बुधवार, 24 अगस्त 2011

जनलोकपाल पर बन रही है बात...खुशदीप



मैंने सुबह कहा था कि मंगलवार को जनलोकपाल पर गतिरोध दूर करने के लिए सरकार कोई बड़ा ऐलान कर सकती है...दिन भर की कसरत के बाद रात साढ़े दस बजे प्रणब मुखर्जी के साथ दो घंटे की बैठक के बाद टीम अन्ना ने कई बातों पर प्रगति होने की जानकारी दी...अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी ने नार्थ ब्लाक से आने के बाद जो बताया उसमें टीम अन्ना की जो प्रमुख मांगे मानने को सरकार तैयार हो गई वो हैं-

बन गई है बात-

प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाना


भ्रष्टाचार के मामलों की सीबीआई का एंटी करप्शन ब्यूरो अलग से जांच नहीं करेगा...अब भ्रष्टाचार के सारे मामलों की जांच अकेले लोकपाल के तहत ही रहेगी

सांसदों का सदन में आचरण लोकपाल के तहत आएगा लेकिन साथ ही संविधान की धारा 105 का उल्लेख होगा...अभी तक सरकार का तर्क था कि संविधान की धारा 105 के तहत सांसदों का सदन में वोट देने या बोलने या प्रश्न पूछने की छूट है...टीम अन्ना ने तर्क दिया लेकिन धारा 105 में भ्रष्टाचार जैसे पैसे लेकर प्रश्न पूछने या वोट देने की छूट नहीं है


जजों के भ्रष्टाचार पर सरकार जो अलग से बिल लाएगी वो पहले टीम अन्ना को दिखाया जाएगा


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पेंच अभी फंसा


रात बारह बजे तक जिन मुददों पर पेंच फंसा हुआ था और सरकार ने सोचने के लिए वक्त मांगा था, वो थे-


ग्रुप ए से नीचे के कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लाना

केंद्र में लोकपाल के साथ ही सभी राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति


हर मंत्रालय के लिए सिटीजन चार्टर लाना, जिससे हर काम तय समय पर हो और कोताही बरतने वालों की तनख्वाह काटी जा सके


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टीम अन्ना ने ये भी मांग की है कि जो लोकपाल बिल सरकार ने स्टैंडिंग कमेटी को भेजा है उसे निरस्त किया जाए

सरकार जनलोकपाल बिल को ही संसद के मौजूदा सत्र में ही दोनों सदनों से पास कराए...ज़रूरत हो तो संसद के मौजूदा सत्र को बढ़ाया जाए...

सरकार ने इन दोनों मुद्दों पर भी कल सुबह तक के लिए वक्त मांगा है...सरकार ने टीम अन्ना से कहा कि अन्ना का अनशन तुड़वाने के लिए प्रयास करें...इस पर टीम अन्ना का कहना था कि ज़रूरत पड़ने पर सभी मिलकर अन्ना से अपील करेंगे...कैबिनेट की राजनीतिक मामलों की समिति देर रात तक प्रधानमंत्री आवास पर आपातबैठक में माथापच्ची कर रही थी...

9 टिप्‍पणियां:

  1. जन लोकपाल आरंभ है। आगे बहुत कुछ शेष है।

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  2. ईश्वर करे गतिरोध समाप्त हो जाये , देश और अन्ना को शुभकामनायें !


    खुशदीप भाई !
    डॉ अमर कुमार दादा नहीं रहे मगर इस विद्वान् बेवाक ब्लोगर के निशान हिंदी जगत में अमर रहेंगे ! विनम्र श्रद्धांजलि !
    http://tsdaral.blogspot.com/2011/08/blog-post_24.html

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  3. उम्मीद है सरकार की तरह सभी को सबक मिले और बात समझ में आये | पर सरकार भी उन्ही बातो को नहीं मान रही है जिससे सबसे ज्यादा आम आदमी का सरोकार है |


    खुशदीप जी अब आप को समझ आ गया होगा की जब बेमतलब के व्यक्तिगत हमले किये जाते है तो कैसे दुख होता है दूसरो को भी ऐसे ही आप की बातो से दुःख होता है | दूसरे जैसा आप अभी तक कहते आये है की जब जनता खुद भ्रष्टाचारी है तो वो खुद को सुधारे ना की दूसरो पर हमले करे, तो जब कोई व्यक्ति खुद इतना आदर्शवादी नहीं है तो वो दूसरो पर उँगली कैसे उठा सकता है | याद रखियेगा जब हम किसी पर एक उँगली उठाते है तो अपनी ही तीन उंगलिया हमारी और इशारा करती है |

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  4. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  5. जो भी निष्कर्ष निकलें, देश के लिये सुखद हों।

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