गुरुवार, 26 नवंबर 2009

लेट अस प्रेप्येर फॉर कैंडल मार्च...खुशदीप

"हमको कैंडल लाइट विजिल करना मांगता...आफ्टरऑल 26/11 का फर्स्ट एनिवर्सरी है...हम देश के रिस्पांसिबल सिटीजन है...हमारा भी कुछ मॉरल ड्यूटी बनता है...कैसे पता चलेगा कि हमारा सोशल ऑब्लिगेशन कितना स्ट्रॉन्ग है"...

शहर के इलीट क्लब में 25 नवंबर को यही हॉट डिस्कशन था...एक तरफ किटी की टेबल पर विदेशी परफ्यूम में तर-बतर मोहतरमाएं...और दूसरी तरफ बिलियर्डस की टेबल पर शाट लेते हुए जेंटलमैन
...साइड टेबल पर करीने से लाल परी से भरे क्रिस्टल के पैमाने भी सजे हुए हैं...

हां तो यंग मेन एंड यंग लेडीज़ (यहां उम्र जितनी भी हो जाए लेकिन चेहरे पर पैसे की चमक सबको एवरग्रीन यंग रखती है)...क्या प्रपोजल्स है कल के लिए...सोशल फंड से अभी एडवांस पास करा लेते हैं...कल कोई दिक्कत नहीं आएगी...

सबसे पहले मिसेज दारूवाला उठती हैं...मेरे ख्याल से कल इलीट क्लब से सिटी मॉल तक आधे किलोमीटर का कैंडल लाइट मार्च निकाला जाए...हमारे जैसी सेलिब्रटीज़ इसमें हिस्सा लेंगी तो शहर के आम लोगों को इससे अच्छा इन्सपिरेशन मिलेगा...मिसेज दारूवाला की बात खत्म होने से पहले ही क्लैपिंग से क्लब गूंज उठता है...

मिस्टर हाथी तत्काल मिसेज दारूवाला के प्रपोजल को सेकंड करते हैं...हां तो ठीक रहा कल हम सब शाम को पांच बजे क्लब में मिल रहे हैं...पहले वेलकम मेनू सेट कर लिया जाए...हाई टी और जूस के साथ चीज़ सैंडविच और गार्लिक ब्रेड ठीक रहेगी...भई हम सारे ही कलरी-कॉन्शियस है...ऐसा है सब को वॉक करना है तो सब को पाकेट में रखने के लिए ड्राई-फ्रूट्स के पैक दे दिए जाएंगे...एनर्जी का लेवल मेंटेन रहेगा...आपसे एक रिक्वेस्ट है, ड्राई-फ्रूट्स के पैक पाकेट में ही रखिएगा..ओपन करने से आम लोगों में अच्छा मैसेज नहीं जाएगा...

अभी मिस्टर हाथी ने अपनी बात भी पूरी नहीं की थी कि लड़खड़ाते कदमों से मिस्टर पीके माइक के पास आकर बोले...अरे मिस्टर हाथी मरवाएंगे क्या...इतनी लंबी वॉक...वो भी सूखे-सूखे...गला तर करने का भी कोई प्रपोजल होगा या नहीं..इस पर मिस्टर हाथी ने जवाब दिया...मिस्टर पीके...यू भी न...टू मच...बडी़ जल्दी वरी करने लग जाता है...अरे वॉक के बाद सिटी माल के ओपन टेरेस रेस्तरां में डिनर से पहले कॉकटेल का भी अरेजमेंट रख लेते हैं...वैसे कैंडल लाइट मार्च से थोडी दूरी पर एक मोबाइल कार-ओ-बार भी कन्वीनिएंस के लिए साथ-साथ चलेगी...

अभी ये बात चल ही रही थी कि मिस कलरफुल खडी़ हो गईं...मिस्टर सेक्रेट्री हमको आपसे एक शिकायत होता...पिछली बार जेसिका लाल इश्यू पर कैंडल लाइट मार्च निकाला था तो आपने प्रेस के जिन लोगों को इन्वाइट किया था, उन्हें ज़रा भी न्यूज़-सेंस नहीं था...मैंने उस ओकेशन के लिए स्पेशल चेन्नई से कांजीवरम की साड़ी मंगाया था...लेकिन अगले दिन पेज थ्री पर मेरा एक भी फोटोग्राफ नहीं छपा...मेरा दस हज़ार रुपया पानी में चला गया ...इस बार उन्हें पहले से ही अलर्ट कर दीजिएगा कि कल कैंडल लाइट मार्च को कवर करते हुए वैसा सिली मिस्टेक न हो...चाहें तो एंगल वगैरहा सेट करने के लिए एक बार फुल ड्रेस रिहर्सल भी कर लेते हैं...सभी रिस्पेक्टेड लेडीज़ ने मिस कलरफुल की बात को ज़ोरदार क्लैपिंग के साथ एप्रिशिएट किया...

इसके बाद सभी ने आखिरी नोट पर कल के प्रोग्राम की सक्सेस के लिए चीयर्स किया...

(...धन्य है हमारे ये सोशेलाइट्स)

23 टिप्‍पणियां:

  1. विविधता भरा देश है यहाँ के लोग भी विविध विचार वाले तो होंगे ना आज के दौर में सब कुछ चलता है..यही भारत का वास्तविक रूप है भाँति भाँति के लोग और भाँति भाँति के विचार ..क्या होगा आगे भगवान ही जाने..
    आपने एक बढ़िया प्रसंग उठाया अपने एक आज के पोस्ट के द्वारा...बहुत बढ़िया धन्यवाद खुशदीप जी

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  2. अनेकता में एकता
    हिंद की विशेषता |
    वैविध्य ही इस देश की समृधि है ...
    आभार ... ...

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  3. यही लोग हमारे देश के समाज सेवक है जिनका "सोशेलाइट्स" नाम करण किया गया है। अगर ये किसी बच्चे को दो केले और पुराने कपड़े भी देते हैं तो उसकी फ़ोटो अखबार मे होनी चाहिए, चाहे उसके लिए कैसे भी किसे भी मैनेज किया जाए। बस छ्पास रोगी है।

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  4. मिस कलरफुल और मिसेज़ दारूवाला!

    वाह! क्या सीन है!!

    बी एस पाबला

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  5. हाँ, यही तो हैं हमारे देश के सोशेलाइट्स ! अच्छी तस्वीर ।

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  6. अबी मेरे को बोलने का कि जोक का माफिक सीन किदर से लाया है आप...
    अबी हँसते हँसते मेरा थोबड़ा बिगड़ जायेंगा फिर ???
    मालूम मेरा बच्चा लोग कितना shocked हो जायेंगा !
    अबी नेक्स्ट टाइम पोस्ट डालने से पाहिले हंसने का वार्निंग देने का....नहीं तो अक्खा responsibility आपका होएंगा....बस

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  7. ऐसे ही होते हैं सोशेलाइट्स....!!

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  8. उफ!... तौबा
    आप और आपके इलीट क्लॉस के सोशेलाइट्स...

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  9. मै भी अक्सर इस इलीट वर्ग पर व्यंग्य करता हूँ लेकिन मिस्टर हाथी , मिसेज दारूवाला और और मिस कलरफुल को इस से कोई फर्क नही पड़ेगा .. वे तो यही कहेंगे .. ओ.. दिस इस मस्ट .. वेरी नॉर्मल.. ऑबिवियसली.....

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  10. अब जो लोग मर गये उनके लिये क्या जनम भर छाती पीटते रहेंगे? छाती पीटने और शोक मनाने से उनकी आत्मा को क्या दुख नही होगा?

    उनके सम्मान मे में शानदार 26/11 महोत्सव मनायेंगे तभी ही उनकी आत्मा को शान्ति मिलेगी।

    त्रेता युग में रामचन्द्र के अयोध्या वापस आने पर लोगों ने दीपावली के दिये जलाकर कर उन्हें प्रसन्न किया था। आज कलियुग में हम भी कैंडल जला कर और जश्न मना कर 26/11 के दिन स्वर्ग जाने वालों की आत्माओं को प्रसन्न करेंगे।

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  11. सोशलाईट्स की एकदम खरी तस्वीर बनाई आपने।

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  12. बहुत अच्छा व्यंग लिखा है, खुशदीप भाई।
    लेखन का ये अलग रूप देखा आपका।
    लेकिन एक बात अवश्य कहना चाहूँगा की इन कैडल लाईट मार्च की वजह से ही प्रियदर्शिनी मट्टू केस के अभियुक्त अस के सिंह आज सलाखों के पीछे हैं, और भी कई केसिज में पब्लिक आउटकराई का फायदा हुआ है।
    बाकी तो आप जानते ही है की बहुत सी बातें बस तमाशा ही होती हैं।

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  13. इस पर कहने को बहुत कुछ है पर बात बहुत दूर चली जाएगी...

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  14. आपने बहुत सही तस्वीर खिंची हैं इन सोशेलाइट्स की...हमारे नेता लोगों की तरह ये भी हर मौके का फायदा उठाने की फ़िराक में रहते हैं...पर कैंडल लाईट मार्च की अपनी अहमियत है...कल शाम हमारी कालोनी में भी ,बूढे,बच्चे,महिलायें,पुरुष,सबने इस मार्च में भाग लिया....और अच्छा लगता है, सबका यूँ एक साथ एक ही cause जुड़े रहना.

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  15. बहुत गजब का लिखा है भाई.

    रामराम.

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  16. खुशदीप जी आपने भी कलरफुल के लोये कलरफुल पोस्ट ही लगा दी न। लगता है आपको भी हिदायत आ गयी थी। बहुत सही तस्वीर खींची है । बहुत बहुत बधाई । ये इतने कलरफुल स्लागओवर कहाँ से आते हैं आपके पास ?

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  17. यह पूरा लेख ही स्लाग ओवर लगा :)

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  18. एक दम धो डाला ..बिना वाशिंग पाउडर और रिन की टिकिया के ...एक दम पटक पटक के चित्थडे चित्थडे....
    अजय कुमार झा

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  19. भैया .... आपसे बहुत माफ़ी चाहता हूँ..... देरी से आने के लिए.....
    (अभी तो आपकी नई पोस्ट आने वाली होगी..... सॉरी ! भैया ... आज लेट हो गया...)
    थोडा सा परेशां था.... emotional fool हूँ न.... हे हे हे हे हे ....

    आपने तो इस पोस्ट में बहुत अच्छे से धोया है...... हा हा हा हा .....

    जय हिंद

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