रविवार, 6 फ़रवरी 2011

ब्लॉगर मिले, तस्वीरों की भी एक ज़ुबान होती है...खुशदीप

ये कोई मीट-वीट नहीं थी...समीर जी से मिलने का बस बहाना था...लेकिन जो मौका-ए-दस्तूर था, वहां सीमित जगह और व्यवस्था का कसूर था कि चाह कर भी हर किसी को न बुला पाने के लिए मेजबान मंडल मजबूर था...खैर छोड़िए, लीजिए सुनिए...मौके की कहानी, राजीव कुमार तनेजा के चित्रों की ज़ुबानी...कैप्शन मेरे हैं...

आवाज़ दो हम एक हैं, हम एक हैं...

ट्रेन मिस न होने का मिस्टर हैंडसम के चेहरे पर गौरव- शाहनवाज़, महफूज़, खुशदीप




क्या मसला कुछ सीरियस है भाई- राकेश जी (जल्द ही ब्लॉगिंग में धमाकेदार एंट्री करने वाले हैं), अविनाश वाचस्पति, अजय कुमार झा, समीर लाल जी, शाहनवाज़, महफूज़, कार्टूनिस्ट इरफ़ान, खुशदीप





राजीव तनेजा भाई और मेरी खूब शिकायतें आपस में हुईं- खुशदीप, विम्मी (श्रीमति खुशदीप), संजू तनेजां (श्रीमति राजीव तनेजा)




एक इतिहासकार, दूसरा ब्लॉगरों को जोड़ने वाला बंजारा- रवींद्र प्रभात और अविनाश वाचस्पति


ताकत वतन की ब्लॉगिंग से है- रवींद्र प्रभात के नारे को गौर से सुनते इरफ़ान और राजीव तनेजा




गुरु शिष्य का दुर्लभ आई कॉन्टेक्ट...गवाह हैं- शाहनवाज़, महफूज़, इरफ़़ान, विम्मी खुशदीप



दो लखनऊओं के बीच फंसी दिल्ली...रवींद्र प्रभात, अविनाश वाचस्पति, महफूज़ अली


बैकस्टेज से मेज़बानी धर्म का निष्ठा से पालन करतीं गीताश्री...मेहमानी का आनंद उठाते शाहनवाज़, महफूज़, खुशदीप


कह दिया तो कह दिया महफूज़ से हैंडसम और कोई नहीं...राकेश जी, अविनाश वाचस्पति, गीताश्री, खुशदीप


चेहरे पर सफल आयोजन की खुशी...प्रतिभा के साथ सर्जना शर्मा


अब ये भी बता तो भाई प्लेट के नीचे क्या है...साधना भाभी के साथ समीर लाल जी



इतनी भागदौड़ के लिए ग्लूकोज़ लेना ज़रूरी है...सर्जना शर्मा और पत्रकारिता के कीर्ति-स्तंभ वीरेंद्र सैंगर जी




अरे भई मेरी फोटू-वोटू भी कोई लेगा या नहीं या मैं ही सबको शूट करता रहूंगा...राजीव कुमार तनेजा की सोलो परफॉरमेंस



यार के हंसते ही महफ़िल पर हंसी छा गई, छा गई...कार्टूनिस्ट इरफ़ान, राजीव कुमार तनेजा, सतीश सक्सेना जी





ये सनसिल्क का कमाल है...संजू तनेजा और प्रतिभा कुशवाहा



होठों को कर के गोल, सीटी बजा के बोल, के भईया आल इज़ वैल, के भईया आल इज़ वैल...संजू तनेजा, विम्मी खुशदीप, वंदना गुप्ता



32 टिप्‍पणियां:

  1. अरे वाह बहुत सुंदर रहा आप सब का मिलन, बस हम ना आ सके, कोई गल नही जी, अगर अप्रेल मई मे मोसम सुहावना रहा तो जरुर आयेगे, वर्ना अगली सर्दियो मे , लेकिन इस बार अकेले नही मियां बीबी ओर बच्चे सभी आयेगे, आप के सारे फ़ोटू बहुत सुंदर हे , धन्यवाद सब को शुभकामनाऎ जी

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  2. हा हा हा सारी दास्तान कह डाली न आपने ..बहुत बढिया ..। मगर हम भी जरा ..भईया जी इशमाईल हैं ..पिक्चर अभी बांकी है मेरे दोस्त ..देखिए एक ब्लॉगर की पत्नी दूसरी ब्लॉगर पत्नी से क्या कानाफ़ूसी कर रहीं हैं ..कहां ..अरे हम दिखाते हैं न आपको अपने पोस्ट की अगली किस्त में ....हा हा हा चलिए अब फ़ौलोवर बनिए ...भईया जी इश्माईल

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  3. वाह भाई वाह!!! तस्वीरें मस्त, कैप्शन ज़बरदस्त... बिलकुल मेरी इस टेग लाइन की तरह :-) :-) :-)

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  4. तस्वीरें सुंदर हैं, और खींचने खिंचवाने वाले भी (पवनपुत्र लिए खुश हो कर ठहाका लगाने का एक और मौका)।
    अफसोस कि हम नहीं थे।

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  5. वाह, आनन्द की गंगा बह रही है, यमुना के शहर में।

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  6. हा हा हा हा हा
    अब हमारे कहने के लिए कुछ बचा ही नहीं।
    चित्र तो बोलते थे ही आपने और विस्तार दे दिया।

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  7. वाह वाह आज तो बहु रानी के भी दर्शन हो गये। बस आज नेट पर आना सार्थक हुय। सभी को बहुत बहुत बधाई। महफूज़ ने लगता है अपना भार कम कर लिया। बधाई सब को।

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  8. आज फोटो के माध्‍यम से विम्‍मी जी से भी मिलना हो गया। बधाई।

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  9. चलो इसी बहाने आपने भाभी जी से तो मिलवा ही दिया !
    जय हिंद !

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  10. ताकत वतन की ब्लॉगिंग से है और ब्लोगरों की ताकत ऐसे आयोजनों से है.....शानदार तस्वीरों के लिए आभार....

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  11. वाह बहुत बढ़िया..केप्शन भी मजेदार हैं.

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  12. सचमुच चित्रों की भी जुबान होती है
    राजीव जी और आपका आभार तस्वीरों के लिये
    सनसिल्क वाली कैप्शन और रविन्द्र जी का नारा
    मजा आ गया

    प्रणाम स्वीकार करें

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  13. लो जी हमने भी आवाज लगाई " हम सब एक हैं". आपकी चित्रकथा मय कैप्शन के बेहद सुंदर बन पडी है. शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  14. Jis mahfil ke maijwaanon me Khushdeep khaas hon wahaan to tabiya KHUSH ho hi jaati hai.aapne sabko bahut prem se bulya,mujhe bhi.Shukriya.Sameerlal ji se to yaadgaar mulaaqaat hui ,Ravindraji,Mehfooz ,satish ji aur Vandanaji se bhi muklaqaat hui.mazaa a gaya...khushdeep chha gaya...hahaha

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  15. Rajiv Taneja ji ke photo ke saath yah caption hona tha'chalo ab meri bhi ek photo kheencho'...

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  16. Khushdeepji ne jo khushi ka deep Geetashriji ke
    gyan aur Sarjanaji ki sarjan shakti ko saath lekar jalaya hai usse samast blogger jagat utsahit avam prakashit ho gaya hai.'Lage raho khusdeep bhai....'.hume bhi intjaar hai bhai aapki roshani ka.

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  17. सदा फूलता फलता भगवन ये ब्लॉगर परिवार रहे

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  18. बढ़िया चित्रावली ।
    अरे भैया , १५ का कोरम तो पूरा हो गया , फिर हम कहाँ एडजस्ट होते ।
    खैर , न मिल पाने का दुःख तो रहेगा ।

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  19. बढ़िया चित्रावली ।
    अरे भैया , १५ का कोरम तो पूरा हो गया ,
    फिर हम कहाँ एडजस्ट होते ।डॉ टी एस दराल ji ne bilkul sahi kaha ---------------
    jai baba banaras-----

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  20. सचमुच चित्रों की भी जुबान होती है

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  21. कैप्शन ने फ़ोटुओं की इज्जत बचा ली। :)

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  22. बढ़िया रहा ये कार्यक्रम...ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए ..

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  23. .
    फोटू अच्छे हैं ।
    बाद देखा-दिखाई के, सवाल यह हैं
    कि आप सब की प्लेटें काली क्यों हैं ?

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  24. सुनहरी यादें जो साथ ले आया हूँ...फिर ताजा...

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  25. अरे आप दिल्ली वालों की मौज है, रोज़ एक जलसा!

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  26. खुशदीप भाई !
    इतनी प्यारी रंगारंग पोस्ट देख कर आनंद आ गया ! मस्त लेखक द्वारा एक मस्त और बेहद खूबसूरत पोस्ट लेखन के लिए बधाई ! इस आयोजन के लिए आपकी जितनी तारीफ की जाए कम होगी !
    सादर

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  27. जितनी तस्‍वीरें हैं
    हर मुंह में एक जुबां भी है

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