बुधवार, 14 जुलाई 2010

बच्चे हैं या बाप रे बाप...खुशदीप

स्पाइडरमैन...




सारे घर के बदल डालूंगा...




 चॉकलेट की बच्ची तू छिपी है कहां...



                                                                  

छलकाए जाम, आइए आपकी आंखों के नाम...



प्रेम की धारा बहाते चलो...

21 टिप्‍पणियां:

  1. छोटा बच्चा जान के हमको....!

    ये बच्चे भविष्य के बाप हैं भाई।

    हा हा हा हा

    जय हिंद

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  2. हा हा!!! प्यारे प्यारे बच्चे..आप खाम खाँ डर रहे हैं.

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  3. accha to...makkhan janab aise the bachpan mein..
    tabhi to..:)
    haan nahi to..!!

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  4. @ sabse badhiya number 4...
    Sameer ji bahut gore the bachpan mein...
    poot ke paaon paalne mein hi dikh rahe hain..
    :)
    :)

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  5. हा हा हा ! सही अंग्रेज़ दे पुत्र हैं ।

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  6. भैया किसकी गाड़ी की धुलाई हो रही है?

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  7. बच्चे हैं या बाप रे बाप...... :-)

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  8. कितने तो क्यूट बच्चे हैं :)

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  9. बच्चे तो बच्चे ही होते हैं ……………ऐसी शैतानियां वो नही करेंगे तो कौन करेगा।

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  10. मुझे याद है जब मै छोटी थी तो मेरे किसी शैतानी पर सब बड़े कहते थे कि आज के बच्चे तो हमसे हर बात में दो हाथ आगे है पर अब मुझे लगता है कि २१वि सदी के ये बच्चे तो हमसे दस हाथ आगे है हर बात में और शैतानिय करने में भी

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  11. खुशदीप जी,
    पता नहीं भविष्य में कैसे छलारुओं से सामना होगा एक दो दिन पहले कहीं एक चुटकुला पढा था -

    कोचिंग क्लास का टीचर : नालायक, होमवर्क कर के क्यूं नहीं लाता?

    छात्र : चुप बे, ग्राहक से बात करने की यही तमीज है क्या?

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  12. सब के सब कमाल हैं ..एक दम फ़ेयर एंड लवली ..लग रहे हैं ...

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  13. एक बेहद उम्दा पोस्ट के लिए आपको बहुत बहुत बधाइयाँ और शुभकामनाएं !
    आपकी चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है यहां भी आएं

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  14. राजीव तनेजा को अपनी बचपन की फोटो के साथ भेजिये और फिर एक बार लगाइये ।

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