बुधवार, 19 जनवरी 2011

बुढ़ापे की रईसी...खुशदीप

सिर्फ पैसा ही आपको अमीर नहीं बनाता...




उम्र का बढ़ना भी आपको अमीर बनाता रहता है...















अब आप कहेंगे, वो कैसे भला...उम्र के साथ तो डॉक्टर का खर्च बढ़ता जाता है...ये तो ज़ेब हल्की करता है, फिर अमीर कैसे हो सकते हैं...

अब देखिए मैं आपको बताता हूं ये कैसे होता है...

उम्र बढ़ती है तो सिर के बालों पर चांदी छाने लगती है...
दांतों में भी चांदी-सोना लग जाता है...
ख़ून में शुगर का लेवल बढ़ जाता है...
किडनी में कीमती स्टोन इकट्ठे होने लगते है...
साथ ही आपको मिलने लगती है कभी न खत्म होने वाली गैस की सप्लाई...



स्लॉग चिंतन

बिना लिबास आए थे हम सब इस जहां में,
बस इक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा...

25 टिप्‍पणियां:


  1. स्लॉग-चिन्तन....
    बेहतरीन फ़लसफ़े के तौर पर ज़ुमले की खूबसूरती है,
    मगर यह मायूस कर देने वाली कड़वी सच्चाई भी है ।
    बेहतर हो कि ज़िन्दगी जीने के ख़्वाहिशमंद इसे दिमाग से झटक ही दें ।


    अर्ज़ है..
    चाह कर भी मौत से कोई वफ़ा नहीं करता
    जहाँ ताउम्र ज़िन्दगी एक गिला सी लगती है

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  2. हाँ भाई हम भी अमीर बनते जा रहे हैं।

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  3. हाँ, अमीर तो हर कोई होता जाता है. अपने अनुभवों से। जब उन्हें बाँटता है तो और भी अमीर होते हैं.

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  4. बुढापे की कीमती सम्पदा के साथ शानदार स्लाग चिंतन.

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  5. आज के स्लोग चिंतन ... ने सच में चिंता में डाल दिया !

    जय हिंद !!

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  6. ऐसी अमीरी से तो गरीबी भली |

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  7. बिना लिबास आए थे हम सब इस जहां में,
    बस इक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा.
    .
    बहुत सही कहा है

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  8. बिना लिबास आए थे हम सब इस जहां में,
    बस इक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा...
    maast hai

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  9. बिना लिबास आए थे हम सब इस जहां में,
    बस इक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा...

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  10. बिना लिबास आए थे हम सब इस जहां में,
    बस इक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा...

    वाह! क्या बात कह दी…………वैसे अमीर सभी बनते हैं कोई नही सबको इसी श्रेणी मे आना है

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  11. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (20/1/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

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  12. बिना लिबास आए थे हम सब इस जहां में,
    बस इक कफ़न की ख़ातिर इतना सफ़र करना पड़ा.
    मस्त जी, लेकिन जब कफ़न ही सिर्फ़ खरीदना हे तो अमीर बनाने का क्या लाभ, यह तो मुफ़त मे मिल जायेगा.... इस लिये हमे ना अमीर बनाना हे, ना अभी कुछ खरीदना हे, राम राम जी की :)

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  13. मस्त पोस्ट.....पर इस अमीरी की समाज को कद्र नहीं,,,,और ये अमीर भी कम नहीं...

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