गुरुवार, 17 सितंबर 2009

पोस्ट हिट कराने के पांच फंडे

इस पोस्ट को मैं क्या नाम दूं...पोस्ट का नाम धांसू है तो आधी फतेह तो वहीं हो गई...अब बड़े-बड़े माल्स वाले हिले हुए थोड़े होते हैं जो शो-विंडो पर इतना पैसा खर्च करते हैं...ग्राहक एक बार आए तो सही दुकान के अंदर, फिर तो मीठी-चुपड़ी बोलकर फंसा ही लेंगे...माल्स ही क्यों आजकल तो फिल्मों वाले भी बड़े समझदार हो गए...पता है मल्टीप्लेक्स में फिल्म दो दिन भी हाउस फुल ले गई तो प्रोड्यूसर, डिस्ट्रीब्यूटर, एक्जीबिटर और स्टार सभी गंगा तर जाएंगे...इसलिए फिल्म चाहे डिब्बा हो लेकिन प्रोमो बड़े जानदार बनाए जाते हैं...याद है न...चांदनी चौक टू चाइना...नाम ही सुनकर कोई भी टिकट कटा ले...ये बात और है कि फिल्म देखने के बाद फिल्म बनाने वालों को साइकाइ्ट्रिस्ट के पास भेजने के लिए खुद अपने खर्चे पर पर्ची कटा कर देने का मन करे....तो ऐसी होती है नाम की महिमा...अब आपको मुफ्त में ही बताता हू पोस्ट को हिट कराने के लिए उसके नामकरण के हिट फंडे...

1. पोस्ट चाहे जिस विषय पर, टाइटल में ब्लॉग या ब्लॉग से जुड़ा कोई शब्द ज़रूर घुसेड़ दो...
2. किसी फलाने जी का नाम लेते हुए ललकारो, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई...
3. दूसरे के मज़हब से जुड़ी कोई तीखी बात मिर्च मसाला लगा कर टाइटल पेश करो...
4.
सेक्स, पोर्न, टॉपलेस, अश्लील, वल्गर...ऐसे ही कोई टनटनाते शब्द टाइटल में डाल दिए जाएं
5. मैंने ऐसे पैसा कमाया, आप भी कमा सकते हो...इस तरह का कोई लॉलीपॉप टाइटल में फिट कर दो...

क्या कहा, आप अपने ब्लॉग पर ऐसा-वैसा कुछ नहीं कर सकते...तो फिर महान ब्लागर बनने का ख्याल भी दिल से निकाल दो...चलो अब सोचो अपनी नई पोस्ट का कोई फड़कता हुआ नाम...मैंने तो सोच लिया...पोस्ट हिट कराने के पांच फंडे
फिर स्ल़ॉग ओवर...अब रोज़-रोज़ कहां से लाऊं...क्या कहा, जहां से मर्जी लाओ, हमें नहीं पता...अब तो भईया लाना ही प़ड़ेगा...लीजिए झेलिए...

स्ल़ॉग ओवर
मक्खनी को पहली डिलीवरी होनी थी...मक्खन दिल्ली में था...मक्खन ने मक्खनी का हाल जानने के लिए मेट्रनिटी होम फोन मिलाया...लेकिन गलती से लाइन क्रिकेट स्टेडियम में मिल गई...
मक्खन ने पूछा...क्या हाल है...
दूसरी तरफ से जो जवाब मिला, उसे सुनकर मक्खन खुद गश खाकर गिर गया...
दरअसल जवाब मिला... 7 आउट हो गए हैं...उम्मीद है कि लंच तक कुछ और आउट हो जाएंगे...जो पहला आउट हुआ वो डक था...
(साभार-डॉ दिव्या सिकेरा, मुंबई)

40 टिप्‍पणियां:

  1. इस पोस्ट को तो हिट होना ही है !

    मुफ्त की सलाह जो हुई......

    हा हा हा हा हा हा हा हा हा

    मक्खनी को पहली डिलीवरी की हार्दिक बधाई !

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  2. आपकी पोस्ट पर बाद में सोचेंगे पहली मक्खनी का हाल बताएं

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  3. मै सोच रहा हूँ कि अगली पोस्ट का टाईटल ये रख देता हूँ:

    ’खुशदीप सहगल, ये क्या लिख रहे हो?’

    कैसा रहेगा? :)

    स्लॉग ओवर की पहली डक...हा हा!!

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  4. बढिया व्यंग्य...स्लॉग ओवर का जवाब नहीं

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  5. पहले फंडे का उपयोग तो आपने भी कर लिया !!

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  6. स्लाग ओवर तो गजब है । प्रविष्टि की चर्चा के कुछ सूत्र तो पकड़ा दिय आपने...।

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  7. संडे हो या मंडे,
    यूज करो ये फ़ंडे,
    हमने भी खूब किये जी,
    अब पड गये ठंडे...

    लगे रहिये ...लपेटने में...बहुतों को रगडा है ......

    मक्खनी जी की डिलेवरी..... ने श्रीलंका में श्रंखला जीत ली है...मक्खन जी को बता दें...

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  8. बढ़िया व्यंग्य !
    लेकिन इस तरह के फंडो से उस पोस्ट पर एक दो दिन तो पाठक आते है फिर इन पर कोई झांकता तक नहीं !

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  9. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  10. देशनामा का एक नया नाम
    स्‍लॉग ओवर के चलते
    ब्‍लॉग और ब्‍लॉगर के नाम को मिलाकर
    खुशनामा बनता है
    इंसान को यही जचता है
    हर इंसान खुश रहना चाहता है
    इसलिए सारे मंच रचता है।

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  11. सही कह रहे हो भैया, आंशिक रूप से. आजकल बदनाम में जो नाम छुपा है, लोग उसी का फायदा ज्यादा उठा रहे है. लेकिन काठ की हंडी, कब तक चलेगी?

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  12. लेकिन जब ये हथकंडे एकाध बार प्रयोग हो जायेंगे तो कोई आयेगा नहीं कि ये तो ऐसे ही लिखता है।

    समीरलाल जब अपना शीर्षक लिख लेंगे तो हम लिखेंगे समीरलाल खुशदीप सहगल के पीछे लगे- मामला गंभीर।

    स्लाग ओवर सुने थे लेकिन फ़िर भी मौज तो है ही।

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  13. यह तो खूब रही अगले पोस्टों में यह भी ट्राय किया जायेगा। :)

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  14. अरे आपने तो बड़ी ही तेजी दिखाई!
    एक ही महीने में इतने सारे फंडे कहाँ से सीख लिया भाई!!

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  15. आपके ब्लॉग पढ़कर लगता भी है और विश्वास भी है........

    छोटी सी शुरुआत चमत्कार बनकर सामने आएगी......

    जय माता दी

    शुभकामनायें!

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  16. हथकंडे कुछ ही समय काम आते हैं। फिर स्थायित्व को कंटेंट से ही आता है।

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  17. ऐसे हथकंडों से दो दिन लोग आते है फ़िर उस ब्लोग और लेखक दोनो को भुल जाते है...

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  18. खुशदीप भाई कुछ फंडे छूट गए... इसे भी जोड़ दीजिये...

    १- जैसे किसी के विचार से असहमत हो जाओ
    २- बेहद इमोशनल कमेन्ट डाल दो
    ३- दर्द को हौवा बना कर लिख्खो पर वो दर्द जो दृष्टिगोचर न होता हो...
    ४- जरुरत से ज्यादा विनम्र बनो और अंत तक भोले बने रहो...

    एक बात और आप जैसे टाइटल भी रख्खे को पोस्ट हित हो जायेगा... देखिये ११ बजे है और यह २१वां कमेन्ट....:) :):)

    स्लोग ओवर आज क्रिकेट से जुड़ गया....:)
    vv

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  19. गनीमत है स्टेडियम से मक्खन को ये नही बताया गया कि सेंचुरी पूरी हुई।बढिया हमेशा की तरह्।

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  20. वाह बहुत बढ़िया व्यंग्य किया है आपने! अच्छी लगी आपकी ये पोस्ट! बहुत खूब!

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  21. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

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  22. अपने बताए फंडे को तो आपने खुद पर ही आजमा लिया.....ओर दिखाई दे रहा है कि फंडा कामयाब रहा:)

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  23. नये प्रयोगो की बानगी, बहुत ही रोचक लेख है और कामयाब भी।

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  24. संडे-मंडे-अंडे-फंडे
    क्या मुल्ला क्या प्यारे पंडे
    पोस्ट पढ़ी बेहोश हो गये
    हालांकि बांधे थे गंडे

    बतलाऒ क्या करें रात भर हम बंधु
    स्याणे जी के साथ झरें-झर हम बंधु

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  25. ब्लागर आक्सफ़ोर्ड के नाम से एक ब्लाग ही न चला दिया जाये ?
    जिसका यह टैगलाइन भी हिट होगा, यह तो पक्का मान लीजिये
    " इत्थों वड्डे फ़ँडे वाले वड्डे फ़ँडाधीश महाराज़ दा अशीश पाओ जी "
    इक पोस्ट नाल टिप्पण दे तिन फ़सलाँ दी गरँटी

    इन जैसे नाम सरीखे स्थायी स्तँभ भी रहे, तो बुरा न लगेगा ।
    खबीस जिनको बनाया हमने मठाधीश
    सुरागिया के खुर्दबीन से

    गिरती टी.आर.पी. को सँभाले रखने के लिये बीच बीच में ऎसी शीर्षकों वाले पोस्ट ठेले जाते रहें तो क्या बात है

    उस पँक्चर साइकिल की याद में
    पोस्ट वही जो लफ़ड़े करवाये
    जो मैंने लिखा नहीं, वह किसी ने पढ़ा नहीं
    खिसके हुये मगज़कर का फ़ालतूफ़ँडिया ’फ़र्ज़ी’ से नोंकझोंक

    TRY NOW..

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  26. मेरी अगली पोस्ट का नाम होगा *भाईयो और बहनो इस खुश्दीप को पकडो ये आप सब के बारे मे क्या कह रहा है यकीन नहीं तो मेरी पोस्ट पढें*
    अब बतओ क्या ये पिस्ट हिट होगी? एक स्लाग ओवर मुझे भी भेज देना वही पोस्ट मे लिख दूँगी । बहुत अच्छे जा रहे हो शुभकामनायें

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  27. सोच रहा हूँ ब्लॉग कबूतर /कबूतरी के नाम से एक नया छिठ्ठा खोलूं अजी "राम राम "में क्या रखा है ?.
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,/ http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/
    ram ram bhai/

    बृहस्पतिवार, 23 अगस्त 2012
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle

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