खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से कलम-कंप्यूटर तोड़ रहा है

आप हवा में तुक्के तो नहीं लगाते, इसे पढ़िए...खुशदीप

Posted on
  • Wednesday, July 28, 2010
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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  • प्राइमरी स्कूल के सत्र का समापन था...एक साल तक किंडरगार्टन (केजी) के जिन बच्चों को टीचर ने मेहनत से पढ़ाया, वो विदाई से पहले तोहफ़े ले कर मिलने के लिए आ रहे थे...

    फ्लोरिस्ट शॉप (फूल विक्रेता) के मालिक के बेटे ने टीचर को अपना प्रेज़ेंट दिया...टीचर ने गिफ्ट पैक को हिलाया और फिर कहा...मैं शर्त लगा कर बता सकती हूं, इसके अंदर क्या है...सुंदर से फूल...

    बच्चे ने हैरानी जताते हुए कहा... टीचर आपको कैसे पता चला...

    टीचर ने कहा...इनट्यूशन बेटा, इनट्यूशन...

    फिर स्वीट शॉप के मालिक की बेटी ने अपना पैक टीचर को दिया...टीचर ने पैक को कान के पास ले जाकर हिलाया और कहा...शर्तिया इसमें ताजा मिठाइयां हैं...

    बच्ची ने कहा...बिल्कुल ठीक मैम...आप कैसे पता लगा लेती हैं...

    टीचर ने फिर जवाब दिया...इनट्यूशन माई डॉल, इनट्यूशन...

    अगली बारी वाइनशॉप के मालिक के बेटे की थी...बच्चे ने रैपर में पैक एक सुंदर सी टोकरी टीचर को भेंट की...टीचर टोकरी को उठा कर सिर के पास ले गई...लेकिन टोकरी से कुछ लीक हो रहा था...टीचर ने उंगली से लीक वाली जगह को छुआ और जीभ पर लगा कर बोली...क्या ये वाइन है...

    नहीं मैम, बच्चे ने जवाब दिया...

    टीचर ने फिर वही प्रक्रिया दोहराई...इस बार लीकेज से कई सारी बूंदें हाथ में लेकर चखीं...क्या ये शैम्पेन है...

    बच्चे ने आकुलता दिखाते हुए कहा...नहीं, मैम नहीं...

    अब टीचर ने लीकेज से बड़ा सा घूंट लेकर पिया और फिर बोली...ओके, आई क्विट...अब तुम ही बताओ टोकरी में है क्या...

    बच्चे ने मासूमियत से जवाब दिया...



    ...



    ...



    ...



    पप्पी मैम...कुछ  दिन पहले ही हमारी प्यारी डॉगी ने इसे दिया है...


    स्लॉग फोटो


                                              आ देखे ज़रा किसमें कितना है दम...



    नोट- इन साधु महाराजों को ब्लॉगर समझने की भूल मत कीजिएगा...

    30 comments:

    1. जय हो । बहुत उम्दा पोस्ट ।
      जय हिन्द ॥

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    2. हाहाहाहाहाहाहाहा आज के बाद हवा में अनुमान लगाने की जरुरत नहीं है। फोटो तो बहूत ही जोरदार है।

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    3. हा हा!! अब से इन्ट्यूशन पर कोई काम नहीं करेंगे. :)


      वैसे ये बाबा जी लोग लग तो ब्लॉगर ही रहे हैं मगर बस इन्ट्यूशन से बता रहे हैं...

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    4. फुटबाल देखकर मन खुस हो गया ....साधुओं की तरह ब्लॉगर को कंप्यूटर बाबा से फुरसत मिले तब न ....

      हा मैडम आ ही गयी बचुआ के चंगुल में

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    5. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
      राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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    6. इन्त्युसन कभी कभी धोखा भी दे जाता है.....फुटबाल के मौसम में कोई भी चुप क्यों बैठे ?

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    7. @उड़न तश्तरी

      गुरुदेव मान गया आपकी ब्लॉगरी इनट्यूशन को...

      जय हिंद...

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    8. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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    9. बहुत अच्छी प्रस्तुति।

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    10. हवा में तो बात करेंगे लेकिन पानी में नहीं। चखने का काम नहीं। हा हा हाह ा

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    11. आपका स्लॉग ओवर झक़ास होता है!!!!!!!!!

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    12. :):) हवा में बात करना ....यहाँ तक तो ठीक है पर आगे ठीक नहीं ...चख कर अंदाजा बिलकुल नहीं....

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    13. :-)

      कमाल की इनट्यूशन है आपकी..... ;-)

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    14. बहुत अच्छी पोस्ट !

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    15. हा हा हा ..बेचारी टीचर.

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    16. मुझे भी आज इन्त्युसन हुयी थी कि खुशदीप मेरे यहाँ आने वाले हैं जब ब्लाग खोला तो हाजिर थे। हा हा हा । बहुत बहुत आशीर्वाद।

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    17. भैया कमाल की पोस्ट.... फोटो तो बहुत जानदार है... सन्देश देते हुई...

      जय हिंद..

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    18. chhii chhii...
      bina chakhe bhi to intuition ki baat ho sakti hai...
      Ram Ram !!
      ye photo to bahut hi zabardast hai...
      kahan se le aaye hain...?

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    19. अरे वाह, वैसे तो कभी तुक्के लगाए नहीं, पर आगे से बिलकुल नहीं लगेंगे।
      --------
      सावन आया, तरह-तरह के साँप ही नहीं पाँच फन वाला नाग भी लाया।

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    20. वाह खुशदीप भाई आपका तो जवाब नहीं।

      वैसे यह फ़ुटबाल मैच मैने इलाहाबाद कुम्भ में देखा था।

      बस एक सीटी वाले की कमी थी।

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    21. हवा में तुक्का लगाना तो बड़ा खतरनाक काम है ।
      ध्यान रखना पड़ेगा।

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    22. मुझे अपना इन्फ़्यूज़न लगाने का मौका ही नहीं मिला,
      इसके बाद के बच्चों के बापों ने क्या दिया, यह बताओ ।
      वापस कब तक आऊँ ?

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    23. बहुत ही मजेदार ,,,,लाजवाब ...बहुत दिनों बाद कोई मस्त चीज पढने को मिली ,,,,मज़ा आ गया .....आपका दिल से शुक्रिया ,,,,,ऐसा ही कुछ फिर लाना ,,,,,एक शानदार पोस्ट के लिए फिर से धन्यवाद :)

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    24. हमे इन्ट्यूशन हो गया था ऐसा ही कुछ होगा

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