कई बार शब्दों आदमी वो कह नही पाता जो कहना चाहता है मगर कुछ बातें वो बिना शब्दों के महसूस कर लेता है और वही सत्य है ,ाद्भुत सत्य। बहुत सुन्दर-- बधाई। आशीर्वाद।
रही ना पूरी अनपढ़ की अनपढ़...खुशदीप
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मक्खन अपनी कार के दो पहिये अचानक उतारने लग गया...
मक्खनी ने कहा...ये क्या कर रहे हो? कार के दो पहिये क्यों उतार रहे हो?
मक्खन...चुप कर ज़ाहिल औरत, रही ...
Order is Order
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Joke will start after some blank lines...
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Shower of Dollars on highway
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A windfall awaited people of Pennsylvania (USA) when a van spilled
thousands of notes along a highway.
According to CBS, a bank courier van on Wednesday s...
सिविल डिसओबिडियेन्स
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*सत्याग्रह* या सदाग्रह का शाब्दिक अर्थ *सत्य के लिये आग्रह करना* होता
है.यह और बात है की असत्य की राह पे चलने वालों को यह शब्द सिविल
डिसओबिडियेन्स या कह...
“मोदी पसन्द है। पर लोग उसे बनने नहीं देंगे!”
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लोकभारती में कल सयास गया। दफ़्तर से लौटते समय शाम के सात बज जाते हैं। सिविल
लाइन्स से उस समय गुजरते हुये मैने हमेशा लोकभारती को बन्द पाया। इस बीच
पुस्तकें ...
पत्रकारिता और पेपाराज़्ज़ी का फ़र्क...खुशदीप
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16 मई को संजय दत्त के घर के बाहर सुरक्षा का कड़ा पहरा था...संजय दत्त को
सरेंडर के लिए टाडा कोर्ट जाना था, इसलिए मीडियाकर्मियों की सुबह से ही भीड़
लगने लगी...
सिनेमा से सीखते सीखते
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1978 में आई शालीमार फिल्म का गाना। जिसमें ऊषा उत्थुप अपनी दमदार आवाज़ में
वन टू चा चा चा चा के स्टेप सीखा रही थीं। इस गाने में ऊषा उत्थुप दक्षिण
भारतीय म...
भ्रष्टाचार हमारे खून में -सतीश सक्सेना
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*आजकल भारतीयों में भ्रष्टाचार पर बोलने का शौक चर्राया हुआ है , कुछ वर्ष
पहले यह हवा में इतना नहीं फैला था, हां कुछ ईमानदार राजनीतिक पार्टियाँ, जो
बेचारी ब...
आखिर माँ लौट आयी
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सूरज ढल चुका था, सारे ही पक्षी अपने बसेरों में आ चुके थे। बोगेनवेलिया से
चीं-ची की आवाजें तेज होने लगी, मुझे लगा कि माँ लौट आयी है। सारा दिन बच्चे
अकेले र...
मैच फिक्सिंग: सरकार इस्तिफा दे!
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इतना बड़ा खुलासा. लाखों करोड़ों रुपयों का लेन देन और साथ में सेक्स स्कैंडल.
[image: protests]
श्री शांत के साथ साथ दो और खिलाड़ी. खिलाड़ियों समेत कई अन्यों ...
नदी का सागर से मिलन
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सागर से मिलने भागी आती नदी पहली बार देख रहा था, एक नदी का सागर से मिलना।
स्थान कारवार, नदी काली और अरब सागर। दोपहर के समय ऊपर से पड़ने वाली सूरज की
किरणे...
जन्नत कहीं है तो बस यहीं है , यहीं है -- मॉल कल्चर।
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कॉलेज के दिनों में अक्सर शाम को दोस्तों के साथ मार्किट की ओर निकल जाते थे ,
मटरगश्ती करने। खरीदारी करने की न कोई वज़ह या ज़रुरत होती थी , न हैसियत। जेब
मे...
साइंस ब्लॉगिंग की 03 कार्यशालाओं का आयोजन!
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विज्ञान संचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'तस्लीम' आगामी दिवसों में
राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद् (नेशनल काउंसिल फॉर साइंस
एण्ड टेक्नाल...
गांधी मैदान को ना ठगिये
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परिवार, परिवर्तन या पद। चाहिये क्या । पटना के गांधी मैदान में पटे पड़े
पोस्टर को देख कर हर किसी ने कहा परिवार। पोस्टर को पढ़ा तो हर किसी को लगा
बात तो परि...
तीन माताओं का दुलारा : किप्पर
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यह एक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त चित्र है, परिचय में लिखा है कि ये
शिशु गिलहरी ,इस गिलहरी की संतान नहीं है,बल्कि अनाथ है. 'मदर्स डे' बड़े
धूमधाम से ...
हम स्वभाव से ही तामसी होते जा रहे हैं..
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*यातयामं गतरसं पूति पर्युषितं च यत् ।
उच्छिष्टमपि चामेध्यं भोजनं तामसप्रियम् ॥ १० ॥ अध्याय १७ *
अर्थात - खाने से तीन घंटे पूर्व पकाया गया, स्वादहीन, व...
Summer Vacation 2013,, Meghdoot Backyard,
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A short time out from daily chores and ofcourse from blogging too.Meeting
you all shortly. Bye!
नानापुराणनिगमागम सम्मतं यद रामायणे निगदितं क्वचिदनयतोअपि ....
शादी में और क्या होना चाहिए?
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मौजूदा जरूरत की बीस फीसदी अदालतों में मुकदमे बहुत लंबे चलते हैं। इस बीच
मुवक्किल लगातार संपर्क में रहते हैं तो उन से मुहब्बत के रिश्ते कायम होना
स्वाभाव...
मातृ दिवस पर कुछ हाइकु .........
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*मातृ दिवस पर कुछ हाइकु .........*
*(१)*
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संग है रोई
हर दर्द मेरे माँ
दूजा न कोई*
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(२)*
*
माँ की ममता
त्याग,तप,क्षमा की *
* रब्ब सी मूरत *
*
(३)*
*
इतनी...
तरीघाट में प्राचीन सभ्यता के अवशेष
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जे. आर. भगत
अभनपुर से 14 किलोमीटर की दूरी पर प्रवाहित खारुन नदी के बांए तट पर बसा है
तरीघाट गाँव। तरीघाट जैसा की नाम से प्रतीत होता है कि यह कोई नदी का नि...
कैसे पुराने तोते के वोटर हैं आप
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(डिस्केलमर-ये पोस्ट किसी तोते की बेइज्जती के लिए नहीं लिखा गया है। अगर किसी
तोते की भावना आहत हो तो देश के सभी तोतो से क्षमा प्रार्थी हूं) वंदे मातरम
का बॉ...
आंतों का दुश्मन है इरिटेबल बाउल सिंड्रोम
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इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी आईबीएस आंतों की एक ऐसी बीमारी है जो मरीज़ की
दिनचर्या में बाधा डालने लगती है। यह आंतों को डैमेज तो नहीं करती,मगर इसके
लक्षण यह ...
लघु रामकाव्य
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''रामकथा की ऐसी पाण्डुलिपि प्राप्त हुई है जिसमें 32 पंक्तियों में रामायण के
समस्त सर्गों को छंदबद्ध किया गया है। रामकथा पर उपलब्ध यह सबसे लघुकाय कृति
है। य...
त्रिशूल,चीड़ और भांग --दिग दिगंत आमोद भरा...
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आह हा आज तो त्रिशूल दिख रही है. नंदा देवी और मैकतोली आदि की चोटियाँ तो
अक्सर दिख जाया करती थीं हमारे घर की खिडकी से। परन्तु त्रिशूल की वो तीन
नुकीली ...
एक झटपट पोस्ट...फ्रॉम अमस्टरडम :)
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एक झटपट पोस्ट डाल रही हूँ।
इस समय होलैंड के अमस्टरडम शहर में हूँ। यह कैनालों का शहर है। कल सारा दिन कनालों के चक्कर लागते रहे हम। खूबसूरत लोगों का बहुत ह...
चुन चुन करती आई चिड़िया ....
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खाने पीने का इंतजाम देखा तो घर ही बसा लिया
ग्रीष्म की हर नयी सुबह उगता सूरज नया -सा दिखता है ,नव आशा ,नव उमंग , नव
उत्साह . शीतल मंद बयार के साथ सब कुछ ध...
श्रमकर पत्थर की शय्या पर
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श्रमकर पत्थर की शय्या पर
आज एक मई है। यानी कि मजदूर दिवस! इन श्रमकरों के श्रम के बिना हम जीवन में
कुछ नहीं हासिल कर सकते। उनका श्रम वंदनीय है। मुम्बई में ...
2014 Loksabha Elections - BJP Should Fight Alone
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*२०१४ में भाजपा को अकेले अपने दम पर ही चुनाव लड़ना चाहिए*
कहावत है कि “यदि किसी पार्टी में जनता का मूड भाँपने का गुर नहीं है और
निर्णयों को लेकर उसकी टाइमि...
चाय में चीनी जरा कम है, ये आज का पहला गम है
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चाय में चीनी जरा कम है, ये आज का पहला गम है। IPL में चौके हैं, छक्के हैंचीयरबालायें
बेदम हैं। चीन का तंबू तिब्बत में,उनके यहां जगह कम है। -कट्टा कानपुरीये
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कल-कल की शब्दावली
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भा षा का विकास प्राकृतिक ध्वनियों का अनुकरण करने से हुआ है। पानी के बहाव
का संकेत *‘कल-कल’* ध्वनि से मिलता है। इस ‘कल’ के आधार पर देखते हैं कि हमारी
भाषाओ...
Our Lady of Lourdes Gluten-Free Treat
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*Today is the traditional feast of St. Bernadette Soubirous, saint of
Lourdes and Pope Emeritus Benedict XVI's 86th birthday! I thought it would
be the pe...
"इतिहास-पुलाव" वाया फेसबुक :)
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कभी-कभी कोई फेसबुकिया स्टेटस पोस्ट लायक भी हो जाता है.....कुछ-कुछ
वैसा ही जैसे कोई पौधा इस उम्मीद में गमले में लगाया गया हो कि केवल पत्तेदार
हरिया...
आई(आइए) पी(पैसा)एल (लूटें)..IPL की बमचक
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गूगल सर्च इंजन से साभार
तो आईपीएल का नयका संस्करण फ़िर से पूरे उफ़ान पर है और पब्लिक का जोश तूफ़ान पर
है लेकिन तूफ़ान से भी ज्यादा आज कुछ तूफ़ानी करते हैं ट...
MP3 से वीडियो बिना ज्यादा मेहनत किये
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कल जो पोस्ट मैंने की थी उसमें पोडकास्ट बनाने वाले ब्लोगरों को टेढ़ा मेढ़ा हल सुझाया था, पर उस सुलझन में एक उलझन भी थी।
वह उलझन रवि रतलामी जी ने कमेन्ट में ल...
इस रात की सुबह नहीं...
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बात इसी सर्दी के दिनों की है जब रात का पारा जीरो के नीचे चला गया था. रजाई
भी उस रात बहुत कारगर नहीं था. ठंड ने कई बार जगाया. सिहरन भरी रात उसकी याद
बार-ब...
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*किन ख्यालो मे डुबे हे जनाब !!! अपना ब्लाग अभी तक नही इस परिवार मे शामिल
नही करवाया क्या.... जी *नमस्कार आप सभी को , अगर आप को यहां दो लाईने ही दिख
रही हे ...
नववर्ष की शुभकामनाएँ
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मुझे बहुत ही हार्दिक संतोष और प्रसन्नता मिली कि मेरी स्वस्थता के लिए आप
सभी सुधि जनों ने
मुझे शुभकामनाएँ दी. इसके लिए मैं आप सभी का दिल से आभारी हूँ और ह...
त्योहार के दिन...
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त्योहार आते हैं तो सुबह से मन का डोर कहीं खिंचा लगता है.
अन्दर ही अन्दर थोड़ी उदासी रहती है.
जैसे मज़ार पर भीनी भीनी अगरबत्ती जलती रहती है.
कोई अन्दर से थप...
1989 की कवितायें - दो तिहाई ज़िन्दगी
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यह उन दिनों की कविता है जब नौकरी भी आठ घंटे करनी होती थी और मजदूरी के भी आठ
घंटे तय होते थे , शोषण था ज़रूर लेकिन इतना नहीं जितना कि आज है । कुछ
अजीबोगरीब ...
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* एक ग़ज़ल आप सब के लिए
बच्चों के बीच दादी के किस्से संभालिये
बाबा की आन-बान के खूंटे संभालिये
अम्माँ की याद, तुलसी के बिरवे संभालिये
फसलों के साथ आपसी रि...
उम्र भर इक मुलाकात चली जाती है....
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'रेमो' (Remo farnandis: the great singer)के घर गई तो ऐसा लगा 'अन्ना
केरेनिना' अपना प्यार ढुंढने आई है...
पुराना घर, ढेर सारी पुरानी परम्पराओ (गोवन और पुर्...
पोस्ट वही जो लफ़ड़े करवाये..डॉ अमर (..खुशदीप)
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आप सबसे पहले तो माफ़ी चाहता हूं कि* अमर वचन *का सिलसिला मेरी व्यस्तता के
चलते बीच में टूट गया था...*डॉक्टर अमर कुमार *के हमारे बीच से गए करीब नौ
महीने...
बदनाम बस्ती की जिद्दी लड़की की एक और जिद
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देसी चीयर्स लीडर के ठुमके
गीताश्री
बदनाम बस्ती की सबसे जिद्दी लडक़ी इन दिनों बेहद चिंतित और गुस्से में है। उसे बेचैन कर दिया है इस खबर ने कि उस बस्ती की लड़...
डॉक्टर ‘कन्हाई’
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*“**कन्हाई कहीं नहीं जाती, हम जहाँ रहते हैं वहीं लोग दू और चार चक्का लगवाकर
चलने को कहते हैं।**”*
किसी मुम्बईया मसाला फिल्म का ताली पीट संवाद सा लगने वाला...
अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो....सर्जना शर्मा
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अस्पताल के गलियारे में वो मुझे यदा कदा टहलते मिलतीं, छोटा सा कद, भारी भरकम
शरीर हम दोनों की नज़रें मिलती लेकिन संवाद कोई नहीं होता. एक सुबह जब मैं
नर्सिं...
आज का अयोध्या
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अयोध्या यानि भगवान राम की जन्मभूमि। अयोध्या यानि यूपी के फैजाबाद जिले का एक
इलाका। अयोध्या यानि बाबरी मस्जिद। अयोध्या यानि भारतीय राजनीति सबसे गर्म
मुद्दा।...
लीजिए, हम भी आ गए...
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ब्लॉग की अंतहीन दुनिया में कदम रखने से पहले ये बात कई दफ़ा दिमाग में आई कि
डायरी लिखने का ये आधुनिकतम तरीका क्या वाकई आपके भीतर के सच को सामने लाने का
एक ज...
अद्भुत
ReplyDeleteतभी तो कहते हैं ……………बिना शब्दों के कही गयी बात मे बहुत असर होता है।
ReplyDeletebeautiful....
ReplyDeleteसुंदर अति सुंदर!!!!
ReplyDeleteWonderful..
ReplyDeleteएहसास और गहरे हो जाते हैं
ReplyDeleteशब्दों से जब हम परे हो जाते हैं
सुंदर कलेक्शन।
ReplyDelete………….
दिव्य शक्ति द्वारा उड़ने की कला।
किसने कहा पढ़े-लिखे ज़्यादा समझदार होते हैं?
चित्र भी बोलते हैं । लास्ट वाला बहुत भावपूर्ण ।
ReplyDelete......................................................................................................
ReplyDeleteकुछ कहने तो छोड़ा कहाँ आपने !!
बिन बोले सब बोल दिया, अब कुछ कहा न जाय। नित नव पठन दर्शन को मिले बिन टिपियाये रहा न जाय बहुत ही शानदार व जानदार। बधाई!
ReplyDeleteकई बार शब्दों आदमी वो कह नही पाता जो कहना चाहता है मगर कुछ बातें वो बिना शब्दों के महसूस कर लेता है और वही सत्य है ,ाद्भुत सत्य। बहुत सुन्दर-- बधाई। आशीर्वाद।
ReplyDeleteएहसास और गहरे हो जाते हैं,
ReplyDeleteशब्दों से जब हम परे हो जाते हैं..........
Jai Hind....
“!!!!!!!!!!!”
ReplyDelete...
ReplyDeleteएहसास और गहरे हो जाते हैं,
ReplyDeleteशब्दों से जब हम परे हो जाते हैं..........
शानदार.
ReplyDeleteचित्रों की भाषा महाकाव्य से कम नहीं होती. धन्यवाद.
ReplyDeleteanoothi prastuti
ReplyDeletehttp://sanjaykuamr.blogspot.com/
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