गुरुवार, 22 जुलाई 2010

ऐसी होती है सच्ची पत्नी...खुशदीप

देखन में छोटन लगे लेकिन घाव करे गंभीर...आज इसी को ज़ेहन में रख कर माइक्रोपोस्ट लिख रहा हूं...आपस में बेहद प्यार  करने वाले पति-पत्नी रोमांटिक मूड में बात कर रहे थे...

तभी पति ये देखने के लिए कि पत्नी उससे कितना प्यार करती है, पूछ बैठा...हनी, अगर मैं मर गया तो क्या तुम दोबारा शादी करोगी...

पत्नी...हम्ममममम...शायद हां, हब्बी तुम जानते हो मुझे अकेलेपन से कितना डर लगता है...

पति...क्या तुम उसे मेरी कार भी चलाने दोगी...

पत्नी...वेल, इस बारे में सोचना पड़ेगा...वैसे चलाने ही दूंगी...

पति...क्या तुम उसे मेरी फेवरिट चेयर पर भी बैठने दोगी...

पत्नी...शायद हां...

पति...क्या तुम उसे मेरी गोल्डन घड़ी भी पहनने दोगी..

पत्नी...शायद...

पति...क्या तुम उसे मेरे पसंदीदा सूट भी पहनने दोगी...

पत्नी...नहीं, वो तुमसे कद में छोटा है...(उउउउउउप्पपपपपसससस....)


27 टिप्‍पणियां:

  1. आपस बेहद करने वाले ?? भाई साहब ज़रा ठीक कर लो अर्थ का अनर्थ होता दिख रहा है !

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  2. हद हो गयी यार ....................कितना प्यार है एक दुसरे से ..........!!
    हम तो जलन के मारे ही मरे जा रहे है !! ;-)

    बढ़िया पोस्ट ............अब जा कर पूरी पढ़ पाए !

    जय हिंद !

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  3. अद्भुत प्रेम सुन्दर रचना हे 'पतियों' ऐसे प्रेम से बचना। मजा आ गया।

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  4. यह चित्र उसी पत्नी का हे ना...कुछ भी हो बोली तो सच ना... इस लिये महान भी हे :)अद्भुत प्रेम

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  5. हा हा हा हा....

    हाँ नहीं तो...!!

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  6. सच्चाई पूछा था .. जानकर तिलमिला क्यों गये!!
    और यह स्वीकारोक्ति भी तो प्रेम की निशानी ही तो है

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  7. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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  8. इसे कहते हैं स्‍पेयर व्‍यवस्‍था। पहले से ही चाक-चौबंद। हा हा हा हा।

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  9. हा हा हा ! अगर सेम तो सेम होता तो ---?
    तो पोस्ट थोड़ी और लम्बी हो जाती ।
    बढ़िया है ।

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  10. हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ........... बहुत सही भैया..... मज़ा गया....


    जय हिंद

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  11. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  12. चारित्रिक पतन हो चुके समाज में एक दुसरे के लिए बेहद प्यार में मरने-जीने की वादों-कसमों की मिशाल है ये ...

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  13. इधर जान जा रही है

    वे मजा ले रहे हैं

    वैसे मरने के बाद

    कौन देखने आ रहा है


    जो जैसे मजे ले रहा है

    लेने दो

    जो जैसे जी रहा है

    जीने दो

    आपको मौका मिलता
    तो क्‍या आप छोड़ देते


    उसने सब बतला दिया

    पर आप शातिर हैं

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  14. क्या कहें...हँस ही देते हैं. :)

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  15. title padhkar hi maja aa gaya tha ...aur poora padhkar to bas haale-dil na puchiye ..khushdeep ji..khush kar diya :))))))))))))))))

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  16. एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं |
    आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं |

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  17. अंतिम प्रशन न पूछा जाता तो कितना अच्छा होता ।

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