बुधवार, 18 अगस्त 2010

बोलो, बोलो, कौन है वो...खुशदीप

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा को किसी ने बता दिया कि लीडरशिप का हुनर सीखना है तो भारत से बढ़िया जगह और कोई नहीं...और मक्खन का तो इस मामले में जवाब ही नहीं...मक्खन से मिलने के लिए ओबामा सीक्रेट मिशन के तहत तत्काल भारत आए...अमेरिकी दूतावास से मक्खन के लिए बुलावा आ गया...मक्खन पहुंच गया जी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास...



मक्खन की खातिरदारी करने के बाद ओबामा ने पूछा कि लीडरशिप का सबसे अहम फंडा कौन सा होता है...

मक्खन ने तपाक से कहा...आप हर वक्त बुद्धिमान लोगों से घिरे रहने चाहिए...

ओबामा...कैसे पता चलेगा कि जो लोग पास हैं, वो बुद्धिमान हैं या नहीं...

ये सुनकर मक्खन ने कहा कि इसमें कौन सी बड़ी बात है...अभी साबित कर देता हूं..ये कहने के बाद मक्खन ने परम सखा ढक्कन को आवाज़ दी...पूछा...आपकी मां का एक बच्चा है, आपके पिता का भी एक बच्चा है...वो बच्चा न तो आपका भाई है और न ही बहन है...बताओ वो कौन है...

ढक्कन बिना वक्त गंवाए बोला...वो मैं हूं...


मक्खन...बिल्कुल ठीक ढक्कन, अब तुम जा सकते हो...


ये सुनकर ओबामा मक्खन से बेहद प्रभावित होकर बोले...आपका बहुत बहुत शुक्रिया, मैं इस पहेली को अच्छी तरह समझ गया हूं....

ओबामा ने वाशिंगटन वापस पहुंचने के बाद परखना चाहा कि उनकी टीम के सदस्य कितने इंटेलीजेंट है...पहले उन्होंने डिफेंस सेक्रेट्री राबर्ट गेट्स को बुलावा भेजा...ओबामा ने गेट्स से कहा...क्या आप एक सवाल का जवाब ढूंढने में मेरी मदद कर सकते हैं...

गेट्स...ऑफ कोर्स मिस्टर प्रेसीडेंट...आप सवाल बताएं...

ओबामा...आपकी मां का एक बच्चा है, आपके पिता का भी एक बच्चा है...न वो आपका भाई है और न ही बहन...बताइए वो कौन है...

गेट्स थोड़ी देर माथापच्ची करने के बाद...सॉरी मिस्टर प्रेसीडेंट...मैं तत्काल जवाब नहीं दे सकता...लेकिन अभी थोड़ी देर में जवाब के साथ आता हूं...

गेट्स ने सारे सीनियर सीनेटर्स के साथ बैठक बुलाई...घंटों की मशक्कत के बाद भी वो इस सवाल का जवाब नहीं ढूंढ सके...आखिर थक हार कर गेट्स ने फॉरेन सेक्रेट्री हिलेरी क्लिंटन से मदद लेनी चाही...गेट्स ने वही सवाल दोहराया...आपकी मां का एक बच्चा है, आपके पिता का भी एक बच्चा है...न वो आपका भाई है और न ही बहन...बताइए वो कौन है...

हिलेरी क्लिंटन ने जवाब दिया...ऑफकोर्स वो मैं हूं...

ये सुनकर गेट्स के माथे से बोझ हट गया...वो ओबामा के पास जाकर खुशी खुशी बोले...मिस्टर प्रेसीडेंट आपके सवाल का जवाब मिल गया है...

ओबामा...वंडरफुल, क्या जवाब है...

गेट्स...वो शख्स है हमारी फॉरेन सेक्रेट्री हिलेरी क्लिंटन...

इस पर ओबामा ने मुंह बिचकाते हुए कहा...गलत जवाब...

गेट्स डरते डरते बोले... फिर सही जवाब क्या है मिस्टर प्रेसीडेंट

ओबामा...वो शख्स है...



....



....



ढक्कन...

24 टिप्‍पणियां:

  1. ढक्कन ढक्कन है या ओबामा हाहाहाहाहाहाहाहाहहाा

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  2. हमने ओबामा की टीम में छत्‍तीसगढ़ी भाषा सहयोगी के रूप में अर्जी दिया था, ससुरे ओबामा नें कउनो जवाब नहीं दिया .... अब भुगते. हमें क्‍या ....


    :)

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  3. हा हा!! ढक्कन.....इसे तो अब यू एस प्रेसिडेन्ट का चुनाव लड़वा ही दो.

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  4. ---" य़े तो कॉमन सेंस "वाली बात है ----शायद बहुत पुरानी----हा हा हा.....

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  5. हा हा हा ..
    चलो पता तो चला कि वो बच्चा कौन है

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  6. ढक्कन अब इतना ढक्कन भी नहीं रहा ...!

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  7. एक प्रश्न..हिलेरी क्लिंटन और ढक्कन आपस में कहां मिले थे ?

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  8. ओबामा और बिल गेट्स की इतनी मत उतारो, आखिर वे एक राष्‍ट्राध्‍यक्ष हैं।

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  9. अपना ढक्कन भी झंडे गाड़ आया.........वाह!.........


    जय हिना ........

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  10. एक तो आप ..........दूसरा आपका मक्खन...और उसकी फ़ौज ........शान है इस ब्लॉग जगत की !!

    जय हिंद !!

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  11. हा हा हा………………वाह आज तो मज़ा आ गया सबकी वाट लगा दी।

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  12. हा-हा-हा
    लगता है कि ओबामा भी पूरा ढक्कन ही है।

    प्रणाम

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  13. कुछ भी कहो, ओबामा की प्रोबलेम तो साल्व हो ही गई।
    उन्हे पता तो चला मैं कैसे लोगों से घिरा हूं। :))

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  14. ओबामा जैसे कुर्सी पर और उसके आस-पास आजकल ढक्कन और मखन्न जैसे लोग ही पहुँच सकते है तभी तो ये लोग जनता से इतने दूर होते हैं | दोग्लों और गद्दारों के नेतृत्व में इंसान जीने को मजबूर है इससे दुर्भाग्यजनक स्थिति क्या हो सकती है ,आज जीने के लिए दोगला और गद्दार होना जरूरी हो गया है ...चाहे उसका जन्म गद्दारी से हुआ हो या जन्म लेने के बाद देश और समाज के साथ गद्दारी कर रहा हो वही आज खुश और शक्तिशाली है ...

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  15. ढक्कन ओर ऒबा.... दोनो कही भाई भाई तो नही :)

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  16. राज भाटिया साहब ने एकदम सही कहा ...वाह-वाह ...शानदार पोस्ट शानदार टिपण्णी ...

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  17. नमस्कार,

    हिन्दी ब्लॉगिंग के पास आज सब कुछ है, केवल एक कमी है, Erotica (काम साहित्य) का कोई ब्लॉग नहीं है, अपनी सीमित योग्यता से इस कमी को दूर करने का क्षुद्र प्रयास किया है मैंने, अपने ब्लॉग बस काम ही काम... Erotica in Hindi. के माध्यम से।

    समय मिले और मूड करे तो अवश्य देखियेगा:-

    टिल्लू की मम्मी

    टिल्लू की मम्मी -२

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  18. ओबामा !
    तू तो गया ..!
    हा हा हा हा...

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  19. हा हा हा हा...लाजवाब ,मजेदार !!!

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