बुधवार, 24 मार्च 2010

कामयाब होना है, घर की चीज़ों की बात सुनिए...खुशदीप

हर घर कुछ न कुछ कहता है...नेरोलक पेंटस का ये एड आपने कभी न कभी ज़रूर देखा होगा...मैं कहता हूं घर क्या, घर का हर कमरा, कमरे की हर चीज़ भी आप से कुछ न कुछ कहती है...यहां तक कि सफलता का मंत्र भी बताती हैं...यकीन नहीं हो रहा न...तो लीजिए, खुद ही पढ़िए कमरे की हर चीज़ आपसे कैसे मुखातिब है....







छत कहती है...मेरे पास ऊंचाई है,






पंखा कहता है....खुद को ठंडा रखो,






घड़ी कहती है....हर मिनट कीमती है,






दर्पण कहता है....कोई भी काम करने से पहले मुझे ज़ेहन में रखो,






खिड़की कहती है...अपने से बाहर निकल कर दुनिया-जहां को भी देखो,






कलेंडर कहता है...खुद को हमेशा अप-टू-डेट रखो,






दरवाज़ा कहता है...हाथ आए अवसर को कभी नहीं छोड़ो,






और बिस्तर कहता है...






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सब बकवास है...मस्त चादर ओढ़ कर सोजा...



स्लॉग ओवर

सवाल...इंडियन क्रिकेट टीम और टॉयलेट में क्या समानता है...






मक्खन...वहां भी धोनी है और वहां भी....




(डिस्क्लेमर....निर्मल हास्य)

25 टिप्‍पणियां:


  1. मस्त चादर ओढ़ कर सोजा...

    ..करवटें बदल चुपके चुपके आहें भर
    ग़र अपनी आशिकी का वो ज़माना याद हो


    और बच्चा खुशदीप.. यहाँ किसको नामाकूल को धोनी ही है..
    इस ज़मात में किसकी धोनी है.. अपना हाथ ऎसे ही साफ भला !

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  2. कम्प्यूटर कहता है कि टिप्पणी करो..मगर कोई सुने तब न!!

    --


    हिन्दी में विशिष्ट लेखन का आपका योगदान सराहनीय है. आपको साधुवाद!!

    लेखन के साथ साथ प्रतिभा प्रोत्साहन हेतु टिप्पणी करना आपका कर्तव्य है एवं भाषा के प्रचार प्रसार हेतु अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. यह एक निवेदन मात्र है.

    अनेक शुभकामनाएँ.

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  3. aur bathroom ki dhoni ye sikhlati hai ki gande kapde ki tarah man gandla hone par aise hi dhulai hoti hai.. :)

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  4. आके पोस्ट में वाकई बहुत दम होता है....बहुत प्रेरणा मिलती है......
    ..............
    विलुप्त होती... नानी-दादी की बुझौअल, बुझौलिया, पहेलियाँ....बूझो तो जाने....
    .........
    http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_23.html
    लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से....

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  5. ब्‍लॉगर कब कहां किसकी सुनते हैं

    सब ही तो अपने मन की करते हैं

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  6. हमारी खिड़की तो कुछ और ही कहती है...
    धोनी कि शहर कि हो कोई झाँके तो बस ...धो दो...
    हा हा हा हा

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  7. बहुत खूब। आज से बस यही किया करेंगे कि घर कि सारी चीज़ों को देखते रहा करेंगे ।
    अब किसी ने पकड़कर मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया तो जिम्मेदारी आपकी। हा हा हा !

    ऑस्ट्रेलिया कि क्रिकेट टीम में न धोनी है और न वे ----।

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  8. चारों तरफ़ ज्ञान बिखरा पडा है बस पारखी नज़र की जरूरत है।

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  9. वाह वाह ..क्या बात है आजकल तो सब कुछ न कुछ कहने बताने लगे हैं और गोया ऊपर से तुर्रा ये कि आप सब सुनने सुनाने भी लगे हैं ..बढिया पोस्ट हमेशा की तरह
    अजय कुमार झा

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  10. बढ़िया! मैं समीर लाल जी से सहमत हूँ।
    घुघूती बासूती

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  11. आपके श्रम को नमन!
    रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  12. बिस्तर का सन्देश कुछ अच्छा नहीं है.
    बढिया

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  13. .वाह खुशदीप जी ! अलग तरह का फूंग शुई निकाला आपने ..बहुत बढ़िया है.और स्लोग ओवर लाजबाब

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  14. हा हा हा,
    सीढी बड़ी काम की चीज है।
    लेकिन नीचे वाले का भी ध्यान रखना पड़ता है,
    कहीं ले कर ना भाग जाए।

    रामनवमी की शुभकामनाएं

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  15. मक्खन...वहां भी धोनी है और वहां भी....

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  16. बहुत खूब ...रामनवमी की शुभकामनाएं...

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  17. बन्धु आपकी जितनी भी तारीफ़ की जाये कम है!

    जय हिंद

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  18. बहुत खूब।धो ही दिया सबको।

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  19. सब बकवास है...मस्त चादर ओढ़ कर सोजा...

    ये ही वो सुख है जो हर किसी को नसीब नहीं.....आखिर सारी दौड़ के बाद बिस्तर पर हो तो जाना है. पर वहां जाकर मस्त होने की जगह उनींदी हालत में रहात है हर इंसान....क्या करे,,,,यही नियामत तो नसीब नहीं हो रही लोगो को...

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  20. दीवार कहती है सम्बन्धों के बीच मे ना रख
    सीढ़ियाँ कहती है हमेशा उन्नति कर
    रसोई कहती है देख कोई भूखा न सोने पाये
    बाथरूम कहता है मन को स्वच्छ रख.

    इतना काफी होगा ..वैसे तो और भी बहुत कुछ है

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  21. सौ बातों की एक बात...
    जो आनंद चादर तान कर सोने में है, वो आनंद और कहां...

    जय हिंद...

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