ये पोस्ट तो नहीं है, लेकिन जर्मनी का लैपटॉप का ऐसा कॉन्सेप्ट है कि आपको भी देख कर मज़ा आ जाएगा..इसलिए आपको दिखाने के लोभ से खुद को बचा नहीं पा रहा हूं...लीजिए आप खुद ही क्लिक करके देखिए...
रोलटॉप
स्लॉग ओवर
मक्खन को डिटेक्टिव की नौकरी के लिए इंटरव्यू कॉल आई...
इंटरव्यू में मक्खन से पूछा गया...गांधी जी को किसने मारा था ?
मक्खन...थैंक्स सर, आपने मुझे इस पोस्ट के लिए चुना...मैं आपको जल्दी ही पता लगा कर बता दूंगा कि गांधी जी को किसने मारा ?
रही ना पूरी अनपढ़ की अनपढ़...खुशदीप
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मक्खन अपनी कार के दो पहिये अचानक उतारने लग गया...
मक्खनी ने कहा...ये क्या कर रहे हो? कार के दो पहिये क्यों उतार रहे हो?
मक्खन...चुप कर ज़ाहिल औरत, रही ...




वाह! खुशदी्प भाई
ReplyDeleteदूर की कौड़ी ढुंढ कर लाए हो।
राम राम
रौलटॉप को देख मजा आया।
ReplyDeleteबेहतरीन रहा रोलटॉप को देखना...बाकी मख्खन तो अब पता करके मानेगा.
ReplyDeleteवाह भई वाह ....
ReplyDeleteतक्नीक कितनी तेज़ी से आगे बढ रही है...!!!
रोल टाप लगता है छा जायेगा आने वाले समय में.
ReplyDeleteऔर एक जरुरी सलाह मक्खन के लिये....मक्खन का एक समय का खाना बंद कर दिया जाये क्योंकि उसका दिमाग इसी रफ़्तार से चलता रहा तो आने वाले समय में ब्लागवुड के लिये समस्यायें खडी कर सकता है. वो अंगरेजी मे कुछ कहा करते हैं कि " प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर"
रामराम.
और इसका वजन मैं बतला देता हूं सिर्फ 102 ग्राम क्योंकि मैंने तो बुकिंग भी कर दी है। पर तब तक हीं मैं ही रोल न हो जाऊं रोलटॉप खरीदने से पहले। वैसे इस रोलटॉप से हिन्दी ब्लॉगिंग में अवश्य ही क्रांति आ जाएगी।
ReplyDeleteरोल-लैपटॉप का रोल हिंदी ब्लॉग्गिंग में ज़बरदस्त होने वाला है....
ReplyDeleteऔर ई मक्खन का लक्षण ठीक नहीं है....इसको समझाइये...नहीं तो किसी दिन आपको भी ले डूबेगा...हाँ नहीं तो...!!
मजा आ गया रोलटॉप देखकर!
ReplyDeleteसहगल साहब,
ReplyDeleteबढिया कॉन्सेप्ट है।
रोलटॉप निर्माता कंपनी से सूचना प्राप्त हुई है कि जो हिन्दी ब्लॉगर इस उपकरण को नि:शुल्क प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें सिर्फ हिन्दी में ही सक्षम रोलटॉप प्रयोग के लिए भेजा जा सकता है। इच्छुक अपनी हाजिरी दर्ज करें।
ReplyDeleteहिन्दी ब्लॉगिंग की ताकत को कम करके आंकना ठीक नहीं है http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_26.html
लो जी आज एक विज्ञापन मैंने भी लगा दिया है।
रालटॉप ने तो सभी को रोल कर दिया। मक्खन को तो जासूसी में लगा ही दो।
ReplyDeleteअब तो नेट-नोटबुक की बात कीजिए खुशदीप जी!
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteरोलटॉप तो गज़ब का है!
ReplyDeleteवैसे मक्खन का रोल भी टॉप का है :-)
ये रोल टॉप बहुत बढ़िया लगा....और मक्खन का तो कहना ही क्या..हा हा हा
ReplyDeletevery intresting :))))
ReplyDeleteबहुत बढ़िया जानकारी रोल टॉप की
ReplyDeleteमक्खन के तो क्या कहने...
hushdeep ji
ReplyDeletewaah...........mazaa aa gaya laptop dekhkar aur makkhan ko agar pata chale to hamein bhi bataiyega.
achcha ye video aap mujhe bhej sakte hain kya meri beti ne dekhni hai.
@वंदना जी,
ReplyDeleteआप अपना ई-मेल दे दीजिए, मैं आपको वीडियो भेज दूंगा...
वैसे आपने मेरा बड़ा ज़ोरदार नामकरण किया है...hushdeep...पढ़ कर मज़ा आ गया...एक बार शिखा वार्ष्णेय जी ने भी मुझे शखुदीप लिखा था...मैंने उन्हें भी कहा था...बड़ा क्यूट लगता है सुनने में...ठीक वैसे जैसे कि मेल शूर्पनखा...
जय हिंद...
बढिया!!!
ReplyDeleteDeep ji-
ReplyDeleteKhush rahiye..
Thanks for sharing the beautiful info regarding Gorgeous Rolltop.
रोल-टॉप बहुत सुन्दर और विलक्षण है.
ReplyDeleteई मक्खन तो गजबे है :)
रोलटॉप तो गज़ब का है!ठीक जैसे कि अपना मक्खन !
ReplyDeleteअब मक्खन रोज़ दिखेगा क्या फ़िर से
ReplyDeletewaah bhaia
ReplyDeletetabiyat kaisi hai ab?
ReplyDeleteaap kahan se stories nikaaal kar laate hain....aapka blog concepts se bhara rehta hai...
ReplyDeleteरोलटाप तो वाकई जोरदार है जी
ReplyDeleteप्रणाम
रोलटाप बढिया है .. इंतजार है कि मक्खन के पता लगाने का .. कि गांधी जी को किसने मारा था !!
ReplyDeleteबहुत सुंदर जिस को जितने चाहिये मुझे मेल कर दे,भेज दुंगां... लेकिन मकखन भी गलत नही जी अब किस गांधी की बात हो रही हौ उस गरीब को क्या पता, हमारे देश मै अब गांधियो की फ़सल बहुत हो रही है, जहां देखॊ दो चार गांधी बेठे है सीट की इंतजार मै
ReplyDeleteवाह...........
ReplyDeleteचाइना वालों को इसका पता लग गया या नहीं ?
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