सोमवार, 28 दिसंबर 2009

आओ राजनीति सिखा दूं...खुशदीप

कौन कहता है राजनीति सीखना बड़ा मुश्किल है...बरसों पापड़ बेलने के बाद राजनीति में पहुंची चीज़ बनने के दिन गए...इंस्टेंट ज़माना है...तो इंस्टेंट ही रिज़ल्ट चाहिए...लीजिए जनाब आज एक ऐसा रामबाण नुस्खा पेश कर रहा हूं कि राजनीति का पूरा पेंच आपको एक ही झटके में समझ आ जाएगा...बस नीचे लिखे एक-एक वाक्य को ज़रा गौर से पढ़िएगा...

जॉर्ज बुश अमेरिका के राष्ट्रपति थे तो एक स्कूल में गए...बच्चों से अनौपचारिक परिचय के बाद बुश ने कहा कि अगर वो कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो पूछ सकते हैं...

एक बच्चे ने अपना हाथ उठाया और सवाल पूछने के लिए खड़ा हो गया...

बुश ने बच्चे से कहा... पहले अपना नाम बताओ...

बच्चा... जॉन

बुश...सवाल क्या है...

जॉन...सर, मेरे तीन सवाल हैं...

1) अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बिना इराक पर हमला क्यों किया...

2) ओसामा कहां है...

3) अमेरिका पाकिस्तान पर इतना फ़िदा क्यों है...इतनी मदद क्यों करता है...

बुश... तुम बुद्धिमान छात्र हो, जॉन...(तभी स्कूल की आधी छुट्टी की घंटी बज जाती है)...ओह, हम इंटरवल के बाद बातचीत जारी रखेंगे...

आधी छुट्टी के बाद...

बुश...हां तो बच्चों हम कहां थे...कोई किसी तरह का सवाल पूछना चाहता है...

छात्र पीटर अपना हाथ खड़ा करता है..

बुश...बच्चे, नाम क्या है...

पीटर...सर, मेरे पांच सवाल हैं...



1) अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र की अनुमति के बिना इराक पर हमला क्यों किया ?

2) ओसामा कहां है ?

3) अमेरिका पाकिस्तान पर इतना फ़िदा क्यों है...इतनी मदद क्यों करता है ?

4) आधी छुट्टी की घंटी निर्धारित वक्त से  20 मिनट पहले ही कैसे बज गई ?

5) जॉन कहां हैं ?



यही राजनीति है...!!



स्लॉग ओवर

एक बार मक्खन पानी पी रहा था...

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अब मक्खन पानी भी नहीं पी सकता क्या...

उसमें भी हंसी-ठठा चाहिए...

जान ले लो मक्खन की...

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आज मेरे अंग्रेज़ी ब्लॉग Mr Laughter पर है...

पुरुषों को आकर्षित करने का सुपरहिट फंडा...

21 टिप्‍पणियां:

  1. are hamla ka kaaran raha u doormat jispar budhau Bush ki photo rahi aur sab log pair pochta tha...
    Osama to Bush ka ghar maa hi rahat hai...

    Pakistaani ladkiyaan hindustaani ladkiyon se jyada khoobsurat hain....dekh lo kahan Benazeer Bhutto aur kahan Pratibha Patil...

    I to Day Light Saving rahi hogi..

    John ko jahan hona chaiheye wahi hoga...Bush ke raaste se door...

    aur ab ham bhi paani pee levein kaa pata kal mile na mile...suna hai Bush ke haath bade lambe hain...

    ha ha ha

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  2. वाह...आज तो आपकी पोस्ट में भी स्लॉग ओवर का मज़ा है

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  3. भैया बहुत खतरनाक इंस्टेंट राजनीति सिखाते हैं आप!!!!!!!!!!!

    वैसे अदा जी ऐसा कहना ठीक नहीं कि:

    "Pakistaani ladkiyaan hindustaani ladkiyon se jyada khoobsurat hain...."

    हम तो कह रहे हैं कि मक्खन पानी ही क्यों पी रहा था? कुछ चाय लस्सी पेश करैं क्या? नहीं तो फ़िर टीचर्स.......

    जय हिंद.....

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  4. आपकी यह राजनीति की पाठशाला कहाँ है? मुझे भी एडमिशन लेना है क्योंकि मेरे मन में इस समय सात सवाल हैं.

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  5. जान बेटा ऎसे सवाल क्यो पुछते हो जिस से इस बंदर को चिढ हो, शायद मै बंदर गलत लिख गया, चलिये आप मेरी गलती सुधार लै,
    अरे यह मकखन भाई तज के पी पानी मैने कोन सा बिल देना है.

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  6. अब तक तो पीटर भी गुम हो गया होगा... :)


    बाकी मख्खन का तो पानी पीना भी हराम है.

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  7. गुरुदेव समीर जी,
    पीटर समझदार निकला...जब बुश ने पीटर से नाम पूछा था तो वो नाम बताने को गोल कर सीधा सवाल पर आ गया...जॉन बेचारा सीधा था जो नाम बता बैठा...

    जय हिंद...

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  8. वीभत्स राजनीति की मार्मिक प्रस्तुति ....लाजवाब ....

    बेचारा मक्खन ....!!

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  9. भैया! हम तो बूढ़े तोते हैं अब भला क्या "राम राम" सीखेंगे?

    वैसे सीखने वालों के लिये बढ़िया गुर है!

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  10. बहुत गजब की राजनिटि सिखाई भाई आज तो. नये साल की रामराम.

    रामराम.

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  11. राजनीति नहीं सीखनी...मक्खन की जान नहीं लेनी है।
    बहुत-बहुत धन्यवाद
    आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  12. आज तो हमने पक्का मन बना लिया है कि इस बार चुनाव जरूर लडेंगे अगर मुश्किल हुयी तो आपसे अगला सबक सीख लेंगे। पोस्ट और स्लाग ओवर दोनो बडिया। धन्यवाद्

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  13. बशीर बद्र ने दो लाइन में राजनीति समझाई है :

    "सियासत की अपनी एक अलग जुबान होती है
    लिखा जो हो इकरार तो इनकार पढना"

    कैसी रही ? .)

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  14. बड़े नायाब नुस्खे दिए हैं...राजनीति के :)
    और मक्खन को जरूर उसकी ममी ने बोला होगा,पानी पीने को...और उसने पहली बार बात मानी होगी.....अब शांति से पानी तो पीने दो उसे, खुशदीप भाई..इसकी भी खबर बना दी...:)

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  15. मज़ा आ गया आज की पोस्ट का ......... बहुत अच्छा लिखा है ....... बुश का राजनीति फंडा समझ आ गया ..........

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  16. गुरु जी पहले कहां थे . धन्य हो गया दक्षिंणा कहां भेजू

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  17. सच! यही राजनीति है.....

    यह मख्खन ने भी ना अपना मज़ाक बना लिया है.... पानी भी पीता है तो लोग हंसने लगते हैं.......


    जय हिंद....

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  18. बहुत बढ़िया..भाई खुशदीप जी यही तो राजनीति का सबसे बढ़िया लेसन है मुद्दे तो सब रहते है साथ ही साथ सामने वाले पर सवाल उठना राजनीति में सफल होने के लक्षण है..धन्यवाद भाई मजेदार तरीका राजनीति में जाने का..

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  19. शानदार ! आज आखिर हमने भी राजनीति सीख ही ली :)

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