मंगलवार, 20 जुलाई 2010

प्यार-प्यार का फ़र्क...खुशदीप

एक आदमी की प्रार्थना से ईश्वर प्रसन्न हो गए...
बोले...वत्स अपनी कोई इच्छा हो तो बता...
आदमी बोला...भगवन् मेरी इच्छा तो कोई नहीं लेकिन आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं...
ईश्वर...पूछ बालक...
आदमी...हे परमेश्वर, प्यार हम भी करते हैं, प्यार आप भी करते हैं, लेकिन इन दोनों में फ़र्क क्या होता है...
ईश्वर...मेरा प्यार आसमान में उड़ान भरता परिंदा है और तुम्हारा प्यार पिंजड़े में कैद परिंदा है...





स्लॉग ओवर

देश का एक महाभ्रष्ट नेता इस्राइल के दौरे पर गया...यरूशलम में उसे दिल का दौरा पड़ा और हमेशा के लिए दुनिया को विदा कह गया...नेता जी के साथ जो लोग गए हुए थे, उनसे यरूशलम के स्थानीय प्रशासन ने कहा कि अगर आप नेता को यरूशलम की पवित्र ज़मीन में दफ़न करना चाहेंगे तो सौ डॉलर का खर्च आएगा और अगर आप इसे अपने देश में ही ले जाना चाहें तो पांच लाख डॉलर का खर्च आएगा...ये सुनकर नेता के साथ गए लोग एक कोने में मंत्रणा करने के लिए गए और वापस आकर बोले कि वो नेता के शव को भारत ही ले जाना चाहेंगे और इसके लिए पांच लाख डॉलर खर्चने के लिए तैयार हैं...यरूशलम के स्थानीय प्रशासन के अधिकारी ये सुनकर हैरान हुए...बोले कि पांच लाख डॉलर से आप गरीबों की भलाई के कई काम कर सकते हैं...मरीजों के लिए दवाईयां खरीद सकते हैं...गरीब बच्चों को पढ़ा सकते हैं...आप क्यों इतने पैसे खर्चना चाहते हैं...ये सुनकर नेता के साथ गई टीम का एक आदमी बोला...सदियों पहले जीसस (यीशु मसीह) को भी यरूशलम की पवित्र ज़मीन में दफ़नाया गया था...लेकिन तीन दिन बाद ही वो दुनिया की भलाई के लिए फिर जीवित हो गए थे...हम अपने नेता के साथ ऐसा जोख़िम हर्गिज़ नहीं लेना चाहते...यीशु तो दुनिया का परोपकार चाहते थे लेकिन नेता दुनिया का ही भ्रष्टाचार से बंटाधार कर देगा...

21 टिप्‍पणियां:

  1. नेता साला दोवारा ना उठ बेठे... धन्यवाद उन लोगो का. बाकी प्यार तो प्यार ही होता है जिसे सब अपनी अपनी ऎनक से देखाते है जी........

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  2. कौन सा अपने भारत में दफन करने से फायदा हुआ, देखिये वह फिर से जिन्दा हो गया है.

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  3. अपन के उपमहाद्वीप में रक्तबीज भतेरे हैं। इनका कुछ न होने वाला। नेता तो लोगो की नुमांदगी करता है। जैसे लोग वैसा नेता।

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  4. प्रेम प्रेम का यह फर्क ...जिसने समझा ...सच्चे अर्थों में उसने ही प्रेम किया ...
    स्लॉग ओवर अच्छा है हमेशा की तरह ..!

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  5. एक नज़र इधर भी भैया
    http://voi-2.blogspot.com/2010/07/blog-post.html

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  6. एक नेता को तो वास्तव में जलने के बाद उसके राख को भी दफ़न करने की जरूरत है और वह है शरद पवार(महान कृषि मंत्री ऑफ़ इंडिया) ,क्योकि इतना बेशर्म और भ्रष्ट नेता भगवान किसी देश की जनता को न दिखाए | ऐसे नेता की मृत्यु के बाद सूअर में भी पुनर्जन्म होना पूरी इंसानियत के लिए खतरनाक है | अब बात प्यार की -प्यार सच्चा वही है जो निःस्वार्थ किसी की अच्छाई व भलाई के लिए हो ...

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  7. पर एक मरता है तो सौ पैदा हो जाते हैं, उस का क्या?

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  8. प्रेम ही तो जगत का आधार है!
    प्रेम न होता तो जगत भी नही होता!

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  9. हा हा हा ! सावधानी बरतना ज़रूरी है।

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  10. हमें शक है साला मरने का नाटक कर रहा होगा

    प्रणाम

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  11. ओनेस्‍टी प्रोजेक्‍ट वाले जय कुमार जी का कथन सत्‍य है कि भ्रष्‍ट नेताओं की तो आत्‍मा भी भ्रष्‍ट हो जाती है इसलिए ये तो जब भी जन्‍म लेंगे दुनिया का बेडागर्ग ही करेंगे। इनके लिए 100 डॉलर काफी थे।

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  12. Sirf Ehsaas Hai YE Rooh Se Mehsoos Karo......Pyaar Ko Pyaar Hi Rehne Do......Koi Naam Naa Do......

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  14. मेरा प्यार आसमान में उड़ान भरता परिंदा है और तुम्हारा प्यार पिंजड़े में कैद परिंदा है...

    पिंजरे के पंछी रे तेरा दर्द न जाने कोय .......तेरा दर्द न जाने कोय ...........!!!!!

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  15. खुशदीप जी
    बहुत अच्छी पोस्ट है
    मज़ेदार

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  16. ईश्वर का प्यार सही दर्शाया....



    नेता के केस में तो ५ लाख डॉलर प्लस टेक्सेस भी लग जाये तो दे देना चाहिये. :)

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  17. ये लोग पुनर्जन्म को नही मानते क्या ?

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