शनिवार, 21 नवंबर 2009

मैं हूं "ब्रदर इंडिया"...खुशदीप

महफूज़ अली...http://lekhnee.blogspot.com/2009/11/blog-post_18.html

दीपक मशाल...http://swarnimpal.blogspot.com/2009/11/blog-post_20.html

मेरे दो छोटे भाई...दोनों कुंआरे...दोनों मुझे जान से प्यारे...अब इनके हाथ पीले करने की फ़िक्र बड़े भाई को नहीं होगी तो और किसे होगी...सॉरी...सॉरी हाथ पीले तो लड़कियों के होते हैं न...हां तो मुझे दोनों के शरीर नीले करने की फ़िक्र है...अब शादी के बाद रोज़-रोज़ पिटने पर शरीर नीला नहीं होगा तो क्या होगा...अगर मेरी आप-बीती पर यकीन नहीं आता तो फोटो पहेली कर हंसते हंसाने वाले राजीव तनेजा भाई से पूछ लो...वो तो यहां तक आपको बता देंगे कि बेलन आपकी तरफ किस एंगल से आए तो आपको कितने डिग्री पर शरीर को घुमा कर खुद को बचाना है...राजीव भाई की मुस्कुराहट का राज ही ये है...तुम जो इतना मुस्कुरा रहे हो...क्या गम है जिसको छुपा रहे हो...

हां तो मैं बात कर रहा था ब्रदर इंडिया की...पचास के दशक के आखिर में महबूब साहब ने बेहतरीन फिल्म बनाई थी.."मदर इंडिया"...उसमें नर्गिस मदर थीं और सुनील दत्त और राजेंद्र कुमार उनके दो बेटे...यहां मैं ब्रदर हूं...मैं खुद घर में सभी भाई-बहनों में सबसे छोटा हूं...इसलिए मुझे तो छोटे भाइयों पर रौब झाड़ने या सेवा कराने का मौका मिला नहीं...इसलिए शुक्रिया ब्लॉगिंग के इस शौक का जिसने मुझे दो इतने प्यारे छोटे भाई दे दिए...महफूज़ और दीपक...जैसी मदर इंडिया में स्पिल्ट पर्सनेल्टी सुनील दत्त और राजेंद्र कुमार की थी...वैसा ही कुछ मामला मेरे इन दो जिगर के टुकड़ों का भी है...सुनील दत्त के किरदार बिरजू की तरह ही मेरा महफूज़ थोड़ा नटखट है...और राजेंद्र कुमार के किरदार की तरह दीपक धीर-गंभीर...

महफूज़ मास्टर दावे तो करता है फ्लर्ट का किंग होने की...लेकिन वायरल बुखार में तपने के बावजूद घर में अकेला ही बार-बार किचन में जाकर चाय बनाता है...कम से कम अपनी एक सखी को ही बुलवा कर ही चाय-पानी की तीमारदारी का सुख ले लेता...हमारे मरहूम अंकल यानि अपने लेफ्टिनेंट कर्नल पिता से सवाल करता था कि आपने इतना हैंडसम बेटा ही क्यों पैदा किया...तो महफूज़ बेटा जी...अब आप जैसे हैंडसम को अपनी लाइफ का सम हल करने के लिए किसी नाज़नीन का हैंड थामने का वक्त आ गया है...ये जो बुखार में उबलने के बावजूद एसी की फर्र-फर्र हवा खाने का शौक चर्राया हुआ है न, ये हमारी बहू बेगम के आते ही हवा में न फुर्र हो जाए तो मुझे कहना...वैसे पापाजी के सामने तो बिगड़े स्कूटर के पुर्जे-पुर्जे अलग-अलग कर दिए थे...लेकिन अगर पराए घर की शहजादी के सामने ऐसी कोई हरकत करने की कोशिश की तो अपने शरीर के ही पुर्जे-पुर्जे होते दिखाई देंगे...

ये तो हुई महफूज़ की बात...अब आता हूं अपने दूसरे बाल गोपाल दीपक मशाल पर...आज अपनी पोस्ट पर बीती खुशी का ज़िक्र कर उसने दिल का कुछ हाल तो दे ही दिया...जनाब चोट गहरी खाए हुए हैं...घर से बाहर परदेस में डेरा है...अब इसके दर्दे-दिल की दवा क्या है...वैसे बचवा दो दिन बाद भारत आ ही रहा है...तब कान पकड़ कर थोड़ी दिल की बात निकालने की कोशिश करूंगा...इसे अब बीती खुशी की जगह बहुत सारी खुशी की ज़रूरत है...वैसे इस दीपक के भोले-भाले मुखड़े से धोखा मत खाइएगा...आज जनाब ने अपनी पोस्ट पर अनिल पुसदकर भाई की टिप्पणी पर जो हाज़िर जवाबी दिखाई है खुद को RAI (Randwa Association of India) का सदस्य बता कर, उसी से समझ लीजिए कि ये भोलू राम भी कम छुपा-रूस्तम नहीं है...

अभी तक सारी ब्लॉगर बिरादरी महफूज़ के सिर पर ही सेहरा देखने की फ़िक्र कर रही थी...जैसा कि टिप्पणियों में बार-बार दिखता ही रहता है...अब इस लिस्ट में दीपक मशाल का नाम और जोड़ लीजिए...और जिस दिन ये घड़ी आएगी...उस दिन की बारात के बारे में सोचिए...ब्लॉगर ही ब्लॉगर...ठीक वैसे ही जैसे शिवजी बियाहने निकले थे...अब भोले की बारात में कौन-कौन बाराती थे...ये भी मुझे बताने की ज़रूरत पड़ेगी क्या...

(आज का स्लॉग ओवर भी इन्हीं दो मोस्ट एलिजेबल बैचलर्स को समर्पित है)

स्लॉग ओवर

महफूज़ और दीपक...शादी के लिए लड़की चुनने से पहले खुशदीप का ज्ञान सुन लो...फिर न कहना...बड़े भाई ने बताया नहीं था...

आप एक हाउस-फ्लाई को बटर-फ्लाई बना सकते हैं...


लेकिन एक बटर-फ्लाई को कभी हाउस-फ्लाई नहीं बना सकते...

35 टिप्‍पणियां:

  1. जिनका जिक्र करते हैं उनका लिंक दे दिया करें भाई!

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  2. एक बटर-फ्लाई को कभी हाउस-फ्लाई नहीं बना सकते

    :-)

    बी एस पाबला

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  3. अरे खुशदीप भईया इतना बड़ा पक्षपात ये तो आपने बहुत गलत किया , । कुआरे तो हम भी है , हाँ ये है कि छोटा सबसे जरुर हूँ तब भी नम्बर तो आना चाहिए ।

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  4. अकेलापन (कुंवारापन)चुनाव होता है किसी ऐसे का, जिसके सामने संभावनाओं की बहुतायत हो –

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  5. मेरे बारे में भी कुछ ख्याल है तो समय रहते उगल दीजयेगा. किसी बड़े भाई ने तो मेरी फ़िक्र नहीं की है अब तक. आप (ब्लोगर भाई) करेंगे तो बारात का इन्तिजाम बिना कार्ड छापे हो जायेगा..

    आपने अच्छी चुटकी ली है दोनों हीरो(M.E.B.) की.

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  6. मिथिलेश बबुआ,
    अभी तुम्हारे पढ़ने-लिखने के दिन हैं...जब तुम्हारी भी दूल्हा बनने की उम्र हो जाएगी तो ज़रूर सोचेंगे...वैसे तुम तो यार नोएडा के हो, इसलिए किसी दिन मिल कर ही सब समझा दूंगा...

    जय हिंद...

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  7. सतरंगी बाबू,
    लगता है ब्लॉग पर मैरिज ब्यूरो खोल ही लूं...वैसे आपके प्रोफाइल पर उम्र का ज़िक्र नहीं है, इसलिए ठीक ठीक नहीं बता सकता कि आपके घोड़ी पर चढ़ने का सही वक्त आ गया है या नहीं...

    जय हिंद...

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  8. खुशदीप अगर ब्रदर इंडिया है तो शरद कोकास बिग ब्रदर है
    भाई खुशदीप पहला काम तो यह करो कि मिथिलेश को भी होनेवाले दूल्हों की लिस्ट मे शामिल कर लो । यह तीनो मेरे पास आवेदन लगा चुके हैं और मैं भी इनके लिये विज्ञापन बना चुका हूँ "सुन्दर,सुशील,ग्रहकार्य में दक्ष,चाय बनाने से लेकर चाय के बर्तन धोने तक के कार्य मे निपुण, कामवाली न आने की स्थिति में झाड़ू-पोछा करने में सक्षम,5 अंकों मे मासिक आय वाले 3 ब्लॉगर वरों के लिये सुयोग्य कन्याओं की तलाश है । अब यह प्रारूप देख लो फिर इसे पब्लिश कर देंगे तब तक हो सकता है 2-4 छोटे भाईयों के आवेदन और आ जाये । हो सके तो यह शुभ कार्य अगले ब्लॉगर सम्मेलन मे ही कर देना है ताकि ..एक पंथ दो काज का मुहावरा सफल हो ।

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  9. और हाँ यह सही है बालको की उम्र वगैरह ,के बारे मे ठीक ठाक पता लगा लेना वरना बाल विवाह कानूनी अपराध है यह तो पता है ना ?

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  10. हमारा पता शाष्त्री जी की डिरेक्टोरी से ले लीजियेगा ..........क्या कहे क्यों ????
    अरे भाई .......शादी का कार्ड नहीं भेजेगे क्या ??
    चलो कोई बात नहीं ...........बस एक बार दिखा तो दीजियेगा न .............बनवा हम खुद ही लेगे .....लेकिन........... किन्तु.........परन्तु.........बारात में चलेगे जरूर !!

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  11. उसदिन फ़ोन पर कहे थे महफूज़ मियां से कि एक पोस्ट लगा दो ब्लॉग पर कि मैं अपने निकाह के लिए अखबार में इश्तहार देना चाहता हूँ आप लोग अपने अपने आईडिया दीजिये तो जनाब बात हँसी में उड़ा दिए ! वैसे शरद भाई के जिम्मे यह काम है तो चिंता की कोनो बात नहीं !!

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  12. अरे अरे हमे भी बुला लेना भाई भगडा तो पंजाबियो का ही जचता है, फ़िर तो वेजा वेजा करवा देगे, वेसे खुश दीप भाई ने अपना तजुरबा लिख दिया है इन दोनो को, इस लिये खुश दीप को झा जी के संग संग मै इन दोनो के लिये भी सेंक करने के लिये चार बिजली की पट्टियां ले आऊगां अब इन्हे हिन्दी मै क्या कहे गे पता नही, लेकिन बेलन ओर चिमटे का दर्द इन से जल्दी अच्छा हो जाता है.

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  13. अरे शरद भैया, खुशदीप भैया, शिवम् जी.. ऐसी ख़ुफ़िया मंत्रणाएं सबके सामने नहीं करते... आप बड़े भाई(महफूज़ भाई की तो करिए) क्या पता कोई 'दीदी तेरा देवर दीवाना....' फिर से बन जाये...
    जय हिंद...

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  14. जिनका जिक्र करते हैं उनका लिंक दे दिया करें भाई!

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  15. मैंने तो डांस की कोचिंग लेनी शुरू भी कर दी है ..सीख गया तो ठीक नहीं तो तो कह दूंगा ..ब्लागर बाराती ऐसे ्ही नाचते हैं....गाना अदा जी से गवाएंगे ...और जी न्यूज पर खबर के लिए ..कोइ सहगल साहब कह रहे थे ...टैण...टेनेन.....

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  16. लगता है कि आपने कोई "मैरेज एजेंसी" खोल ली है और "ब्रदर इंडिया" पोस्ट के बहाने से पब्लिसिटी भी कर रहे हैं! :-)

    ठीक है भाई, करो अपने छोटे भाइयों को अपनी जमात में शामिल। पर उन्हें श्री गोपाल प्रसाद व्याज जी की रचना "पत्नी को परमेश्वर मानो" भी पढ़वा देना।

    पचास के दशक के आखिर में महबूब साहब ने बेहतरीन फिल्म बनाई थी.."मदर इंडिया"...

    यह उन्हीं की एक फिल्म "औरत", जो कि अपने जमाने में बुरी तरह से फ्लॉप हुई थी, की रीमेक थी किन्तु "मदर इंडिया" खूब हिट हुई। फिल्म मैक्सिम गोर्की के प्रसिद्ध उपन्यास "द मदर" पर आधारित थी।

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  17. क्यों दोनों की आज़ादी की वाट लगाने पर तुले हैँ मित्र?... अभी तो इनके खेलने-खाने के दिन हैँ...

    निकाह हो भी गया तो भी चाय तो महफूज़ भाई को ही बनानी पड़ेगी ...एक के बजाय दो कप...अब रही बात दीपक की...तो उसे मशाल बनने से पहले ही क्यों बुझा देना चाहते हैँ... आने वाले समय का मंज़र अभी से मेरी आँखों के सामने घूम रहा है...

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  18. राजीव भाई,
    समझा करो...बदला...रैगिंग क्यों की जाती है...सिर्फ इसीलिए न अपने साथ जो बीत चुकी है...उसी का थोड़ा गुबार निकल जाए...महफूज़ और दीपक नए रंगरूट है...इन्हें तपा-तपा कर कुंदन तो बनाना ही होगा न...

    जय हिंद...

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  19. अभी तक किसी टिप्पणी में ये प्रकाश किसी ने नहीं डाला कि शिवजी की बारात में कौन-कौन बाराती थे...अवधिया जी थोड़ा उस बारात के अलौकिक माहौल का वर्णन कर दे...ताकि बारातियों को वैसा गण-वेश धारण करने में सभी को आसानी रहे...

    जय हिंद...

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  20. खुशदीप जी, श्री तुलसीदास जी के अनुसार शिव जी की बारात में समस्त देवता थे किन्तु मुख्य बाराती उनके गण थे जिसका वर्णन उन्हों ऐसे किया हैः

    कोउ मुख हीन बिपुल मुख काहू। बिनु पद कर कोउ बहु पद बाहू॥
    बिपुल नयन कोउ नयन बिहीना। रिष्टपुष्ट कोउ अति तनखीना॥


    (कोई बिना मुख का है, किसी के बहुत से मुख हैं, कोई बिना हाथ-पैर का है तो किसी के कई हाथ-पैर हैं। किसी के बहुत आँखें हैं तो किसी के एक भी आँख नहीं है। कोई बहुत मोटा-ताजा है, तो कोई बहुत ही दुबला-पतला है।)

    तन कीन कोउ अति पीन पावन कोउ अपावन गति धरें।
    भूषन कराल कपाल कर सब सद्य सोनित तन भरें॥
    खर स्वान सुअर सृकाल मुख गन बेष अगनित को गनै।
    बहु जिनस प्रेत पिसाच जोगि जमात बरनत नहिं बनै॥


    (कोई बहुत दुबला, कोई बहुत मोटा, कोई पवित्र और कोई अपवित्र वेष धारण किए हुए है। भयंकर गहने पहने हाथ में कपाल लिए हैं और सब के सब शरीर में ताजा खून लपेटे हुए हैं। गधे, कुत्ते, सूअर और सियार के से उनके मुख हैं। गणों के अनगिनत वेषों को कौन गिने? बहुत प्रकार के प्रेत, पिशाच और योगिनियों की जमाते हैं। उनका वर्णन करते नहीं बनता।)

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  21. हाँ तो खुशदीप भईया आपकी एक समस्या का हल होते मुझे नजर आ रहा है , चलिए अच्छा आपको बता ही देता हूँ क्या, ? वह यह है कि अब शादी करवायेंगे आप तो उमसे नाचने वालो को भी करेंगे , लेकिन इससे अब आप बच सकते है क्योंकि अजय भईया ने डांस की क्लासेस शुरु कर दी है।

    जय हिन्द !

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  22. क्या बात है? आज तो स्टीक बाऊम्सर दिया है..ईश्वर उनकी रक्षा करे.:)

    रामराम.

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  23. लगे रहो खुशदीप भाई,मै तो दोनो को ये सलाह चाह कर भी नही दे सकता ना।वैसे आप ही तरह फ़ुरसतिया भैया,द्विवेदी जी,भाटिया जी मेरे भी पीछे लगे हुयें है।और पाब्ला जी तो शुरू ही करते है कब चलना है से,सूट कब सिल्वाऊं।सच मे ब्लाग जगत के रिश्ते कंही से आभासी नही लगते।कुछ नाम मैने लिख दिये हैं इसका मतलब ये नही है कि वे ही रिश्तेदार है बाकी भी उतने ही करीबी रिश्तेदार हैं,जिनसे मिले हों या ना मिले हों इस रिश्ते की मिठास तो दूर बैठे फ़ोन पर बतियाते हुये ही महसूस हो जाती है।वैसे एक नाम मै भी दूंगा अपनी तरफ़ से आवारा बंज़ारा संजीत त्रिपाठी का,खूब आवारागर्दी कर रहा है मैं चाहता हूं कि वो भी खूंटे से बंध ही जाये।रहा सवाल मेरा तो सब गुलाम रहेंगे(ज़ोरू के भई)तो आज़ादी का उदाहरण भी तो रहना चाहिये।हा हा हा हा हा।

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  24. खुशदीप जी, एक बात क्लीयर करें कि ये दोनों कुवांरें हैं या अविवाहित...?

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  25. योगेंद्र भाई,
    बड़ा सटीक सवाल किया है...दीपक तो भोला है...हां ये महफूज़ जरूर चंट लगता है....ऐसा करते हैं इन दोनों के वर्जिनिटी टेस्ट की ज़िम्मेदारी के लिए डॉ अमर कुमार की सदारत में एक पैनल बना देते हैं...इस पैनल के अन्य सदस्य रहेंगे....डॉ टी एस दराल, डॉ अरविंद मिश्र और डॉ अनुराग...इनकी रिपोर्ट मिलते ही ब्लॉग पर डाल दी जाएगी...सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा...

    जय हिंद...

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  26. aap hindi phonetic font ke baare me janna chahte the naa

    http://www.shahabjafri.com/2005/11/11/how-to-write-in-hindi-without-any-ime/

    par jaiye

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  27. "...अब इनके हाथ पीले करने की फ़िक्र बड़े भाई को नहीं होगी तो और किसे होगी.."

    अरे भैया, हाथ नहीं शरीर ही पीला हो जाता है... तेल, मायन, मंडवा, मंझा आदि यही तो रस्म है जो बालक को बडा बनाते हैं उपटन मालिश से :)

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  28. अभिभूत हूँ आपके प्यार और इज्ज़त से....... आपने बिलकुल सही विश्लेषण किया है मेरा..... हा हा हा हा हा हा ..... बहुत जल्दी ही सारे ब्लोग्गेर्स चलेंगे..... बाराती बन कर..... बस एक अदद लड़की खोज दीजिये..... सब लोग.....

    मिथलेश बाबू..... मेरा सबसे प्यारा छोटा भाई है...... अब मुझे उसकी भी फ़िक्र है.... जब तक के बड़े भाई कि शादी नहीं हो जाती .... तब तक तो बेचारा अटका रहेगा.... इसीलिए मैंने सोच लिया है कि..... अब जल्दी से..... मिथलेश भाई का रास्ता खोल दूं.... पर सबसे ज्यादा फ़िक्र दीपक की है... उसके standard की लड़की मिलना मुश्किल है... लेकिन खोज तो दूंगा ही....

    और प्लीज़ आप लोग मेरा VIRGINITY TEST मत कर्वायिएगा .... नहीं तो मेरी शादी में बहुत मुश्किलें आ जाएगी.... प्लीज़ घोड़ी चढ़ लेने दीजिये..... ही इह इह इह इही ही ही ....

    वैसे भी अदा जी.... ने ... मेरी सारी रेज़गारियों को इकठ्ठा करने का इरादा किया हुआ है....

    बहुत जल्दी ही सब चलेंगे..... मेरे बरात में.....

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  29. यार खुशदीप भाई मेरे दिमाग में एक आइडिया आया है ...मैंने सुना है कि इंग्रेजी भाषा में ब्लोग्गिग करने वाली कुछ ब्लागरनियां भी अपने लिये दूल्हे तलाश रही हैं ...का कह्ते हैं करा दिया जाए हिंदी इंग्रेजी का गठबंधन .....भई हमें तो इंग्रेजी बहू पसंद है ....इन लडकों से पूछ डालो ...सोचो यार बच्चे ....दोनों भाषा के ब्लागर ....वाह व्हाट एन आइडिया सर जी ....

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  30. अजय भाई,
    अंग्रेज़ों से बदला लेने का बड़ा मस्त आइडिया दिया है आपने...थोड़े टाइम बाद अंग्रेज़ कहा करेंगे...

    हिंदुस्तानी चले गए और औलाद छोड़ गए...

    जय हिंद...

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  31. खुशदीप भाई, पहले तो ये बताओ की बड़ा पत्नी पीड़ित कौन है ---आप या राजीव तनेजा।
    दूसरी बात ये की छोडो ये टी वी सी वी, ये धंधा अच्छा है, ब्लॉग पर ही चल निकलेगा।
    आधे से ज्यादा केस तो आज ही मिल गए।
    हमारी ज़रूरत पड़ी तो -- हम हैं ना। हा हा हा !

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  32. इंडियन ब्रदर जी,
    चिन्ते की बात नहीं है दीपक के लिए......उसे लड़की मिल गयी है.....हमारी बात भी हुई है...आवाज़ में मिश्री सी मिठास थी......३ दिन पहले उसका जन्मदिन भी था और हम जन्मदिन की बधाई भी दे चुके हैं... और कन्या बहुत सुशील लगी......गाना ऐसा गाती है कि बस ...आप सुनते रह जाओ...
    पिरोब्लेम महफूज़ मियां का है....तो कन्या की तलाश हम भी कर रहे हैं.....बोल चुके हैं वो हमसे ......जल्दी से ढूंढ दीजिये नहीं तो आपको हम यही कमेन्ट देते रहेंगे.....और आपको छापना ही पड़ेगा.....वर्ना ...

    शांत हो के मैं ठहर जाऊँ यह असंभव है ,
    लपटों को भी चीरकर मैंने खोजे हैं किनारे


    अब तो आप से ज्यादा महफूज़ मियाँ की शादी की जल्दी हमको और संतोष जी को है.....जल्दी से कोई लड़की देखिये नहीं तो .....हमरी शादी का बाजा बज जाएगा .....हा हा हा हा

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  33. अदा जी,
    मैंने अपनी पोस्ट में ही लिख दिया था कि बाल गोपाल दीपक मशाल दिखता ही भोलू राम (कुछ कुछ मेरे जैसा)
    है, लेकिन है पूरा छुपा-रूस्तम...आपने उसकी पोल खोलकर मेरा और शरद कोकास भाई का आधा काम आसान कर
    दिया...दीपक दो दिन बाद मेरे पास आ ही रहा है...तभी जन्मदिन और ताजा खुशी की बधाई भी दे दूंगा...

    अब रह गये महफूज़ मियां...इसकी रेज़गारी को दोबारा बांध कर रुपया बनाना... है तो मुश्किल काम...लेकिन क्या करें, अब बड़े भाई का फर्ज़ तो निभाना पड़ेगा ही...

    आखिरी बात, मैं ब्रदर सिर्फ महफूज़, दीपक, मिथिलेश, सुलभ सतरंगी और ऐसी ही कुंआरा मंडली का हूं... बाकी आपका आईक्यू बड़ा अच्छा है, मैं जानता हूं...

    जय हिंद...

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  34. कुवारो की वेटिग लिस्‍ट काफी बड़ी है, और 35 कुवारे एक साथ एक मंच पर :)

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