शुक्रवार, 8 जनवरी 2010

ताकत वतन की ब्लॉगिंग से है...खुशदीप

साठ के दशक के आखिर में देव आनंद साहब ने एक फिल्म बनाई थी...प्रेम पुजारी...उसमें फौजियों पर फिल्माया एक गीत था...ताकत वतन की हम से हैं...हिम्मत वतन की हमसे है...हम हैं वतन के रखवाले...अब आप कह रहे होंगे कि ये फौज की जगह ब्लॉगिंग इस गीत में कहां से घुस आई...शाहरुख स्टाइल में... ज़रा सब्र तो कर मेरे यार...वही बताने जा रहा हूं...हिंदुस्तान में ब्लॉगिंग कितनी ताकतवर बन चुकी है...ये जानकर आपका दिल बाग-बाग हो जायेगा...

हां तो भइया...अब आता हूं काम की बात पर...6 जनवरी 2010 का दिन भारतीय ब्लॉगिंग के इतिहास में स्वर्णाक्षरों से लिखा जाएगा...एक घटना हुई दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का दर्जा पाने वाली दुबई की बुर्ज खलीफा बिल्डिंग में...और दूसरी घटना हुई अहमदाबाद में...दुबई से लिखे ब्लॉग ने भारत में सैफई की ज़मीन को हिला दिया...अब ज़्यादा नहीं घुमाता...मैं बात कर रहा हूं छोटे भईया ठाकुर अमर सिंह की...ब्लॉग में ही अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर मुलायम सिंह यादव को ज़ोर का झटका इतनी ज़ोर से दिया कि मुलायम जी को अपने अखाड़े के ज़माने का धोबीपाट ज़रूर याद आ गया होगा...यानि अब देश की राजनीति भी ब्लॉग से ही चलेगी...और आप सब हिंदी ब्लॉगिंग में चल रही उछाड़-पछाड़ की राजनीति के पीछे बेकार में लठ्ठ लेकर पिले हुए हैं...

हां तो जनाब मैं बात कर रहा था अमर सिंह की...शायद आप में से कम को ही पता होगा कि अमर सिंह को ब्लॉग शुरू करने की नेक सलाह हाल ही मे दी थी, उनके परम पूजनीय बड़े भैया अमिताभ बच्चन ने...अमर सिंह ने ब्ल़ॉ़ग लिखना शुरू किया और शुरुआत में ही ऐसा गोला दागा कि अपनी पार्टी को ही लपेटे में ले लिया...जिस दिन अमर सिंह ने ये धमाका किया...ठीक उसी दिन अमिताभ बच्चन अहमदाबाद में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी फिल्म पा देखते हुए घी-शक्कर हुए जा रहे थे...





मोदी ने इस अवसर पर अमिताभ को शाल ओढ़ाने के साथ तोहफे देकर सम्मानित किया वहीं अमिताभ ने मोदी को मधुशाला की प्रति भेंट की...(ठीक ही कह गए हैं हरिवंश राय बच्चन जी...मंदिर-मस्जिद बैर कराते, मेल कराती मधुशाला...)...यही नहीं अमिताभ ने गुजरात में पर्यटन की संभावनाओं पर डॉक्यूमेंट्री बनाकर खुद काम करने का बिन मांगा प्रस्ताव भी मोदी को दे डाला...और रात में अमिताभ ने मुंबई पहुंच कर अपने ब्लॉग पर मोदी की शान में पूरा पुराण ही लिख डाला....मोदी को सच्चा जननायक बताते हुए कहा कि वो सादगी और बेहद कम ज़रूरतों के साथ जीवन जीते हैं...इस तरह का व्यवहार कहीं से भी किसी राज्य के मुखिया जैसे ऊंचे ओहदे से मेल नहीं खाता...मोदी विकास और खुशहाली की बात करते हैं...वो जैसा कहते हैं, वैसा ही करके दिखाते हैं...

सत्य वचन अमिताभ जी...लेकिन ये वही मोदी है जिन्हें आपके परम सखा अमर सिंह जी गुजरात दंगों का हवाला देकर पानी पी-पी कर हमेशा कोसते रहे हैं...उन्हीं मोदी जी की शान में आपका कसीदे पढ़ना कहीं नए समीकरण गढ़े जाने का संकेत तो नहीं है...एक ही दिन अमर सिंह का अपने ब्लॉग में इस्तीफे की बात कहना और आपका अपने ब्लॉग में मोदी की तारीफ के पुल बांधना महज़ इत्तेफ़ाक है...न जाने क्यों मेरा मन ये मानने को तैयार नहीं हो रहा...अब मन का क्या है...वो तो बावरा है...बकौल प्रातस्मरणीय हिमेश रेशमिया जी...मन का रेडियो, बजने दो ज़रा...


स्लॉग चिंतन

मुसलमान और हिंदू हैं दो,


एक मगर उनका प्याला...


एक मगर उनका मदिरालय,


एक मगर उनकी हाला...


दोनों रहते एक,


ना जब तक मंदिर-मस्जिद में जाते...


बैर बढ़ाते मंदिर-मस्जिद,


मेल कराती मधुशाला...

-मधुशाला में हरिवंशराय बच्चन

27 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लोगिंग में बहुत ताकत है यदि इसे सही ढंग से और गम्भीरता के साथ किया जाये तो।

    पर दुःख की बात तो यह है कि हिन्दी ब्लोगिंग आज महज एक मजाक जैसी बन कर रह गई है। बहुत से लोगों को यही लगता है कि यह केवल मनोविनोद का साधन मात्र है।

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  2. ऐसा हो नहीं सकता कि नरेन्द्र मोदी के साथ, के द्वारा, के लिये कुछ भी हो… मीडिया उसमें कोई नुक्स, कांटा, टेढ़ापन न निकाले…। मीडिया को "मोदी-फ़ोबिया" नामक बीमारी है… और यह जब-तब उजागर होता रहता है…

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  3. लगता है अब ब्लाग पर छोती छोती बातों पर झगडने वालों को पीछे हट जाना चाहिये। असली झगडा वाहक ब्लाग जगत मे आ गये हैं। ये अमिताभ जी पर भी अमर सिन्ह का पूरा असर हो गया है। स्लाग ओवर बहुत बडिय। आशीर्वाद्

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  4. बने ध्यान ही करते-करते जब साकी साकार, सखे;
    रहे ना हाला प्याला साकी, तुझे मिलेगी मधुशाला .)

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  5. खुशदीप जी-ब्लाग एक सशक्त माध्यम बन रहा है अभिव्यक्ति का,
    इसका सही इस्तेमाल होना चाहिए। लेकिन लोगों को इसका महत्व समझने मे अभी कुछ समय और लगेगा। जब आम और खास आदमी इससे जुड़ जाएगा।-आभार

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  6. वाकई ब्लोगिंग परवान पर है

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  7. वड्डे वड्डे लोगां दी वड्डी वड्डी गल्लां एं जी।
    साड्डी ते समझ विच नहीं आंदी।
    मधुशाला अच्छी लगी जी।

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  8. मधुशाला झकास है. ब्लागिंग की तो अभी शुरुआत भी ठीक से नही हुई बादशाहो...देखते जावो, अभी होता क्या क्या है? अभी मूसली और हथौडा तो आया ही नही है.

    रामराम.

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  9. यह हरिवंश ने लिखा, अमिताभ नए मंदिर मस्जिद बना रहे हैं।

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  10. ठीक बिलकुल ठीक ब्लोगिग की ताकत दो चार लोग तो मह्सूस करा ही सकते है शायद ज्यादा भी .

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  11. एक कहावत याद आ गई, जो बचपन मै सुनते थे, लेकिन समझ आज आई ... थाली का बेंगण.... बाकी हम भारत की राज नीति के बारे ज्यादा नही जानते, आप का लेख बहुत कुछ कह रहा है
    राम राम

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  12. विगत कई सालों से ये गीत "ताकत वतन की.." मेरे मोबाइल का कालर-ट्युन बना हुआ है। पोस्ट वहां से उठा कर कहां तक ले जायेगी, सोचा भी नहीं था...

    बहुत खूब खुशदीप भाई

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  13. मेल कराती मधुशाला...

    बहुत बढ़िया लगा।

    रही बात ये बड़े बड़े लोगों की तो इनकी जिंदगी जीने की कला को वो ही जानें, हम तो अ के अनपढ़ हैं, इस बारे में।

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  14. अपनी बात को बिना रोक टोक और बिना किसी सहारे के सभी के सामने प्रस्तुत करने का एक बेहतरीन माध्यम बन गया है ब्लॉग आज..यह ब्लॉगिंग जगत के लिए बहुत ही सुखद है...

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  15. बिना आग के धुआँ नहीं निकलता ...कोई न कोई खिचड़ी तो ज़रूर पक रही होगी बड़के और छुटके भइया मे

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  16. हिंदी ब्लोगिंग तो वैसे ही अखाडा बनी हुई है ....और इस पर नेताओं का आगमन ...या रब ...मेहरबानी कर ...!!

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  17. amitabh ka URL name kya hai ? hum bhi amitabh ko padna chahate hai . khushdeep ji agar aap jante ho to zarur bataye. apka har post bahut shandaar hota hai. ha sach hai aane wala samay blogging ka hi hai.....

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  18. ज्योति जी,

    अमिताभ बच्चन के ब्लॉग का यूआरएल है...
    http://bigb.bigadda.com/

    जय हिंद...

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  19. बैर बढ़ाते मंदिर-मस्जिद,
    मेल कराती मधुशाला.....

    अमर का प्रेम और अमिताभ का प्रेम ,.......... कुछ तो साझा होगा ......... आयेज आयेज देखिए क्या होता है ....... आपके स्लॉग ओवर ने फिर से क्लीन बोल्ड कर दिया .......... मज़ा आ गया ......

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  20. "यानि अब देश की राजनीति भी ब्लॉग से ही चलेगी..."

    हां जी, हमें केटल क्लास की बात याद है :)

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  21. आपको और आपके परिवार को नए साल की हार्दिक शुभकामनायें!
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने!

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  22. Sorry!! kal maatha khrab raha yehi vaste comment nahi kiya hun...

    aur aapke sawaal ka jwaab :

    लेंहड़े का मतलब झुण्ड होता है खुशदीप जी...जहाँ तक मुझे मालूम है..

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  23. ब्लॉग्गिंग की ताकत तो दिन दुनी रात चौगुनी बढती जा रही है...और क्यूँ ना हो..झट से लोगों तक बात पहुँच जाती है...और उनकी प्रतिक्रिया भी मिल जाती है...यानि हिंग लगे ना फिटकरी..रंग चोखा आए.

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  24. ब्लॉग्गिंग की ताक़त तो बढ़ ही रही है.... पर यह अमिताभ सरीखे लोग ..... बिन पेंदे के लोटे हैं.... जहाँ पानी जायेगा ....उसी जगह लुड़क जायेंगे.....

    जय हिंद....

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  25. अद्भुत चित्र है यह और उतना ही अध्भुत है इसके बारे मे सोचना । धन्य धन्य ।

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