शुक्रवार, 18 जून 2010

बब्बू मान ने किया लाला लाजपत राय का अपमान...खुशदीप

लाला लाजपत राय का नाम कौन नहीं जानता...शहादत की दुनिया में पंजाब केसरी का नाम बड़े मान से लिया जाता है...देश को ब्रिटिश हुकूमत की बेड़ियों से आज़ाद कराने में लाला जी के दिए महत्ती योगदान को कौन भुला सकता है...इतिहास गवाह है कि लाला जी ने 30 अक्टूबर 1928 को साइमन कमीशन के विरोध में लाहौर में प्रदर्शनकारियों की भीड़ की अगवाई की थी...संविधान में संशोधन के लिए साइमन कमीशन भारत आया था...उसी प्रदर्शन में लाला जी पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गई थीं...इस घटना के सत्रह दिन बाद यानि 17 नवंबर 1928 को लाला जी ने आखिरी सांस ली थी...


लाला लाजपत राय

लाला लाजपत राय के बलिदान को हर देशप्रेमी नमन करता है...लेकिन क्या कोई शख्स ऐसा भी है जो लाला जी की शान में गुस्ताखी कर सकता है...उनके बलिदान की खिल्ली उड़ा सकता है...ऐसा ही एक शख्स है पंजाबी गायक बब्बू मान...बब्बू मान ने लंदन के वेंबले एरिना में अपने शो में गाए एक गीत में लाला जी के लिए क्या कहा...

आप खुद ही सुनिए...


सुना आपने...बब्बू मान ने क्या फरमाया...बब्बू मान कह रहा है कि पंजाब के मोगा के डुडिके गांव के एक शख्स (लाला जी) ने शेव करायी थी लेकिन मूंछे बढ़ाई हुई थी...धूप भी उन्हें चुभती थी, इसलिए छाता लेकर आए थे... और साइमन कमीशन का विरोध करते वक्त लाला जी की मौत लाठियों के प्रहार से नहीं बल्कि दिल का दौरा पड़ने से हुई थी...और लाला जी का नाम खामख्वाह शहीदों में आ गया...


बब्बू मान

पंजाब और पंजाबियों में बब्बू मान के खिलाफ ज़बरदस्त आक्रोश के बाद अब बब्बू मान का कहना है कि उसने जो गाने में कहा वो इतिहास की कुछ किताबों के हवाले से कहा है...और वो इन किताबों का नाम इसलिए नहीं बताना चाहते कि मुद्दे को और तूल मिलेगा और लोगों के दिलों को और ठेस पहुंचेंगी...वाह, बब्बू मान, वाह...अफसोस भी जता रहे हो तो हेकड़ी के साथ...वैसे अगर मान भी लिया जाए कि लाला जी की मौत लाठीचार्ज के 17 दिन बाद दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, लेकिन क्या लाला जी के आज़ादी के लिए दिए योगदान को कोई मिटा सकता है...बब्बू मान ने जिस तरह अपने गाने को कंट्रोवर्सियल बनाने के लिए लाला जी का अपमान किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है...

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि बब्बू मान का नाम विवादों में आया हो...पहले भी बब्बू मान ने एक गाने में रिवाल्वर चक ल्यो (रिवाल्वर उठा लो) जैसा युवकों को गलत संदेश देने की कोशिश की थी...बब्बू मान की आवाज़ अच्छी है, चाहने वाले भी पूरी दुनिया में हैं...लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि देश के महानायकों का ही मखौल उड़ाने का उन्हें लाइसेंस मिल गया है...याद रखो बब्बू मान, तुम्हारे चाहने वाले अर्श पर चढ़ा सकते हैं तो मिनटों में तुम्हे फर्श पर पटक भी सकते हैं...

45 टिप्‍पणियां:

  1. बेहद शर्मनाक बात है। लेकिन सबसे ज्‍यादा शर्मनाक तो यह है कि हमारी युवापीढी इन जैसों के पीछे पागल हो जाती है। जबकि होना तो यह चाहिए था कि उसी सभा में उसकी पिटाई होती।

    उत्तर देंहटाएं
  2. ये अटेंशन सीकर दो टके के गवैये हैं और कुछ नहीं.. पता है उन्हें कि ४ दिन का कैरियर है उनका जितना कमा सकें कमा लें.. ऐसे लोगों के सर पे सरेआम जूत बाजनी चाहिए..

    उत्तर देंहटाएं
  3. """"बब्बू मान की आवाज़ अच्छी है, चाहने वाले भी पूरी दुनिया में हैं...लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि देश के महानायकों का ही मखौल उड़ाने का उन्हें लाइसेंस मिल गया है...याद रखो बब्बू मान, तुम्हारे चाहने वाले अर्श पर चढ़ा सकते हैं तो मिनटों में तुम्हे फर्श पर पटक भी सकते हैं...""""

    आपके उपरोक्त विचारों से सहमत हूँ कम से कम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के विरुद्ध विषवमन करें उसका हर हाल में विरोध किया जाना चाहिए ..देश से बढकर कोई नहीं .... आभार जानकारी पूर्ण पोस्ट...

    उत्तर देंहटाएं
  4. इस 'मान' को मान का मतलब ही नहीं पता ...
    इसे मान देना बंद किया जाए....
    कमसे कम इतिहास पुरुषों/स्त्रियों के नामों को बचाने के लिए सरकार को कुछ करना ही चाहिए....
    मैं इसकी भर्त्सना करती हूँ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. बब्बू का यह कृत्य शर्मनाक व निंदनीय है

    उत्तर देंहटाएं
  6. ये लोग ऐसे विवाद उठा कर नाम कमाना चाहते हैं..शर्मनाक!!

    उत्तर देंहटाएं
  7. ये लोग विवादजीवी हैं, यह सब केवल विवादों के ज़रिये चर्चा में रहने का होता है.

    उत्तर देंहटाएं
  8. लगता है बब्बू मान भी ब्लोगिंग में आने वाला है ।
    पहले से हिट होने की तैयारी कर रहा है ।

    सच है --गलत है ।

    उत्तर देंहटाएं
  9. दोष तो हम नागरिकों का है .. इस प्रकार के विवाद खडे करनेवालों को भी सर पर चढा लेते हैं !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. भैया...संगीता पूरी जी के कमेन्ट को मेरा कमेन्ट माना जाए....

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  11. हमारे देश में सच्चे स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों की यही नियति है।

    उत्तर देंहटाएं
  12. आज़ाद भारत में जन्म लिया है ना....लगता है स्वतंत्रता का अर्थ भी नहीं जानते...स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में क्या जानेंगे? शर्मनाक...ऐसे लोगों का पुरजोर विरोध होना चाहिए.

    उत्तर देंहटाएं
  13. दो कौडी के इस गायक के लिये शर्म की बात है।आइसे लोग पूरी भारत के लिये ही नही बल्कि सिख समुदाय के लिये भी कलंक हैं। इन जैसे लोगों का विरोध होना चाहिये। आज के बाद मै इसका कोई गीत नही सुनूँगी। और अपने बच्चों और सब से इसका वहिष्कार करने को कहूँगी। ये इनके झूठी प्रसिद्धी पाने के गन्दे फार्मूले हैं । भगवान इनको सदबुद्धी दे।

    उत्तर देंहटाएं
  14. बब्बू मान धिक्कार है तुमको, बहुत गन्दा काम किया है तुमने.....

    उत्तर देंहटाएं
  15. मेरी तरफ से दो सङे जूते मारे जायें.....

    उत्तर देंहटाएं
  16. बब्बू मान गायक हैं? मुझे नहीं पता था. लाला लाजपत राय के बारे में तो बचपन से पता है.

    उत्तर देंहटाएं
  17. वैसे ये गवैये बब्बू का नाम तो मैंने भी आज पहली बार ही सुना है. अच्छी आवाज वाले भांड आज देश के कोने कोने में मिल जायेंगे. शायद इसकी आवाज़ की एक दो लोगो ने तारीफ कर दी होगी और ये अपने कपड़ो से बहार आ गया. गलती जनता की भी बराबर की है जो ऐसे लोगो को कुछ ज्यादा ही तवज्जु देती है.

    उत्तर देंहटाएं
  18. Shame on the rascal !"याद रखो बब्बू मान, तुम्हारे चाहने वाले अर्श पर चढ़ा सकते हैं तो मिनटों में तुम्हे फर्श पर पटक भी सकते हैं..."

    उत्तर देंहटाएं
  19. Sabse pahle to meri ye soch hai Lala Lajpat Rai Punjabi nahi the........wo ek swabhimani bhartiya the.....aur jinke karan ham saare bharatwaasi ka seena choura hua......beshak iss karya ke liye unhe apne jaan ki aahuti deni pare!!

    Dusreee baat!! ye do kaudi ke logo ke statement se kabhi bhi Dil pe basne wale.....bhagwan tulya logo ki position me thori bhi kami ho sakti hai.....!!

    Waise sir!! aaisee baato ko samne lane ke liye aap ne ek prashansniya karya kiya hai.......dhnyawad!!

    उत्तर देंहटाएं
  20. बेहद शर्मनाक ..
    पर खुशदीप जी ! हो सकता है वो जो कह रहा हो ठीक भी हो अब उसे जो यहाँ पढ़ाया जायेगा वही पढ़ेगा न ..लाला जी को ही नहीं ..हमारे भगत सिंह ओर शिवाजी को भी यहाँ का इतिहास कुछ ओर ही कहता है .
    लेकिन अगर पढ़ा भी है तो उसे सही मान कर गाना ..ये उसकी नीचता ही है.

    उत्तर देंहटाएं
  21. शिखा जी,
    ये बात कुछ इतिहासकार भी मानते हैं कि लाला लाजपत राय की मौत लाठीचार्ज के सत्रह दिन बाद हुई थी इसलिए ये कहना कि लाला जी की मौत लाठियों के प्रहार से हुई थी, अतिश्योक्ति भी हो सकता है...मेरा ऐतराज़ इस पर नहीं बल्कि इस बात पर है कि लाला जी के स्वतंत्रता संग्राम में दिए योगदान को ही सिरे से खारिज करने की कोशिश की गई...उन्हें खामख्वाह का शहीद बताया गया...ये कहा गया कि उनसे धूप तक बर्दाश्त नहीं होती थी, इसलिए छाता साथ लेकर गए थे...ये खिल्ली उड़ाने वाले अंदाज़ की जितनी भर्त्सना की जाए, कम है...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  22. बेहद शर्मनाक

    जिन जननायकों के जोशीले किस्से पढ़ते हम बड़े हुए हैं उनके बारे में ऐसा सुन क्रोध ही आएगा। आपके द्वारा दिए गए वीडिओ की लिंक के शुरूआत में ही लिखा पाया कि telling the truth about fake freedom fighters

    हद हो गई!

    उसी वीडियो की टिप्पणियों में, इस कथित गायक के बारे में लिखा हुआ है everybody knows who brought him up and after that when he became a known singer he laft them and never came back to see how those people are living

    और भी है क्षोभ:
    I can't believe these people are cheering him because he is insulting a true patriot

    ਜੇ ਉਹ ਸ਼ਹੀਦ ਨਹੀਂ ਸੀ ਤਾਂ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨੇ ਉਸ ਦਾ ਬਦਲਾ ਕਿਓਂ ਲਿਆ ਸੀ

    bhagat singh nu lala lajpat rai di maut da badla lain layi faasi mili,tere mutabik bhagat singh ne fuddu bande layi aena kujh kita????
    tere mutabik lala lajpat rai vi fuddu aa te bhagat singh vi...ik tu hi wadda hero aa...

    उत्तर देंहटाएं
  23. शर्म करो!!!!!बब्बू मान।

    केवल तुम्हारे एक गीत के लिये……?। थू !!

    उत्तर देंहटाएं
  24. इस देश में सबसे आसान यही रह गया है कि किसी भी महत्वपूर्ण सेनानी , देशभक्त , को गाली दो अनाप शनाप बको ....पता ही है कि न तो सरकार कोई दंड देगी न ही पब्लिक सरे आम जूते मारेगी । वैसे भी जिस स्तर के ये गायक हैं उनसे ऐसी किसी बात की अपेक्षा की जा सकती है । घिन्न आती है ऐसे लोगों के नाम से ....साले जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं ।

    उत्तर देंहटाएं
  25. आज पता चला बब्बू मान नाम का कोई गायक है .बब्बू जो चाहता था वह उसे मिल गया .नाम

    उत्तर देंहटाएं
  26. ये बब्बू मान कौन है? हमें तो आपसे ही पता चला कि ये गाता भी है..

    उत्तर देंहटाएं
  27. panjab ke logon ko ''gurdas man '' ko chhod ye laundon wali shakl wale ko kisi tarah ka man hi nahi dena chahiye..ye kisi tarf se singer lgta hi nahi hai ..abhi..2 thode din pahle ak bekar sa geet ''baba nanak ji ''ki aad lekar ga kar vivad paida kar chuka hai .'' ik baba nanak see.....'' naklchi hai ..harman heer ki nakal kar raha tha fans gya......llaa

    उत्तर देंहटाएं
  28. आंधी बाजारवाद ने बब्बू मान जैसे लोगों को सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक खतरनाक हथियार दे दिया है - "महापुरुषों, संतों का अपमान करो ... रातों रात प्रसिद्धि मिल जायेगी". बब्बू मान जैसे लोगों पैसे और प्रसिद्धि के आगे अपना जमीर बेच चुके हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  29. मुझे भी कुछ कहना है :

    यह सच है कि उन दिनों पँजाबी क्राँतिकारी नौज़वानों का एक बड़ा तबका लाला जी को हिकारत से देखता था । कारण ्था उनकी कार्यशैली में अलग तरह की सोच और टकराव ।
    21 सितम्बर 1927 को नौज़वान सभा की पत्रिका ’किरती’ में उन्होंने लाला जी के नाम एक खुला पत्र प्रकाशित किया है । सँक्षेप में..

    " जिन सज्जनों का लाला लाजपत राय से अच्छी तरह वास्ता पड़ा है, वे लाला जी की न्र्तागिरी की कोरी इच्छा और देश के लिये सिवाय टर्र टर्र करने तथा कुछ और न करने को अच्छी तरह जानते हैं । विदेशों में बसे भाईयों, विशेषकर अमेरिका व कनाडा निवासी सिखों का विश्वास पहले ही लाला जी पर से उठ गया है, जब आप्कानाड़ा-अमेरिका गये थे और उनको उन हिन्दुस्तानी भाईयों ने अपने गाढ़े पसीने की कमाई का काफ़ी रुपया हिन्दुस्तान में आज़ादी के लक्ष्य को दिया था और उन भाईयों के अनुसार लालाजी ने वह रूपया अपनी मर्ज़ी से खर्च किया और बहुत सा रूपया स्वयँ ही हड़प कर गये ।
    लाला जी की आजकल की मनमरजी और टेढ़ी चालों से हिन्दुस्तान के लोगों व राजनैतिक लोगों में उनका विश्वास उठ गया है ।
    ( इस पत्र पर लोगों के हस्ताक्षर हैं )

    यह सर्वमान्य तथ्य है कि लाला लाजपत राय का उन दिनों के नारे " मैं तख़्त लूँगा या तख़्ता !" ने सरकार को बौखला दिया था । लाठीचार्ज के मुख्य निशाने पर अकेले वही रहे, बद के 16 दिनों तक की अस्वस्थता के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती गयी, जिसका साक्ष्य स्वास्थ्य बुलेटिनों में दर्ज़ है, 17 वें दिन उनकी मृत्यु के बाद जैसे एक आग भड़क उठी ।

    रातों रात माहौल बदल गया, और इन्हीं पँजाबी नौज़वानों ने सब आगा-पीछा भुला कर लाला जी की मृत्यु को राष्ट्रीय अपमान समझा, और प्रतिकार स्वरूप 17 दिसम्बर को साँडर्स की हत्या कर दी । 18 दिसम्बर की सुबह लाहौर के सड़कों पर पर्चे बाँटे गये जिसमें हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजाताँत्रिक सेना के कमाण्डर इन चीफ़ ने हत्या की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली ।

    बावज़ूद इसके, उस समय तमाम कनाडियन सिख लाला जी की मौत को झोली में आयी शहादत मानते और प्रचारित करते थे । घायलावस्था की क्षीणता में हृदयगति का ठ्प हो जाना मानों कोई अलग किसिम की मौत हो... सँभवतः शीरीमान गवैये जी को उस समय का कोई सँदर्भ मिल गया हो, भँड़ैती छोड़ कर इतिहास बदलने का उनका ख़्वाब वैसा ही है, जैसे गेहूँ के नौ दानें पाकर चूहा पँसारी बन बैठा हो !
    मैं यानि कि अमर कुमार इस बन्दे की भर्त्सना करने में अपनी तौहीन समझता हूँ । हमारा रीढ़विहीन नेतृत्व टैगौर की पेन्टिंग नीलाम होने से तो बचा न सका, वह अपना विरोध क्यों दर्ज़ करायेगा, जबकि आज लाजपतराय की पोल-कैचिंग इन्डेक्स शायद कोई महत्व न रखता हो ।

    तमाम तरह की अटकलों को खारिज़ करते हुये 23 दिसम्बर 1928 को लाहौर की दिवारों पर एक नोटिस चस्पाँ पाया गया.. जिसके मज़मून बहुत कुछ कहते हैं..
    17 दिसम्बर की घटना सम्बन्धी
    अब कोई रहस्य नहीं !
    अब कोई अनुमान नहीं !!
    जे. पी. साँडर्स मारा गया !
    लाला लाजपतराय का बदला ले लिया गया !!
    हि.स.प्र.से. की नियमावली ( नियम 10-B & C )के अनुसार यह सूचना दी जाती है कि यह सीधी राजनैतिक प्रकृति के बदले की कारवाई थी । भारत के महान बुज़ुर्ग लाला लाजपतराय पर किये गये अति घृणित हमले से उनकी मृत्यु हुई । यह इस देश की राष्ट्रीयता का सबसे बड़ा अपमान था और अब इसका बदला ले लिया गया है ।
    इसके बाद सभी से अनुरोध है कि हमारे शत्रु पुलिस को हमारा पता ठिकाना बताने में किसी किस्म की सहायता न दें । जो कोई इस सलाह के विपरीत काम करेगा, उस पर सख़्त कार्यवाई की जायेगी ।
    इन्क़लाब ज़िन्दाबाद ।
    हस्ताक्षर - बलराज
    कमाण्डर इन चीफ़
    23 दिसम्बर 1928


    उड़ी-बाबा टिप्पणी लम्बी हो गयी क्या... :)
    इत्ते में तो मै एक पोस्ट ही न बना लेता..:(

    उत्तर देंहटाएं
  30. interesting blog, i will visit ur blog very often, hope u go for this site to increase visitor.Happy Blogging!!!

    उत्तर देंहटाएं
  31. लगता है टिप्पणीकार के नाम की तरह उसकी बुद्धि भी छोटी है . कहने वाला कुछ भी कहे लालाजी का क़द व भारतीय इतिहास में उनका सम्मान
    व स्थान जो है वही रहेगा. इस तरह की जाने वाली बातों की जितनी निंदा की जाये कम है ! शेरे पंजाब को कोई फरक पड़ने वाला नहीं.

    उत्तर देंहटाएं
  32. ऐसे लोगो का कोई मान भी होता है ?

    उत्तर देंहटाएं
  33. babbu mann ne jo kaha waha sahi ha wastav mein hum itihas ke baare main kuch nahin jante hota kuch or ha or dikhaya kuch or jatta ha

    उत्तर देंहटाएं
  34. ei who give u freedom u are insulting him shame on u..................!!!!!!!!!!!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  35. बब्बु मान अगर किसी का मान नही कर सकता तो अपमान भी मत कर कंही एसा ना हो की तेरे ही चाहने बाले तुझे ही जुतोँ की माला पहनाए

    उत्तर देंहटाएं
  36. बब्बु मान अगर किसी का मान नही कर सकता तो अपमान भी मत कर कंही एसा ना हो की तेरे ही चाहने बाले तुझे ही जुतोँ की माला पहनाए

    उत्तर देंहटाएं