खुशदीप सहगल
बंदा 1994 से कलम-कंप्यूटर तोड़ रहा है

कामयाबी का श्योर शॉट फॉर्मूला...खुशदीप

Posted on
  • Friday, April 30, 2010
  • by
  • Khushdeep Sehgal
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  • कुछ लोग कामयाब होने के बस ख्वाब बुनते हैं...


    कुछ नींद से जागते हैं और दिन रात एक कर देते हैं...


    फिर एक दिन कामयाबी खुद उनके कदम चूमती है...
     


    स्लॉग ओवर 

    देवदास...पिताजी ने कहा, हवेली छोड़ दो,


    मां ने कहा, पारो को छोड़ दो,

    पारो ने कहा, दारू छोड़ दो,

    और एक दिन आएगा जब...

    ...

    ...

    ...

    ...

    पारो के बच्चे कहेंगे, मामू हमें स्कूल छोड़ दो...

     




    29 comments:

    1. बेचारा! मामू बन गया...

      बिना जूनून के कामयाबी नहीं मिलती.... अकाट्य सत्य....

      जय हिंद....

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    2. और कोई दिन रात एक करने पर भी मामू बन जाए तब? ज्यादातर के साथ तो यही होता है।

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    3. जाने वो कैसे लोग थे जिन के प्यार को प्यार मिला .....

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    4. कामयाबी का तो सूत्र यही है जी.

      ----

      और देखदे देखते देवदास दुनिया छोड़ देंगे. :)

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    5. हम मेहनत वालों ने जब भी, मिलकर कदम बढ़ाया
      सागर ने रस्‍ता छोड़ा, परबत ने सीस झुकाया
      फ़ौलादी हैं सीने अपने, फ़ौलादी हैं बाँहें
      हम चाहें तो चट्टानों में पैदा कर दें राहें

      मुझे बहुत ज्यादा हमदर्दी है...
      देवदास से....:)

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    6. छोटी सी मगर बहुत अच्छी पोस्ट

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    7. हाँ यही होगा आज कल के देवदास लोगों का वो जीना तो छोड़ नही सकते तो यही करेंगे...सक्सेस फ़ॉर्मूला बढ़िया...धन्यवाद खुशदीप भैया..

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    8. पारो के बच्चे कहेंगे,
      मामू हमें स्कूल छोड़ दो...

      हा हा हा
      स्लाग ओवर धांसु है।

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    9. देवदास, ये क्या हुआ?

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    10. कामयाबी का सटीक सुत्र दिया. इससे बेहतर कुछ हो ही नही सकता.

      स्लाग ओवर की गलती सुधारी जाये. अभी अभी मेरे पास मक्खन का फ़ोन आया था, कह रहा था कि स्लाग ओवर मे उसके नाम की जगह देवदास का नाम लिख दिया और वो आपसे बहुत नाराज है. अत: नेक सलाह यही है कि गलती को दुरुस्त कर लिया जाये. आगे आपकी मर्जी.

      रामराम.

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    11. @Devdaas-

      Sab chhod do...blogging shuru karo..

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    12. आजकल कामयाबी मेहनत से नहीं ...छल कपट से मिलती है ...इसलिए हम तो नाकामयाब ही भले ...
      देवदास को दिव्यजी का कहना मान लेना चाहिए ....

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    13. सटीक फार्मूला

      क्या मक्खन का दूसरा नाम ही देवदास है जी?

      प्रणाम

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    14. बेचारा देवदास्……………हा हा हा।
      किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति बिना जुनून के नही होती।

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    15. मामू.....हा हा हा ...

      पर कामयाबी के लिए जूनून होना ज़रूरी है..इसके बिना हर काम आज - कल पर टाल दिया जाता है

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    16. हमने कहा -ब्लोगिंग कम कर दो
      मक्खन ने कहा --लाइने कम कर दो।

      आपने कहा --मक्खन ही सही है। ;)

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    17. देवदास ने मक्खण को पीछे छोड़ दिया।

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    18. दारू तो पहले ठीक से छोड़ लैण दे, यार !

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    19. k ....k ...कामयाबी का शार्टकट ....................! ! ! .नहीं ये श्योर shot निशाने पर हैं ...............मेंवे गुनिया लगा कर देख लिया हैं ...................और स्लोग ओवर ................पारो ने यार्कर फेंक दी .................खुशदीप भाई ....................

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    20. कामयाबी कि कुंजी तो बता ही दी..
      और स्लोग ओवर जबरदस्त था

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    21. galti sudhaar......
      mujhe bahut hamdardi hai MAKKHAN se itni buri halat hui hai mujhe pata hi nahi tha....
      bechara makkhan...!!!
      tabhi to bewda sa kagta hai fotu mein bhi....

      :)
      :)

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    22. devdaas ............. paaro ........mamu .......badiya hai

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