खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से कलम-कंप्यूटर तोड़ रहा है

बिना शब्दों की पोस्ट...खुशदीप

Posted on
  • Friday, July 2, 2010
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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    19 comments:

    1. तभी तो कहते हैं ……………बिना शब्दों के कही गयी बात मे बहुत असर होता है।

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    2. सुंदर अति सुंदर!!!!

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    3. एहसास और गहरे हो जाते हैं
      शब्दों से जब हम परे हो जाते हैं

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    4. चित्र भी बोलते हैं । लास्ट वाला बहुत भावपूर्ण ।

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    5. ......................................................................................................



      कुछ कहने तो छोड़ा कहाँ आपने !!

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    6. बिन बोले सब बोल दिया, अब कुछ कहा न जाय। नित नव पठन दर्शन को मिले बिन टिपियाये रहा न जाय बहुत ही शानदार व जानदार। बधाई!

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    7. कई बार शब्दों आदमी वो कह नही पाता जो कहना चाहता है मगर कुछ बातें वो बिना शब्दों के महसूस कर लेता है और वही सत्य है ,ाद्भुत सत्य। बहुत सुन्दर-- बधाई। आशीर्वाद।

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    8. एहसास और गहरे हो जाते हैं,
      शब्दों से जब हम परे हो जाते हैं..........



      Jai Hind....

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    9. एहसास और गहरे हो जाते हैं,
      शब्दों से जब हम परे हो जाते हैं..........

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    10. चित्रों की भाषा महाकाव्‍य से कम नहीं होती. धन्‍यवाद.

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