रविवार, 13 दिसंबर 2009

मेरी परेशानी दूर कीजिए...खुशदीप

आज मैं ये माइक्रो पोस्ट अपनी एक परेशानी दूर करने के लिए लिख रहा हूं...ये छोटा सा सवाल कई बार मेरे सामने आता रहता है...और ऐसा एक बार भी नहीं हुआ जब मैंने विवाद का सामना नहीं किया...इसलिए इस दुविधा को हमेशा-हमेशा के लिए दूर करने की खातिर आपके दरबार में इसे पहुंचा रहा हूं....



ये दुविधा जन्मदिन की है...घबराइए नहीं मेरा जन्मदिन नहीं है...मैं सबके जन्मदिन की बात कर रहा हूं...बड़ी हस्तियों के जन्मदिन, आपका जन्मदिन, हम सबका जन्मदिन...मेरा सवाल है कि पहला जन्मदिन किसे माना जाए...उस दिन को जब इंसान दुनिया में आता है यानि जिस दिन जन्म लेता है...या उस दिन को जब इंसान एक साल का हो जाता है...

आपने नोट किया होगा कि कई बार एक ही इंसान के जन्मदिन को अलग-अलग प्रचार माध्यमों में अलग-अलग बताया जाता है...जैसे अभी दो दिन पहले दिलीप कुमार साहब का जन्मदिन आया था...दिलीप साहब का जन्म 11 दिसंबर 1922 को हुआ था...इस हिसाब से उनका दो दिन पहले यानि 11 दिसंबर 2009 को कौन सा जन्मदिन मनाया गया...87वां या 88वां...अगर 11 दिसंबर 1922 को जन्म वाले दिन दिलीप साहब का पहला जन्मदिन माना जाए तो ये 88वां जन्मदिन था...और अगर 11 दिसंबर 1923 को दिलीप साहब का पहला जन्मदिन माना जाए तो हमने इस साल उनका 87वां जन्मदिन मनाया...

मेरा अपना मानना है कि इंसान के जन्म वाले दिन को ही पहला जन्मदिन माना जाना चाहिए न कि तब जब एक साल का हो जाता है...इस लिहाज से इस साल दिलीप साहब का 88वां जन्मदिन ही मनाया गया....इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि दिलीप साहब ने 87वर्ष पूरे कर लिए हैं इसलिए उन्हें शब्दों में ...87 के दिलीप कुमार... कहना सही होगा लेकिन जन्मदिन 88वां ही कहना चाहिए...कृपया अब आप मुझे बताइए कि क्या सही है और क्या गलत...


स्लॉग ओवर

पेज थ्री टाइप फैशन डिजाइनर एक मोहतरमा मेकअप से सराबोर होकर रियल्टी टीवी के एक चैट शो में पहुंची...साथ में जवान बेटी...शो की होस्ट ने एक सवाल में फैशन डिजाइनर मोहतरमा की उम्र पूछ ली...अब पूरा देश शो देख रहा था...सही उम्र कैसे बता दी जाए 45...नो नो...इट्स 40...एक्चुअली 35 है...वन मोर करेक्शन 30...फाइनली 25...

तभी साथ जवान बेटी ने धीरे से मां के कान में कहा...मॉम, उम्र जितनी मर्जी कम बताओ, बस अपनी और मेरी उम्र के बीच नौ महीने का फ़र्क ज़रूर रख लेना...

28 टिप्‍पणियां:

  1. २ मई २००८ को आदि का जन्म हुआ.. २ मई २००९ को आदि का कौनसा जन्मदिन मनाया हमने.. पहला न.. 1st Birthday Party..

    स्लोग ओवर मस्त..

    उत्तर देंहटाएं
  2. रंजन भाई,
    यही तो मैं कहना चाह रहा हूं कि आपने आदि का 2 मई 2009 को पहला जन्मदिन मनाया....तो फिर 2 मई 2008 को क्या कहा जाए...सिर्फ ये कहा जाए कि उस दिन तो आदि का जन्म हुआ...इस नाते ये पहला जन्मदिन हो जाता है...वैसे अभी और ब्लॉगर भाइयों की भी राय आने दीजिए...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  3. भईये, काहे हम बुजुर्गों की उम्र एक साल और बढ़ा कर ऐसी तैसी करने में जुटे हो...संभाले तो वैसे ही नहीं संभल रही और आप एक साल और एड कर जाओ...क्या बिगाड़ किया भई हमने आपका..चेतक स्कूटर प्रकरण तक पर वाह वाह किये.. :) अब और क्या करें??? चरणों में गिर पड़ें??? हा हा!!


    :)

    हमारा २० वां जन्म दिन अगले साल है...जोड़ लो जैसे जोड़ना सुभिता में पड़े. :)

    उत्तर देंहटाएं
  4. स्लॉग ओवर:

    हमारा बड़ा बेटा १९ साल ३ महिने का हो जायेगा अगले २९ जुलाई को..:)

    उत्तर देंहटाएं
  5. मेरे ख्याल से पुराने समय में दवाईयों तथा उन्नत चिकित्सा तकनीकों के उपलब्ध ना होने की वजह से जन्म दर तथा मृत्यू दर में ज़्यादा अंतर नहीं होता था... इसलिए नवजात शिशुओं के अधिक समय तक जीवित बचे रह पाने में संशय रहता था...इसलिए उसके पैदा होते ही ज़्यादा खुशियाँ नहीं मनाई जाती थी...अब भी पँजाब में जब तक नवजात शिशु चालीस दिन का ना हो जाए...उसे नए वस्त्र नहीं पहनाए जाते हैँ... चालीस दिन का होने के बाद 'चोला' (नए वस्त्र पहनाने की शुरूआत)मनाया जाता है ...बच्चे का पहला वर्ष ठीकठाक निकल जाने के बाद ही उसका जन्म दिन मनाया जाता है...यही वजह है कि जन्म दिवस को पहले के बजाए दूसरे वर्ष से मनाया जाता है ....

    स्लॉग ओवर मस्त रहा

    उत्तर देंहटाएं
  6. is maamle me meri vaiyaktik rai kuchh alag hai aur use koi maanega nahin , isliye apneraam kuchh nahin bolega..


    haan......9 mahine ka fark to rakhna hi hoga,,,

    ha ha ha ha

    उत्तर देंहटाएं
  7. पहले वर्ष मनाया जाने वाला उत्‍सव जन्‍मोत्‍सव कहलाता है .. वर्ष पूरे होने पर ही जन्‍मुदिन मनाए जाने की परंपरा रही है .. इसलिए एक वर्ष पूरा होने पर पहला जन्‍मदिन मनाया जाता है !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. बोलचाल की भाषा में हम जिसे जन्मदिन कहते हैं वह वास्तव में जन्मदिन न होकर जन्म की वर्षगाँठ होती है याने कि किसी के जन्म होने के बाद वर्ष का पूरा होना। इस हिसाब से 11 दिसंबर 2009 को दिलीप साहब का 87वां जन्मदिन याने कि उनके जन्म की 87वीं वर्षगाँठ है।

    ज्योतिष में भी जन्म समय को लेकर मतभेद है, प्रायः ज्योतिषियों का मानना है कि माता के गर्भ से बाहर आने के समय को जन्म समय कहा जाता है किन्तु कुछ ज्योतिषी का तर्क है कि भ्रूण के माता के गर्भ में स्थापित होने के समय को जन्म समय होना चाहिये।

    उत्तर देंहटाएं
  9. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  10. इंसान के जन्म वाले दिन को ही पहला जन्मदिन माना जाना चाहिए

    बी एस पाबला

    उत्तर देंहटाएं
  11. पहला जन्मदिन तो वह है जिस दिन पैदा हुआ . और अगले साल उसने पहला साल पूरा किया . और वह हुआ फ़र्स्ट इयर वर्थ डे

    उत्तर देंहटाएं
  12. आप की बात सही है इंसान के जन्म वाले दिन को ही पहला जन्मदिन माना जाना चाहिए। गलत फहमी तब होती है जब हम उसे सालगिरह के साथ जोड़ कर देखते हैं। उस में एक अंक का अंतर रहता है। पहली साल गिरह दूसरे जन्मदिन पर पड़ती है।

    उत्तर देंहटाएं
  13. "Dilipji de birthday di statistics badi dimagi si!
    Sawere Swere bhootni ghoom gayi."
    Todays slog over was really very entertaining.

    'Pesh hai aapke slog over ka ek extension-'


    "Santa-When do you know ur kids have grown up?

    Banta-When ur daughter begins to put on lipstick or ur son starts to wipe it off."

    उत्तर देंहटाएं
  14. जन्मदिन वो होता है, जिस दिन पैदा होते हैं। इसलिए पहला जन्मदिन, पैदा होने वाला दिन ही होता है। लेकिन पहली सालगिरह तो एक साल बाद ही आती है।
    इसलिए ११ दिसंबर २००९ को दिलीप साहब का ८८ वां जन्मदिन , लेकिन ८७ वीं सालग्रह थी। यानि वो ८७ साल के हो गए।
    कोई शक ?

    उत्तर देंहटाएं
  15. जन्म दिन और वर्षगांठ में फर्क होता है दोनों को एक में मिला देने से यह संशय उत्पन्न हुआ है।
    स्लागओवर हमेशा की तरह मस्त है।

    उत्तर देंहटाएं
  16. जिस दिन पैदा होता है, बच्चा रोता है और एक साल बाद उसी दिन वह हंसता रहता है... तो उसकी हंसी-खुशी का पहला साल हुआ ना :) उसके बाद तो ऐसी करनी कर चलो तुम हंसो जग रोये:(

    उत्तर देंहटाएं
  17. देवेन्दर जी की बात सही है। अपने साठवें वर्ष के बाद हमे कुछ सीनियर सिटीजन की सहूलतें मिली हैं ागर पहला जन्म दिन गिने तब तो पिछले साल ही मिल जानी चाहिये थी जैसे हमारी बेटी का आज 35वीं जन्म की साल गिरह है अर्थात वो 35 साल की होगयी । ये 35 साल से वर्षगाँठ मना रही है इसका मतलव 36 साल पहले उसका जन्म दिन था तो गिन तो लिया इस दिन को तभी तो 36स्वां साल लगा है । स्लाग ओवर बहुत अच्छा लगा। बाकी समीर जी की बात भी सही है।

    उत्तर देंहटाएं
  18. मुहब्बत इक तिजारत बन गई है
    तिजारत इक मुहब्बत बन गई है
    किसी के दिल से खेल लेना,
    हसीनों की ये आदत बन गई है...

    शुक्रिया इन पंक्तियों के लिए .......!!

    स्लॉग ओवर लाजवाब है ......९ महीने का फर्क तो जरुरी होना चाहिए .... बहूत खूब .....!!

    उत्तर देंहटाएं
  19. खुशदीप भाई, आप परेशान ना हों आपकी परेशानी दूर करने में बड़े-बड़े विद्वान लगे हैं, भले वो परेशान हो जाएं पर आपकी परेशानी दूर करके छोडेगें, हा हा हा और भाई यो फ़ैशन डिजायनर की परेशानी तो उपरवाला भी दुर नही कर सकै म्हारी तो बिसात ही के सै, एक बुढी नै माताजी कहके हम ही फ़ंस गे थे बड़ी मुस्किल तै पीछा छुट्या, इब कसम खालई, अपणी जनम देण वाली माता जी नै छोड कै किसी नै भी माताजी कहण का जमाना नही रहया, मैड़म बोल्लो और आनंद मै रहो, कोई टेंशन मत ल्यो, हा हा हा

    उत्तर देंहटाएं
  20. गुरुदेव समीर जी,

    आपने स्लॉग ओवर पर आधारित जो हिसाब-किताब भेजा है उससे ये तो तय हो गया कि भाभी जी की उम्र इस वक्त 19 साल 4 महीने 14 दिन और बड़े साहबजादे की उम्र 18 साल 7 महीने 14 दिन है...रहे आप तो वो तो आप पिछले 30-40 साल से कह रहे हैं कि 20 साल का हूं, 20 साल का हूं...अब कोई न माने तो न माने...सबकी
    अक्ल पर ताले लगे हैं न...और कोई माने न माने मैं ज़रूर मान गया हूं...वैसे आपका ...पा... के सीक्वेल में काम करने
    के बारे में क्या इरादा है...

    जय हिंद...

    उत्तर देंहटाएं
  21. हा हा...बस आप मान गये..जग मान गया, समझो!!! :)

    उत्तर देंहटाएं
  22. कुछ लोगों को दूसरों का सुख देखने में कहाँ ख़ुशी होती है...??
    बैठ गए है जन्मदिन का हिसाब करने....हां नहीं तो.....
    वैसे ही हम परेसान है कि इ मुआ जन्मदिन काहे आजाता है ...और आप प्रोडूसर होने का पूरा फायदा उठाते हुए.....लगे है ब्रोडकास्ट करने.....
    हमरा जन्मदिन तो वैसे भी २९ फ़रवरी को है ....लगा लीजिये न हिसाब.....केतना उम्र है हमरा....कहीं से भी हम बालिग नहीं हैं हाँ
    नहीं तो....:):)
    स्लोग ओवर.....
    मेरी माँ का भी यही इंस्ट्रक्शन हैं मेरे लिए...हा हा हा हा

    उत्तर देंहटाएं
  23. दिनेशराय द्विवेदी जी व डॉ टी एस दराल जी से सहमत.......

    स्लॉग ओवर हमेशा की तरह लाजवाब है!!!!!!!!

    उत्तर देंहटाएं
  24. दिनेशराय द्विवेदी जी व डॉ टी एस दराल जी से सहमत..........

    स्लॉग ओवर हमेशा की तरह लाजवाब है!!!!!!!!!!!!!!!!!

    जय हिंद.........

    उत्तर देंहटाएं

  25. ऒऎ खुशदीपे, एह विच ते लफ़ड़ाई कोई नहीं ?
    जेह दिन बन्दा दुनिया विच टपका, वोह जनम-दिन !
    आगे साल जुडते जादें हण, इक साल बादि दस्सो पहला जनम-दिन, ते 60 साल पिच्छों 60वाँ जनम-दिन होवेगा !
    एह सिद्धी गलाँ नूँ इस तरियों उलझा मत यार !

    उत्तर देंहटाएं

  26. ओए रब्बा, एप्रूवल दा पँगा इत्थों वी ?
    ते असी टुरदे हण !

    उत्तर देंहटाएं
  27. सब सालों के चक्कर में पड़े हिं यहां :-)

    उत्तर देंहटाएं