रविवार, 18 जुलाई 2010

उम्र का बढ़ना भी एक त्यौहार हुआ...खुशदीप

आज आपको अटल बिहारी वाजपेयी जी की एक कविता सुनाता हूं...क्यों सुना रहा हूं ये आज आपको पाबला जी की पोस्ट से शायद पता चल जाए...अटल जी जिस राजनीतिक धारा से जुड़े रहे, उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं लेकिन एक कवि, एक वक्ता और एक व्यक्ति के नाते मैं उनका बड़ा सम्मान करता हूं...जबसे वो सक्रिय राजनीति से हटे हैं, उनके छायावादी भाषणों की कमी भारतीय राजनीति को बहुत खल रही है...यही कामना करता हूं कि वो अति शीघ्र स्वस्थ हों...लीजिए उनकी कविता का आनंद लीजिए...




नए मील का पत्थर

नए मील का पत्थर पार हुआ,
कितने पत्थऱ शेष न कोई जानता,


अंतिम कौन पड़ाव नहीं पहचानता,
अक्षय सूरज, अखंड धरती,
केवल काया जीती-मरती,
इसलिए उम्र का बढ़ना भी एक त्यौहार हुआ,
नए मील का पत्थर पार हुआ...


बचपन याद बहुत आता है,
यौवन रसघट भर लाता है
बदला मौसम, ढलती छाया,
रिसती गागर, लुटती माया,


सब कुछ दांव लगाकर घाटे का व्यापार हुआ
नए मील का पत्थर पार हुआ...

-अटल बिहारी वाजपेयी

23 टिप्‍पणियां:

  1. अटर बिहारी वाजपेयी आखिरी कड़ी हैं शुद्ध औऱ साफ राजनीति के। उनके बाद की पीढ़ि औऱ हमारी पीढ़ी में न कोई स्वपनद्रष्टा है, न ही कोई कर्मयोद्धा। उनकी उदारवादी सोच औऱ ईमानदारी की तुलना नहीं। उनके साथ या बाद के किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता में नहीं। बैसे देखा जाए तो राष्ट्रीय स्तर का कोई नेता है ही कहां। उम्र का पड़ाव त्यौहार बन जाए तो क्या बात है। भगवान करे की वो शख्स जितने भी दिन रहें, लोगो के सामने रहें और रिटायरमेंट ही सही पर स्वस्थ जीवन जिएं।

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत सुंदर कविता, अटल जी एक सच्चे ओर इमान दार नेता थे, जिन्होने साफ़ सुथरी राज नीति कि थी ओर अंतर राष्ट्रिया मंच पर बहुत गर्व से हिन्दी मै भाषाण दे कर भारत का माथा ऊंचा किया था, ओर उन के बाद तो ....

    उत्तर देंहटाएं
  3. जन्म दिन के मौके पर बढ़िया कविता पढ़वाई.

    जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  4. उम्र का बढ़ना भी एक त्यौहार हुआ,
    सब कुछ दांव लगाकर घाटे का व्यापार हुआ

    दोनों पंक्तियाँ अपनी अपनी जगह सही हैं ।
    वाजपायी जी को हम बचपन से सुनते आये हैं । एक अकेले वही नेता थे जिनको सुनने के लिए हम घंटों इंतजार करते थे , चुनाव के समय ।
    जन्म दिन किस का है , अभी पता नहीं चला , लेकिन बधाई स्वीकार करें ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. हमारे संस्कृति में त्यो्हार ही त्यो्हार हैं जी।
    हम उत्सव धर्मी लोग जन्म से मरण तक त्योहार ही मनाते है।

    जन्म दिन हार्दिक शुभकामनाएं

    मस्त रहो मस्ती में,आग लगे बस्ती में

    मर्द को दर्द,श्रेष्ठता का पैमाना,पुरुष दिवस,एक त्यौहार-यहाँ भी आएं

    उत्तर देंहटाएं
  6. एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों,
    ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों,
    बनता है मेरा काम तुम्हारे काम से,
    होता है मेरा नाम, तुम्हारे ही नाम से,
    तुम जैसे मेहरबान का सहारा है दोस्तों,
    ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों.
    यारों ने मेरे वास्ते क्या कुछ नहीं किया.
    सौ बार शुक्रिया, अरे सौ बार शुक्रिया,
    वक्त तुम्हारे साथ गुज़ारा है दोस्तों,
    ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों,
    एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत अच्‍छी कविता .. जन्‍मदिन की शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. खुशदीप भाई, जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं…
    आप एवं आपका परिवार सुखी एवं समृद्ध हो यही कामना…

    उत्तर देंहटाएं
  9. खुशदीप भाई, जन्मदिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएं !

    उत्तर देंहटाएं
  10. हर खुशी हो वहाँ , तू जहाँ भी रहे,
    जिदगी हो वहाँ , तू जहाँ भी रहे............

    (उम्र का बढ़ना भी एक त्यौहार हुआ)-----इस त्यौहार की बधाई..और शुभकामनाएं स्वीकारें....

    उत्तर देंहटाएं
  11. जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं खुशदीप जी !

    बढ़िया कविता सी गुजरवाया आपने ! आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  12. BAHUT BAHUT AABHAR JO ITANI KHUBASURAT KABITA SE PARICHYA KARAYA
    ARGANIKBHAGYODAY.BLOGSPOT.COM

    उत्तर देंहटाएं
  13. लिखा तो बहुत ही अच्छा है आपने
    तारीफ कैसे करू , कुछ छोड़ा
    किधर है आपने ,
    मेरे लिए
    सब कुछ तो खुद ही लिख दिया है आपने..

    उत्तर देंहटाएं
  14. खुश दीप जी आप को जन्‍मदिन की शुभकामनाएं , ओर बहुत बहुत बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  15. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

    उत्तर देंहटाएं
  16. वैसे केक किधर गया। नजर नहीं आया।

    उत्तर देंहटाएं
  17. जन्म दिन हार्दिक शुभकामनाएं

    ये कविता पढवाने के लिये शुक्रिया ।

    कल (19/7/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट देखियेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  18. जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें।
    कविता पढवाने के लिये शुक्रिया।
    कल (19/7/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट देखियेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  19. कविता अच्छी है भैया लेकिन आज जन्मदिन के दिन ये गंभीर दर्शन क्यों? आज तो कुछ तडकता सा लगाते.. :) जनमदिन की शुभकामनाएं..

    उत्तर देंहटाएं
  20. ढेरो शुभकामनाये . फ़ोन नही उठा . पार्टी ड्यू ........... happy birthday

    उत्तर देंहटाएं
  21. खुशदीप भाई !
    जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें स्वीकार करें !
    ब्लाग जगत में कम ही लोग हैं जो आप जैसे सह्रदय हों, पहली बार आपसे मिला तो लगा सत्संग मिल गया , आप जैसा मित्र पाकर लगता है कि हम भी कुछ धनी हो गए ! यूं ही हँसते और हंसाते रहो प्यारे !

    उत्तर देंहटाएं
  22. खुशदीप भाई! पिछले दो दिनों से इतनी व्यस्तता रही कि आप के जन्मदिन का भी कल पता लगा। देर से ही सही बहुत बहुत बधाइयाँ।

    उत्तर देंहटाएं