खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से कलम-कंप्यूटर तोड़ रहा है

हौसले की अरुणिमा....खुशदीप

Posted on
  • Wednesday, July 27, 2011
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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  • कल अरुणिमा को एम्स के ट्रॉमा सेंटर से छुट्टी मिल गई...करीब साढ़े तीन महीने बाद अरुणिमा ने अपने पैरों पर खड़े होकर फिर नई ज़िंदगी की ओर कदम बढ़ाए...नई उम्मीद के साथ...आप अरुणिमा को भूले तो नहीं हैं...नेशनल लेवल की यूपी की वॉलीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा जिसे ग्यारह अप्रैल को चेन लूटने का विरोध करने पर बदमाशों ने चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था...23 साल की अरुणिमा को बुरी हालत में पहले बरेली इलाज के लिए ले जाया गया....अरुणिमा का बायां पैर काटना पड़ा...इन्फेक्शन दूसरी टांग में भी फैल रहा था कि मीडिया में उसकी स्टोरी आने के बाद खेल मंत्री अजय माकन ने सुध ली और अरुणिमा को दिल्ली एम्स लाकर भर्ती कराया गया...अरुणिमा के लिए इनोवेशन नाम की कंपनी ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये में अमेरिका से कृत्रिम पैर मंगाया...डॉक्टरों का कहना है कि इस कृत्रिम पैर के सहारे अरुणिमा बिना सहारे चल-फिर सकेगी...

    वॉलीबॉल में भारत का नाम रौशन करने का अरुणिमा का सपना बेशक टूट गया हो लेकिन अरुणिमा का आत्मविश्वास बरकरार है...अरुणिमा अब पैरालंपिक्स खेलों (विकलांगों का ओलंपिक्स) में भारत की नुमाइंदगी के लिए मेहनत करना चाहती है...अरुणिमा के मुश्किल के दिनों में खेल मंत्रालय, रेलवे, यूपी सरकार के अलावा क्रिकेटर हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया...ब्यूटीशियन शहनाज़ हुसैन ने ट्रॉमा सेंटर अपनी ट्रेनर भेज कर अरुणिमा को ब्यूटीशियन करियर के गुर सिखाए, ताकि ज़रूरत पड़ने पर अरुणिमा इस हुनर का अपनी आय बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सके...

    अरुणिमा तुम्हारे हौसले को सलाम करते हुए ये गीत तुम्हें समर्पित...


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    कौन कहता है प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार, काले धन, आतंकवाद जैसी समस्याओं का मुंहतोड़ जवाब नहीं दे सकते...नहीं यकीन आता तो देखिए ये लिंक....Manmohansingham....Khushdeephttp://en.deshnama.com/2011/07/manmohansinghamkhushdeep.html

    12 comments:

    1. अरुणिमा के हौसले को सलाम्।

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    2. इस जज्‍बे को कौन रोक सकता है, शुभकामनाएं.

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    3. याद है अरुणिमा की, क्योंकि एक नहीं अभी कई ऐसी प्रतिभाएं अस्पतालों में पड़ी हैं और कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है. कितनों को मीडिया से समर्थन और प्रकाशन मिलता है. एक अरुणिमा अपने पैरों खड़ी हो सकी ईश्वर का लाख लाख शुक्र हैकि एक जिन्दगी बैसाखी के सहारे नहीं बल्कि अपने बूते चलेगी.

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    4. अरुणिमा को शुभकामनायें ।

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    5. ईश्वर इस लड़की को हौसला व उड़ने की ताक़त दे...
      हार्दिक शुभकामनायें आपको !

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    6. जज्बे को कोई नहीं रोक सकता. लेकिन क्या हम इन घटनाओं को नहीं रोक सकते?

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    7. अरुणिमा को असीम शुभकामनाएं....

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    8. अरुणिमा की हिम्मत सराहनीय है, अनुकरणीय है।

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    9. अरुणिमा के हौसले को सलाम्।

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    10. ारुणिमा को अपना भी सलाम और आशीर्वाद।

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