बुधवार, 17 मार्च 2010

अजब गजब रिश्ते...खुशदीप

एक अमेरिकी और एक भारतीय बार में बैठे ड्रिंक पर ड्रिंक चढ़ा रहे थे...

भारतीय अपना ग़म गलत करने के लिए अमेरिकी से बोला...जानते हो, मेरे घर वाले भारत में मेरी शादी गांव की एक लड़की से कराना चाहते हैं...अरेंज्ड मैरिज...कहते हैं कि हमारा रिश्ता बचपन में ही तय हो गया था...लेकिन मैं अपनी होश में जिस लड़की से कभी मिला नहीं...उसके स्वभाव को नहीं जानता...उससे आंख बंद कर कैसे शादी कर लूं...मैंने घरवालों से साफ़ मना कर दिया कि जिस लड़की से मैं प्यार नहीं करता, उससे किसी सूरत में भी शादी नहीं कर सकता...मैंने जब से दो-टूक मना किया है तभी से मेरे घर वाले मुझसे सख्त नाराज़ है...परिवार में समस्या हैं...

ये सुनकर अमेरिकी ने एक पैग और चढ़ाया और कुटिल मुस्कान के साथ बोला...बस इतनी सी बात...अब सुनना चाहते हो मेरी हालत...तो दिमाग की हर ख़िड़की अच्छी तरह खोल कर सुनो... तुम अरेंज्ड मैरिज के ख्याल से दुखी हो...कह रहे हो तुम्हारे परिवार में समस्या हैं...अब लव मैरिज का मेरा किस्सा सुनो...

मैंने एक विधवा से शादी की...मैं उससे बेहद प्यार करता था और हमारी डेटिंग तीन साल तक चली थी...शादी के कुछ साल बाद मेरे पिता का मेरी सौतेली बेटी से प्यार हो गया और दोनों ने शादी कर ली...इस तरह मेरे पिता मेरे दामाद बन गए और मैं अपने पिता का ससुर बन गया...


क़ानूनन मेरी सौतेली बेटी अब मेरी मां है और मेरी पत्नी मेरी नानी...


अभी से सिर चकराने लगा...एक पैग और लो और आगे सुनो...दिक्कत तब और बढ़ी जब मेरा बेटा हुआ...अब मेरा बेटा मेरे पिता का साला है और मेरा मामा...


अभी बस कहां, और सुनो...रही सही कसर तब पूरी हो गई जब मेरे पिता का बेटा हुआ...यानि मेरा भाई जो कि रिश्ते में मेरा नाती भी लगा...और तुम कह रहे हो तुम्हारे परिवार में दिक्कत आ गईं हैं...

अभी आखिरी हथौड़ा आना बाकी है....इस अमेरिकी के परिवार में और क्या-क्या रिश्ते एक दूसरे के साथ या अपने के खुद अपने के साथ हो सकते हैं...मेरे दिमाग ने तो काम करना बंद कर दिया है...आप सोच सकते हैं तो सोचिए और जवाब दीजिए...



स्लॉग ओवर

मक्खन प्लेन में जा रहा था...कि अचानक उसकी नज़र किसी पर पड़ी और सीट पर खड़ा होकर चिल्ला कर बोला...

'HIJACK'...


इससे पहले कि सारे यात्री सदमे में आते...


दो लाइन छोड़ कर एक आदमी उठा और मक्खन जितनी गर्मजोशी से बोला...


'HIMACK'...

दरअसल वो मक्खन का बरसों पहले बचपन में बिछड़ा दोस्त जयकिशन था...



और मक्खन उसे  'JACK' कह कर बुलाता था और जयकिशन मक्खन को 'MACK'....

28 टिप्‍पणियां:

  1. एकता कपूर ने देख लिया तो जी समझ लो कि आप की लाटरी लग गई। इस प्लाट पर तो ऐसा धारावाहिक बना डालेगी कि कभी खत्म नहीं होने का। मक्ख्नन तो उंचाईयों पर पहुंच गया, पर खास बात है कि मक्खन ही बना हुआ है अब तक, नहीं तो लोग तो टंकी पर चढ़कर ही बदल जाते हैं।

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  2. हा हा हा हा ...
    ग़ज़ब रिश्तों का संसार.....
    इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती हैं कि .....
    अगर बाबूजी छैल-छबीले हों तो कभी भी ऐसी विधवा से शादी नहीं करनी चाहिए जिसकी खूबसूरत बेटी हो...:):)

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  3. मकखन या ढक्कन.... वेसे ऎसे नमुने मैने देखे है हवाई जहाज मै, ओर यह तो कुछ भी नही......

    यह अमेरिकन समस्या कही भारत मै भी ना फ़ेल जाये जी

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  4. रिश्तों को थोड़ा और उलझ जाने दो
    बीच में मत आओ
    बस एक पैग और चढ़ाने दो

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  5. एक पेग और लगा लें फिर पढ़ें तो शायद समझ आये..हा हा!!


    मख्खन तो समझो अंदर होने से बस बच ही गया.

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  6. रिश्तों को थोड़ा और उलझ जाने दो
    बीच में मत आओ
    बस एक पैग और चढ़ाने दो

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  7. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  8. बहुत खूब। दिमाग हिल गया अपना तो।
    बात बात में बहुत बड़ी बात कह जाते हो भाई...

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  9. अदाजी के कमेन्ट को मेरा भी माना जाये ....!!

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  10. सही में परेशानी तो अमेरिका वाले व्यक्ति के साथ ज़्यादा है..सारे रिश्ते ही उलझ गये...बढ़िया स्लॉग ओवर....

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  11. हो जाए एक पैग और?
    या फिर
    हो जाए एक पंगा (रिश्ता) और?

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  12. ओ भाई ...नवरात्र का उपवास है, पैग मैं लगाता नही, यह पढकर मेरा सर बिन पिये ही चकराने लगा है. जरा मक्खन से समझना पडेगा.

    रामराम.

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  13. "मेरे दिमाग ने तो काम करना बंद कर दिया है...आप सोच सकते हैं तो सोचिए और जवाब दीजिए..."

    अरे ये तो वेताल पच्चीसी की पच्चीसवीं कहानी का आधुनिक रूप है, इससे तो विक्रमादित्य का भी दिमाग चकरा गया था और वेताल के प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाया था।

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  14. वास्‍तव में इस देश में कोई समस्‍या नहीं है फिर भी हम सबसे अधिक दुखी हैं वहाँ समस्‍याओं के अम्‍बार लगे हैं फिर भी हम उन्‍हें सुखी कहते हैं। हायजेक पसन्‍द आया।

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  15. बहुत गडबड झाला है....हाय जैक बढ़िया रहा

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  16. हा हा हा जैक ने तो अचान्क़ मिल कर वाट लगा दी थी मैक की।मस्त पोस्ट,और वेसे भी रिश्ते अपने भारत के अलावा कंही है ही नही।

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  17. कहाँ से ढूंढ कर लाते हैं ऐसे किस्से .....?

    एक जसवीर राना हैं जिनकी कहानियां मैं अनुवाद कर रही हूँ ....उन्हें मैं उलटी खोपड़ी कहती हूँ .....लगता है आपको भी वही संबोधन देना पड़ेगा ......!!

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  18. हा हा हा..बढ़िया किस्सा है....

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  19. बहुत सही है मनुष्य फिर से आदिम अवस्था में पहुंच रहा है जहाँ ऐसे ही रिश्ते हुआ करते थे .. शुरुआत शायद अमेरिका से ही हो ।
    सीरियस बात बोल दिया ना ..... हाहाहा ।

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  20. नवरात्र में विदेशी कवयित्रियों की कवितायें प्रतिदिन यहाँ पढ़े http://kavikokas.blogspot.com - शरद कोकास

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  21. अरे खुशदीप मुझे तो डरा ही दिया मै भी 23 मार्च को वहाँ जा रही हूँ मगर वहाँ के रिश्तों की उलझन देख कर डर गयी हूँ। हर कदम फूँक फूँ कर रखना होगा। तो कल के बाद अपनी राम राम देखती हूँ कब वहाँ से समय निकाल पाऊँगी। बहुत बहुत आशीर्वाद। मगर कल की पोस्ट डाल कर जाऊँगी। देखना ना भूलना। अगर मक्खन को साथ भेज देते तो सही रहता। हा हा हा

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  22. हा हा हा ये रिश्ते तो कमाल रहे ..बिल्कुल दुरूस्त है जी बिना पैग शैग सबके बस की बात नहीं है इसे हल करना ...मक्खन तो कमाल है ही
    अजय कुमार झा

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  23. मैं नहीं समझा...फिर से समझिए....
    मैं तो अभी तक सोच रहा हूँ...

    लड्डू बोलता है...इंजीनियर के दिल से.....
    http://laddoospeaks.blogspot.com

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