मंगलवार, 6 अक्तूबर 2009

मक्खन, करवा चौथ और "सयापा"

आज करवा चौथ है...लेकिन मक्खन ने सुहागिनों के इस दिन पर ही पंगा ले लिया...वो भी मक्खनी से...अब 440 वोल्ट के करंट में हाथ देगा, ज़ोर का झटका तो ज़ोर से लगेगा ही...मक्खन का हाल देखकर मैं भी चौकस हो गया हूं...पत्नीश्री के व्रत के दौरान उनका पूरा ध्यान रखना है, इसलिए आज लंबी पोस्ट नहीं...बस माइक्रो पोस्ट...यानि सिर्फ स्लॉग ओवर में करवा चौथ पर मक्खन की आपबीती से से ही काम चलाइए...और हां, ज़रा खुद भी आज पति-धर्म निभाइए...

स्लॉग ओवर
त्यौहारों का मौसम है...दीवाली से पहले मक्खन के गैरेज पर भी खूब काम आ रहा है...कोई खटारा गाड़ियों को दुरूस्त करा रहा है...तो कोई अच्छी भली चमचमाती गाड़ी को ही नई लुक देने पर तुला है...लिहाजा हमारे मक्खन महाराज को रात देर तक जाग कर कर्म ही पूजा है का मंत्र निभाना पड़ रहा है...ऐसे ही करवा चौथ से पहले की सरगी की रात को मक्खन को गैरेज पर ही रात के 2 बज गए...मक्खन घर आकर तीन बजे तक सोया ही था...कि कुछ मिनटों बाद खटपट-खटपट की आवाजों से मक्खन की नींद खुल गई...देखा पत्नी मक्खनी सरगी (करवा चौथ के व्रत से पहले तड़के खाया जाने वाला आहार) की तैयारी कर रही थी...इसी चक्कर में कुछ बर्तन खड़कने से शोर हुआ और मक्खन की कच्ची नींद हवा हो गई...थका-हारा मक्खन इस पर हत्थे से उख़ड़ गया...लगा मक्खनी को सुनाने....कुछ मेरा ख्याल भी है या नहीं...16 घंटे तक गैरेज में खप कर आ रहा हूं...मुश्किल से नींद आई ही थी कि तेरी इस खटपट-खटपट ने जगा दिया...वैसे वैसे आज तुझे ये क्या शौक चर्राया है...आधी रात को उठकर किचन में बर्तन पटक रही है...

मक्खनी भी आखिर कहां तक सुनती...फट पड़ी...बस हो गया तेरा...ये जो मैं सब कर रही हूं न...वो तेरा ही "सयापा" है...

(पंजाबी में सयापा किसी के मर जाने पर औरतो के रोने-धोने को कहते हैं...यहां मक्खनी का यही मतलब था कि मक्खन की लंबी उम्र का व्रत रखने के लिए उसे ये सब कुछ करना पड़ रहा है)

13 टिप्‍पणियां:

  1. वाह रे मक्खन जी की किस्मत...करवा चौथ वाले दिन भी हड़काए गये..बढ़िया स्लॉग ओवर..

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  2. मक्खन हों या कोई और यह तो याद रखना ही चाहिए कि कब करवा चौथ है।

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  3. अच्छा ध्यान दिलाया आपने ! तो आइए हम प्रण् लें कि हम पत्नीश्री के व्रत के दौरान उनका पूरा ध्यान रखेंगे :)

    इस से पहले कि मक्खन वाली हालत हो.....

    'जय हिंद'

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  4. बस हो गया तेरा...ये जो मैं सब कर रही हूं न...वो तेरा ही "सयापा" है..

    हाय नी मैं ते मर गई !!!
    करवा चौथ वाले दिन सुवेरे सुवेरे इन्ना वड्डा झटका...

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  5. बहुत ही मज़ेदार...पहले भी ये जोक सुना हुआ था लेकिन ज़रा दूसरे तरीके से...उसमें क्या होता है कि पति महोदय को करवाचौथ वाले दिन सुबह कहीं ज़रूरी काम से जाना होता है और उनकी पत्नि उन्हें नाश्ता देने के बजाए खुद बनने संवरने में ही व्यस्त होती हैँ ...इसी चक्कर में पति को देर पर देर हुए जा रही होती है तो वो अपने गुस्से पर काबू नहीं पा पाता और अपनी श्रीमति जी को एक ज़ोरदार डांट लगा देता है ...जिस पर तड़प कर पत्नि चिल्लाती है कि..."ऐ सारा स्यापा मैँ त्वाडे लय्यी ही कर रही हाँ"...

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  6. बेचारा माखन ...करवा चौथ नु भी बीबी नाल स्यापा करवा दिया ...रब मेहरबान होए उन्ना दे वास्ते ...!!

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  7. अपन तो टेंशन फ़्री है इस मामले मे,न बीबी न चौथ,न तीज,न दूज।

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  8. इस बार तो सुना है, मर्दनी भी व्रत रख रहे हैं.

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  9. अरे भई कम से कम करवाचौथ के दिन तो मक्खन को बख्श दिया होता।

    इस पोस्ट को पढ़ कर कवि श्री गोपाल प्रसाद व्यास की ये पंक्तियाँ याद आ रही हैं:

    यदि ईश्वर में विश्वास न हो,
    उससे कुछ फल की आस न हो,
    तो अरे नास्तिको ! घर बैठे,
    साकार ब्रह्‌म को पहचानो !
    पत्नी को परमेश्वर मानो !

    वे अन्नपूर्णा जग-जननी,
    माया हैं, उनको अपनाओ।
    वे शिवा, भवानी, चंडी हैं,
    तुम भक्ति करो, कुछ भय खाओ।
    सीखो पत्नी-पूजन पद्धति,
    पत्नी-अर्चन, पत्नीचर्या
    पत्नी-व्रत पालन करो और
    पत्नीवत्‌ शास्त्र पढ़े जाओ।
    अब कृष्णचंद्र के दिन बीते,
    राधा के दिन बढ़ती के हैं।
    यह सदी बीसवीं है, भाई !
    नारी के ग्रह चढ़ती के हैं।
    तुम उनका छाता, कोट, बैग,
    ले पीछे-पीछे चला करो,
    संध्या को उनकी शय्‌या पर
    नियमित मच्छरदानी तानो !!
    पत्नी को परमेश्वर मानो !

    कविता लंबी है, पूरी पढ़ने की इच्छा हो तो यहाँ पढ़ें - पत्नी को परमेश्वर मानो

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  10. सोचता हूँ, आज आपके घर आऊं और देखूं की भाभी की जी हूजूरी करते कैसे दीखते हो आप ? फिर कल ब्लॉग पर लगा दूँ - बड़ी खबर :)

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  11. वाह जी बड़े मीठे शब्द सुने आपने करवा चौथ पर ....मैं तो नाहक ही परेशां थी ....!!

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