतर जानकारी....
अच्छी जानकरी दी...जनोपयोगी.
ReplyDeleteउपयोगी जानकारी!
ReplyDeleteबड़ी ही उपयोगी सलाह।
ReplyDeleteयह जानकारी तो हमें भी नहीं थी ।
ReplyDeleteअंडे के व्हाईट हिस्से में कोलेजन (विटामिनों से भरा प्लासेंटा) होता है---??
देखिये जी हेअडिंग सही दिया करे आज कल बहुत कुछ बहुत जगह जल रहा हैं क्या ये अगर अंडे की सफेदी का लेप काम कर सकता था तो आप ने अभी तक कहीं भी इस लेप को क्यूँ नहीं बताया .
ReplyDeleteऔर अगर हर प्रकार की जलन से ये राहत नहीं दिला सकता तो ये हेअडिंग बिलकुल गलत हैं
मेरी आपत्ति दर्ज की जाए और शीर्षक तुरत बदला जाये ना बदलने की सूरत में मेरा उठाया हुआ कदम आप को मान्य हो गा और
बता कर कदम उठाने में आप को ये कहने का मौका नहीं होगा की बताया नहीं
भ्रामक जानकारी हर जले पर ना तो फायर man कुछ कर सकता हैं ना बेचारा अंडा
Waaah!
ReplyDeleteये तो बहुत ही उपयोगी जानकारी है।
ReplyDeleteअंडे के अलावा कोई और लेप भी हो सकता है खुशदीप भाई.
ReplyDeleteनहीं तो द्विवेदी जी का 'बेचारा अंडा'
सतीश जी की 'बेचारी मुर्गी'का धर्म
संकट है.
बढिया उपयोगी जानकारी...
ReplyDeleteआभार.....
इसी प्रकार गवारपाठे के गुदे का प्रयोग भी लाभकारी है।
ReplyDeleteUpyogi Jaankari ke liye Thanks
ReplyDeleteNeeraj