बुधवार, 31 मार्च 2010

ब्लॉगर्स सावधान !!! कुछ भी हो सकता है...खुशदीप

बताते हैं कि पुराने ज़माने में हिंदुस्तान में किसी ने चाय का नाम तक नहीं सुना था...ईस्ट इंडिया कंपनी आई...अंग्रेज़ आए...लोगों को सड़कों-चौराहों-नुक्कड़ पर मुफ्त में जग भर भर के चाय पिलाई जाने लगी...खालिस दूध पीने वाले हिंदुस्तानियों को चाय का ऐसा चस्का लगा कि आज अधिकतम घरों में सुबह की शुरुआत चाय की प्याली से ही होती है...विरले ही हैं जो देश में खुद को चाय की च्यास से बचाए हुए हैं...

आप कहेंगे चाय का ब्लॉगिंग से क्या लेना-देना...है भईया, बहुत कुछ है....वही तो बताने जा रहा हूं इस पोस्ट में... मैंने ब्लॉगवाणी पर घूमते हुए दो बड़ी ही खुशफहमी वाली पोस्ट देखीं...इनमें लिखा था हिंदी के लिए गूगल फिर एड देना शुरू करने जा रहा है...अगर हक़ीक़त में ऐसा है तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है...लेकिन मुझे इस ख़बर से ज़्यादा अहम वो ख़बर लग रही है जो इसी हफ्ते चीन से आई है...गूगल इंक ने पिछले सोमवार को चीन में सर्च इंजन ऑपरेशन की सुविधा देनी बंद कर दी है...अब चीन में कोई सर्च पर जाता है तो उसे हांगकांग के सर्वर पर अन्सैन्सर्ड रिज़ल्ट्स की तरफ री-डायरेक्ट कर दिया जाता है...अब यहां आप खुद सोच कर देखिए कि किसी दिन भारत में भी ऐसा ही हो गया तो आप भी बस गूगल सर्च पर ढूंढते ही रह जाओगे, हाथ कुछ भी नहीं आएगा...

गूगल की ओर से लिए गए इस अभूतपूर्व फैसले पर कंपनी का कहना है कि दो महीने पहले ही इस बारे में आगाह कर दिया गया था...गूगल का ये भी आरोप है कि चीन में उसकी सेवाओं को सुनियोजित तरीके से साइबर अटैक का निशाना बनाया जा रहा था...गूगल ने ये तर्क भी दिया है कि चीन सरकार का उस पर दबाव था कि वो अपनी तरफ से ही साइट्स की मॉनिटरिंग करते हुए सेल्फ-सेंसरशिप लागू करे...अर्थात गूगल ने काम बंद करना मंज़ूर किया लेकिन झुकना नहीं...

गूगल अब चीन के सब्सक्राइबर्स को हांगकांग रूट के ज़रिए अन्सेन्सर्ड सर्च देने की कोशिश कर रहा है...यानि अब चीन के पाठक थ्यान आन मन चौक, तिब्बत और दलाई लामा से जुड़े विवादित मुद्दों तक भी पहुंच बना सकते हैं...लेकिन इस मामले में चीन गूगल से भी एक कदम आगे है...चीन ने ग्रेट फायरवाल सर्विस के ज़रिए हांगकांग सर्च रूट को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है...अब चीन के 40 करोड़ वेब यूज़र्स पर क्या बीत रही होगी, आप इसका खुद ही अंदाज़ लगा सकते हैं...

खुदा न खास्ता कभी भारत में भी ऐसा होता है तो सभी ब्लॉगर्स बेभाव किनारे लग जाएंगे...मुझे जहां तक उपाय नज़र आ रहा है, सबसे पहले हमें अपनी खुद की वेबसाइट बनानी चाहिए...मैंने तो देशनामा.कॉम बना ली है...जल्दी ही उस पर शिफ्ट कर जाऊंगा...आप सबको भी मेरी यही राय है, बाकी आप अपना फैसला अच्छी तरह ले सकते हैं...मैं समझता हूं इस काम में अवधिया जी, पाबला जी और कनिष्क कश्यप से मदद ली जा सकती है...मैं तो अवधिया जी से अपील करता हूं कि जिस तरह समर्पित भाव से वो ब्लॉगिंग की आराधना करते हैं, वो अगर फुल टाइम ब्लॉगर्स की इस काम में मदद करें तो सभी का बेड़ा पार हो जाए...सब की वेबसाइट बन जाए तो सरकार, कारपोरेट या अन्य स्रोतों से एड की संभावनाएं तलाशी जाएं..

जहां तक मेरी जानकारी है, अपना वेबसाइट बनाने के लिये निम्न बातें जरूरी हैं...


1. डोमेननेम रजिस्टर करानाः रजिस्ट्रेशन एक साल तक के लिये ही है... प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराना पड़ता है...एक से अधिक वर्षों के लिये भी रजिस्टर कराया जा सकता है...






2. वेब होस्टिंग लेनाः प्रति माह होस्टिंग का किराया देना पड़ता है... किराये की राशि अलग अलग प्लान के अनुसार अलग अलग होती है जो कि कम से कम प्रतिमाह होती है...इससे कम किराये में भी होस्टिंग मिल सकती है किन्तु उनके कन्ट्रोल पैनल में वांछित सुविधाएँ कम होती हैं...






3. अपने डोमेननेम को अपने वेबहोस्टिंग में लाना...






4. अपना ब्लॉग बनाने के लिये वर्डप्रेस को इंस्टाल करना...






5. वर्डप्रेस को हिन्दी के लिये कॉन्फिगर करना...






6. वर्डप्रेस में मनपसंद टेम्प्लेट डालना...






7. आवश्यक प्लगिन्स को वर्डप्रेस में डालना...






8. ब्लॉग लिखना आरम्भ कर देना...



आशा है इस विषय पर और सुधि ब्लॉगर्स भी अपनी राय लिखें, जिससे सब एक दूसरे के अनुभवों से सीखते हुए आगे के रास्ते पर सतर्कता के साथ बढ़ सकें...

32 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी सलाह… निश्चित रूप से अमल होना चाहिये, वैसे गूगल भारत में तब तक कुछ नहीं करेगा जब तक सरकार कोई अड़ंगा न लगाये… :) और हमारी सरकारों के बारे में तो आप जानते ही हैं… अडंगा लगाना तो दूर ये तो MNC की राहों में बिछे जाते हैं…।

    इसलिये फ़िलहाल तो कोई खतरा नहीं, लेकिन भविष्य में कभी "रीढ़ की हड्डी वाली" चीन जैसी सरकार बन जाये, जो बड़ी कम्पनियों के खिलाफ़ सीधी खड़ी हो सके… तो बात अलग है… :)

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  2. तो ब्लागरों अपनी अपनी वेबसाईट जल्द से जल्द बना लो
    अरे मैं तो पाठक हूं आपको पढने आऊंगां ही और मुझे जो लिखना है वो अपनी डायरी में लिखना शुरू कर दूंगा

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  3. बढिया सलाह दी है जी धन्यवाद
    आशा है कि अवधिया जी आपकी अपील जरूर सुनेंगें, ताकि हमारा भी कुछ भला हो

    प्रणाम स्वीकार करें

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  4. खुशदीप जी,

    भारत में गूगल अपनी सेवाएँ बंद करेगा फिलहाल तो नजर नहीं आ रही है। किन्तु यह भी सही है कि कौन जानता है कि कब क्या हो जायेगा?

    हाँ अपने होस्टिंग में अपना ब्लॉग बनाने के बहुत सारे अतिरिक्त फायदे अवश्य हैं जैसे कि काम के और मनपसंद प्लगिन्स को प्रयोग करना, अपने ब्लोग को एक स्टोर में परिवर्तित करना आदि। इस विषय में मैं शीघ्र ही एक पोस्ट लिखूँगा। सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आपके ब्लॉग को कोई दूसरा मिटा ही नहीं सकता। मेरे विचार में तो जो लोग अपने खुद के होस्टिंग में अपना ब्लॉग बनाना अफोर्ड कर सकते हैं, उन्हे अवश्य ही ऐसा करना चाहिये।

    और हाँ, मुझसे किसी के लिये जो कुछ भी मदद हो सकती है, उसके लिये तो मैं सदा तैयार ही रहता हूँ।

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  5. भूल सुधारः

    कृपया मेरी उपरोक्त टिप्पणी में "फिलहाल तो नजर नहीं आ रही है" को "फिलहाल ऐसी सम्भावना तो नजर नहीं आ रही है" पढ़ें।

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  6. खुशदीप भाई यह तो अंतिम विकल्प है
    कभी ना कभी हमको अपने डोमेन पे
    अपनी खुद की साईट पर तो जाना ही पड़ेगा
    ये तय है।
    आप देशनामा पर जा रहे हैं बधाई
    आपको शुभकामनाएं
    हां अन्य जो भी ब्लागर जाना चाहें अपनी साईट पर
    तो उन्हे सहायता हम उपलब्ध करवा सकते हैं।

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  7. अच्छी सलाह है .शुक्रिया
    वैसे जिनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है उन्हें डरने की कोई जरुरत नहीं ..जैसे की हम

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  8. सलाह अच्छी है..पर सबके लिए अपनी साईट बनाना इतना सरल भी नहीं..

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  9. सत्य वचन ..वैसे अगर गूगल नें भारत में एसा किया तो भाई हमारी बुधि समाप्त ..हमारा दिन गूगल से शुरू होता है और ख़त्म भी गूगल पर

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  10. आपने सही चेताया है और हम तो पहले से ही चेते हुए हैं मतलब जागृत हैं और कार्रवाई कर चुके हैं। संभवत: पन्द्रह दिन पहले ही नुक्कड़ के लिए डोमेन पांच बरस की अवधि के लिए nukkadh.com रजिस्टर्ड करवा लिया है और कनिष्क कश्यप वेबसाइट बनाने का कार्य कर रहे हैं। नुक्कड़डॉटकॉम अगले महीने लांच हो रही है। कनिष्क कश्यप दिल्ली में हैं और जो ब्लॉगर बंधु उनसे संपर्क करना चाहे मोबाइल नंबर 09891215126 अथवा ई मेल greatkanishkaएटजीमेल.com पर संपर्क कर सकते हैं।
    क्योंकि फिर पछताए क्या. होएगा जब चिडि़या चुग जाएगी खेत ... वैसे मक्खन का कहना है कि चिडि़याएं खुद गायब हो रही हैं इसलिए सतर्क हो जाएं।

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  11. आप डरा रहे हो. वैसे गुगल से पहले भारत की सरकार ही ब्लॉग पर प्रतिबन्ध लगा दे तो? ऐसा हुआ था. कॉंग्रेस की सरकार ने किया था. फिर विरोध के चलते हटाना पड़ा. ब्लॉग भारतीय साइटों पर बनाओ सही वही है. हर आदमी ब्लॉग के लिए अपनी साइट बनाता फिरेगा क्या? जो इसके नशे में आकंठ डूबे है उनकी बात ठीक है. शेष पैसे बर्बाद न करे.

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  12. संजय बैंगाणी भाई,
    मुझे किसी को डराने की क्या ज़रूरत...मैं तो इतना जानता हूं कि अपना हाथ जगन्नाथ होता है...दूसरे पर आंख मूंद कर बैठे रहने से अच्छा है कि कुछ एहतियात बरत ली जाए...मान लीजिए भारत में चीन जैसी स्थिति कभी नहीं आएगी...लेकिन फिर भी अगर ब्लॉग बनाने की सुविधा देने या उसे चलाते रहने के लिए ही कोई चार्ज करने लग जाए तो कोई क्या कर पाएगा...विदेश से तो खबर ऐसी भी आ रही है कि नेट पर कंटेंट पढ़ने के लिए भी भुगतान करना पड़ेगा...कल क्या होगा, किसी को नही पता...लेकिन आज जो हम कर सकते हैं वो हमें करने में क्या बुराई है...

    जय हिंद...

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  13. सत्य ब्लॉग से ये मेल मिली है अब आप स्थिति को स्पष्ट समझ सकते हैं ---
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    फोटो तो असली ही लगाई थी ब्लॉग पर
    फ़ार्म भी भर दिया था ४८ घंटे के अन्दर देखिये ये मेल मिली है
    सब सत्यानाश हो गया :(

    लिंक क्यों डाला गया था ब्लॉग में ये समझ नहीं आ रहा ....
    मेरे साथ अच्छा मजाक हुआ है :(:(:(


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    . If you manage or own another site in one of our supported
    languages, feel free to resubmit your application as described below.

    While we look forward to supporting your language, we don't yet have a
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    stay up-to-date with the languages we support, please feel free to
    check back with us at the above link.

    Please also be aware that if your website language is in an AdSense
    for Search only supported language (Indonesian or Vietnamese), you
    must submit a new application using a different email address, at
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    Language" dropdown, please select the correct primary language of your
    site. This will assist us in our review of your application.


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    You can find more details and application tips at
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    address and password you submitted with your application. Our
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    policies, so please make sure to resolve all of the issues listed
    above before resubmitting.

    For a complete list of AdSense criteria, please visit:
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    If you have any questions, you're welcome to contact us at
    https://www.google.com/adsense/support/bin/request.py? at any time.

    Regards,

    The Google AdSense Team


    --आपका वीनस केसरी

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  14. पिछले कमेन्ट में ये बताना भूल गया की वो गूगल एड की बात मैंने ही अपने ब्लॉग पर
    सत्य नाम के एक ब्लॉग की पोस्ट पढ़ कर और उनका लिंक दे कर कही थी, :):)

    बड़ा धोखा हुआ , सत्य जी और मेरे साथ , हा हा हा

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  15. Hey you,

    Why are you creating panic among naive readers? Have you not heard of Baidu, China's largest search engine with market share of 60%? Nobody is indespensable in this world. There is more than meets the eyes in Google's episode. You must enhance your knowledge indeed.

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  16. पहली बात "आप डरा रहे हो." के बाद दो स्माइली लगाना छूट गए. :) :) यह विनोद में लिखा था.

    दुसरी बात, ज्यादातर ब्लॉगर तकनीक से अनजान है. उनका ब्लॉग कहीं हट जाएगा या ऐसी ही बात सुनेगा तो डर जाएगा. अतः फिर से लिखता हूँ, आप शरूआती ब्लॉगर है तो बेफिक्र हो कर लिखे. हाल में ऐसी सम्भावनाएं नहीं है. केवल बैकअप लेते रहें. अगर आप जम कर लिखते है तो बेहतर है, अपने डूमेन पर चले जाएं. साल का 1000-1200 का खर्च है.

    उत्तर देंहटाएं
  17. खुशदीप,
    चीन एक कम्युनिस्ट देश है. कम्युनिस्ट पार्टी ही वहाँ की सरकार चलाती है. इसलिये वहाँ ऐसे निर्णय लेना आसान है. सरकार ने ही गूगल पर तरह-तरह के प्रतिबन्ध लगाने शुरू कर दिये थे, जिसके चलते गूगल ने अपनी सेवाएँ बन्द कीं. हमारी सरकार ऐसा कभी नहीं कर सकती. टी.वी. चैनलों पर आने वाले ऊटपटांग के प्रोग्राम पर तो लगाम लगा नहीं सकती.
    हाँ, अगर मान लीजिये ऐसी कोई परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो हम जैसे लोगों के पास ब्लॉगिंग बन्द करने के सिवा और कोई चारा नहीं, क्योंकि अलग वेबसाइट तो हम अफ़ोर्ड कर नहीं सकते.

    उत्तर देंहटाएं
  18. गॉड सन अर्थात भगवनपुत्र जी,
    आपने खुद लिखा है कि चीन के सर्च इंजन Baidu की 60 फीसदी पकड़ है...क्या भारत में अपना कोई इतनी पकड़ वाला सर्च इंजन है...लगता है आप अंग्रेज़ी और अंग्रेज़ीदां लोगों के प्रति पूरी तरह आसक्त है...ये आपके नाम, संवाद की भाषा से ही साफ हो जाता है...वैसे मेरे ब्लॉग पर आप पहली बार आए, अच्छा लगा...

    जय हिंद...

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  19. गूगल ऐसा नहीं कर सकता है...
    चीन में दरवाज़े बंद अगर हुए हैं तो दूसरा विकल्प baaidu सर्च इंजिन है...भारत में अभी ऐसा कोई सर्च इंजिन नहीं है...हाँ ये एक अच्छा समय है एक पवेर्फुल सर्च इंजिन बनाने का...
    लेकिन गूगल अफोर्ड नहीं कर सकता भारत के बाज़ार का हाथ से जाना....इतनी बड़ी मार्केट उसे और कहीं नहीं मिलेगी...अगर गूगल दूकान ही बंद करने की सोच रहा हो तो बात अलग है...वर्ना यह संभव नहीं है...

    उत्तर देंहटाएं

  20. देर आयद दुरुस्त आयद पुत्तर,
    मैंने यह कार्य पिछली अगस्त में ही कर लिया था ।
    मेरे लायक कोई काम हो बताना, मैं गूगल की बदनीयती को सबूत के साथ पेश कर सकता हूँ ।
    ब्लॉगस्पॉट पर गूगल के वेतनभोगी कितने हिन्दी ब्लॉगर हैं, जान कर क्या करोगे, पुत्तर ! बस
    अब आगे देखो, और बढ़ते चलो ।

    @ भगवनपुत्र जी
    यदि आप टाटा-नमक देश का नमक से परहेज़ करते हों, तो बात दीगर ...
    यह कहना सवा सोलह आने सही है,Nobody is indespensable in this world. अँग्रेज़ी लिखिन हँय, तौ विद्वानौ होईहैं.. मुला उनका मतबल शायद इसलिये कि हमलोग अँग्रेज़ी कॅमान्ड जल्दी समझने और प्रभावित होने के आदी है । सो, भगवनसुत जी आपकी बात सही है कि You must enhance your knowledge indeed तौ हमहूँ आपकी जानकारी बढ़ा देई. के मेरी दूसरी वाली बीबी से पहली वाली लाखगुना अच्छी थी, लेकिन उसकी जो भी मज़बूरी रही हो, वह तो मेरी ज़िन्दगी भर की कमाई लेकर भाग गयी । काश.. मैंनें अपना मालमत्ता खुद ही सहेज कर रखा होता । There is more than meets the eyes in Google's episode.. हे हे हेहे !

    मेरी दृष्टि में वर्डप्रेस होस्टिंग की भारत में बेहतर सेवा देने वाले ज़िनॉ डॉट कॉम हैं ।
    http://www.xieno.com/wordpress-development.html
    Yahoo IM: Xieno_Eservices
    Skype: Xieno_Eservices
    MSN IM:abhisheq@xieno.com
    E-mail: info[at]xieno[dot]com

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  21. खुशदीप भाई , आप बनाइये डोमेन और वेब साईट। हम तो जे सी साहब की तरह बस आपके ब्लॉग पर टिपण्णी मार दिया करेंगे । :)

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  22. बनाता हूँ अब अपनी साईट...आज से एक सूत्रिय कार्यक्रम ही समझो इसे मेरा.

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  23. अगर इस चक्कर में व्यस्त होकर किसी को कमेंट न दे पाया तो खुशदीप को पकड़ियेगा. यही मुझे इस चक्कर में डाले हैं. धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  24. वाह गुरुदेव समीर लाल समीर जी,
    आप निश्चिंत होकर एकसूत्री कार्यक्रम में लगिए...रहे कॉमेंट्स पर मुझे पकड़ने की बात तो आपने मुझे नए बिजनेस का आइडिया दे दिया...अभी खुशदीप टिप्पणी सेवा केंद्र खोल देता हूं...आपके नाम से सौ टिप्पणियां झट से जारी कर देता हूं...बस बिल आपके नाम भिजवा दूंगा...बिल आडिट करना तो आपका प्रोफेशन है ही...कहीं कोई दिक्कत नहीं....आपका भी काम हो जाएगा...मुझ गरीब को भी चार पैसे मिल जाएंगे...

    जय हिंद...

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  25. बढिया सलाह दी है जी धन्यवाद|

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  26. खुशदीप, " अमर कुमार की टिप्पणी बैंक की पेशकश " फ़्लॉप हो चुकी है । जरा सोच समझ कर टिप्पणी इन्वेस्ट करना ।

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  27. ऒये बादशाहो जो भी होये होण देयो जी वक्त से पहले क्यो डरे जी, गुगल जब चाहे जाये, कोई फ़िक्र नहि

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  28. आप की बात तो सही है। जिस दिन गूगल टाटा करेगा उस दिन अपुन भई टाटा कर लेंगे। हाँ अपनी पोस्टिंग्स जरूर सेव्ड होनी चाहिए। वैसे भारत के लिए ऐसा अवसर शायद न आए।

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  29. मैंने तो घर पर केबल लगवाई हुई है और मेरे केबल वाले ने कहा हुआ है कि चाहे जी टी वी, सोनी, स्टार प्लस , कलर्स ..चला जाए आपका ब्लोग्गर कहीं नहीं जा सकता ।



    लो आज के दिन इससे बढिया टिप्पणी और क्या हो सकती है भला

    अजय कुमार झा

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  30. काम चालू है। लेकिन सुबह-सुबह की चाय का क्‍या हुआ?

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  31. कवि विनोद कुमार शुक्ल की एक किताब है " खिलेगा तो देखेंगे "
    अपना भी सोचना कुछ ऐसा ही है ।

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